ऐसे बना चंद्रप्रकाश से चंदा रानी

इस बार जैसे ही मैंने अपना हाथ पोपकोर्न की तरफ बढ़ाया तो पोपकोर्न की जगह हाथ किसी गर्म और लम्बी वस्तु पर चला गया. अंकल ने मेरा हाथ पकड़कर दबा दिया. मैं कुछ समझ पाता, इसी बीच उन्होंने मेरे सीने को दबाना और सहलाना शुरू कर दिया और धीरे से मेरे कान में बोले- बेटा तुम बहुत सुंदर हो. तुम एकदम लडकी की तरह हो. मैंने तुम्हें फिल्म दिखा रहा हूँ ना. तुम्हें मजा आ रहा है ना. तो थोड़ा मजा मुझे भी दे दो.
मैंने परदे की तरफ देखते हुए पूछा- मैं क्या करूं अंकल?
अंकल बोले- बस मेरे लंड की मालिश करते रहो!

मैंने अपने गोरे गोरे हाथ से उनके लंड को पकड़ लिया और ऊपर नीचे करने लगा. कस्बे में दो चार बार मैं अपनी मुठ मारी थी. बस उसी तरह अंकल का लंड हिलाने लगा. अपने हाथ से अंदाज लगाया कि उनका लंड बहुत बड़ा और मोटा था; एकदम गर्म था उनका लंड.

अब अंकल ने मेरी शर्ट के अंदर हाथ डाल दिया और मेरी चूची को सहलाने लगे.
आँखें मेरी परदे पर थी मगर ध्यान हट चुका था. आधा घंटा तक मैं अंकल की मुठ मारता रहा. तभी अंकल ने कसकर मेरे सीने को मुट्ठी में भर लिया और जिस हाथ से मैं मुठ मार रहा था, वह अंकल के गर्म वीर्य से गीला हो गया.

उन्होंने धीरे से मेरे हाथ को हटाया, अपने लंड को अंदर किया.
लिम्का की बोतल खोली और मेरी तरफ बढ़ा दी. मैंने कुछ घूंट पिए.
अंकल ने कहा- मुंह लगाकर पियो और फिर मुझे दे दो.
मैंने उनकी बात मानी. अंकल मेरी झूठी लिम्का पीने लगे.

फिर मेरे कंधे पर सिर रखकर कान में बोले- थेंक्स बेटा.

मैंने कुछ नहीं कहा लेकिन अब फिल्म देखने में मेरा मन नहीं लग रहा था. सामने परदे पर अमिताभ था. मैं उसके चेहरे को न देखकर उसकी चेन को देख रहा था.
इंटरवल होते ही हम बाहर निकले.

अंकल ने मेरी कमर को पकड़ रखा था. बाहर आते ही बोले- बेटा! चलो मेरे घर होकर आते हैं. वो सामने ही मेरा घर है. दस मिनट में आ जायेंगे.
एक बिल्डिंग में उनका घर था. एक कमरा, एक किचन और एक बेडरूम. अंदर घुसते ही उन्होंने दरवाजा बंद किया. मुझे बेडरूम में ले गये और कसकर लिपटा लिया.

मैं सम्मोहित सा उनके इशारे पर हरकतें करने लगा. उन्होंने मुझे जी भरकर चूमा. मेरे शर्ट और पैन्ट को खोला. अंडरवियर भी निकाल दी. मेरा चेहरा दीवार की तरफ करके वो नीचे बैठ गये और मेरे कूल्हों को धीरे धीरे काटने लगे.

उन्होंने अपने भी कपड़े खोल दिए. वो लम्बे चौड़े थे. उनका लंड लटका हुआ था. कोई पांच इंच का होगा. मेरा लंड तीन इंच का था उस समय. जब मेरा लंड खड़ा होता था तब वह साढ़े चार इंच का हो जाता था.
अंकल का लंड बिना खड़ा हुआ ही पांच इंच का था. मोटा भी बहुत था. रंग काला था.

वो बेड पर बैठ गये, मेरा चेहरा पकड़कर अपने लंड के सामने किया. अब उनका लंड खड़ा होने लगा था, धीरे धीरे झटके मार रहा था. एक हाथ से लंड पकड़कर वो मेरे गाल और होंठों पर रगड़ने लगे.
मुझे मुंह खोलने को बोला और मेरे मुंह में लंड डाल दिया तथा ऊपर नीचे करने लगे. मेरा दिमाग पूरा सुन्न हो गया था.

अंकल अपने दोनों हाथों से मेरी पीठ मसलने लगे. थोड़ी देर बाद उन्होंने पास में पड़ी तेल की शीशी उठाई और मेरी पीठ पर बहुत सारा तेल डाल दिया. तेल को बहते हुए वे पीठ के नीचे ले गये. तेल की धार मेरी गांड की दरार से बहती हुई नीचे फर्श पर टपकने लगी.

उन्होंने तेल से सनी उंगलियाँ मेरी गांड की दरार में घुमाना प्रारम्भ किया और फिर वे छेद को कुरेदने लगे. कुछ ही देर में उनकी उंगली मेरी गांड में अंदर बाहर हो रही थी.
उन्होंने मुझे बेड पर उल्टा सुलाया, मेरे पेट को पकड़कर ऊपर उठाया. घुटने पेट के नीचे किये. अब मेरे कूल्हे ऊपर उठ चुके थे. उन्होंने अपना लंड गांड की दरार पर चार पांच बार फिराया और फिर छेद पर रखकर जोर से दबाया.

यह पहली ही बार था मेरे लिए तो मुझे दर्द हो रहा था. मगर चेतना लुप्त हो गयी थी. मैं कोई विरोध नहीं कर रहा था. धीरे धीरे पूरा लंड मेरी गांड के अंदर था.
दस मिनट तक उन्होंने मेरी गांड मारी और फिर वहीं वीर्यपात कर दिया.
मैं उलटा होकर लेटा रहा.

कुछ मिनट बाद उन्होंने मुझे आवाज दी- चंदा उठो! सो गयी हो क्या?
मैं सीधा हुआ, मैंने कहा- अंकल, मेरा नाम चंदा नहीं चंद्रप्रकाश है.
वो बोले- आज से तुम सारे जमाने के लिए चन्द्रप्रकाश हो. मगर मेरे लिए चंदा हो. मेरी चंदा … चंदा रानी.
मैं- चंदा, चंदा रानी, मगर मैं तो लड़का हूँ अंकल.

अंकल- अब तुम मुझे अंकल मत बोलो. मेरा नाम सत्यम है, मैं एक कम्पनी में नौकरी करता हूँ. मैं इस दुनिया में अकेला हूँ. मुझे गांड मारने का शौक है. हर रविवार दो टिकट लेता हूँ और किसी की गांड मारता हूँ. मगर आज तुम्हारी गांड मारकर मुझे जो सुख मिला वो वैसा ही है जैसा मेरी वाइफ को चोद कर मिला था. मेरी वाइफ का नाम चांदनी था और मैं उसे चंदा कहा करता था. आज से तुम मेरी चंदा हो और मैं तुम्हारा हसबेंड हूँ. बोलो बनोगी ना मेरी चंदा. मैं तुम्हें अच्छे से रखूंगा. पढ़ाई में भी तुम्हारी मदद करूँगा. बस तुम हफ्ते में एक बार मेरा लंड चूसना और मुझसे गांड मरवाना. मैं तुम्हारी हर जरूरत पूरी करूंगा.

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