बहन बनी भाई की रखैल

bahen bani bhai ki rakhail चार साल पहले प्रकाशित हुई थी, उसके बाद से मैंने अपना कोई अनुभव साझा नहीं किया जिसके लिए मैं फिर से माफ़ी चाहती हूँ। जैसा कि मैंने बताया मेरे पास कई मेल्स आते है उसमें से ज्यादातर अपनी बहिन भाई भाभी किसी रिश्तेदार या किसी पड़ोस की भाभी को चोदने के बारे में पूछते हैं, उनसे मैं बस इतना कहूँगी कि आप मुझे मेल्स करते रहिये और मुझसे जितना हो सकेगा जरुर मदद करुँगी।

मार्च 2015 की बात है, मेरे पति साहिल जैन की सड़क दुर्घटना में आकस्मिक मृत्यु हो गयी. तब मैं 5 महीने के गर्भ से थी, उस सदमे से मैं इतनी टूट गयी कि कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूँ क्यूंकि साहिल जितना प्यार करने वाला कोई मिलना नामुमकिन था।

साहिल की मौत के बाद मैं वापिस अपने मायके आ गयी, यश उस वक्त पढ़ने के लिए विदेश गया हुआ था। अब मेरे घर में मैं, मेरे पापा और मम्मी थे.
जुलाई 2015 को मैंने एक बेटे को जन्म दिया।

साहिल की मौत के बाद मैं काफी टूट सी गयी थी, लेकिन कहते हैं ना कि गम भरने में समय लगता है, चूँकि मैं घर पर खाली खाली महसूस करती थी इसलिए मैंने पापा से ऑफिस जोईन करने की इच्छा जताई जिसे पापा ने मना कर दिया क्यूंकि पापा का कंस्ट्रक्शन का काम था जिसे संभालना मेरी लिए बहुत मुश्किल था।

चूँकि मैंने इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी की पढ़ाई कर रखी थी इसलिए पापा ने कहा- अगर तुम कुछ करना ही चाहती हो तो क्यों ना कोई BPO ज्वाइन कर लो!
जिसके लिए मैंने हाँ कर दी.

उन्होंने 1-2 जगह फ़ोन घुमाया, उनकी पहचान के ही एक गोयल अंकल थे जो काफी धार्मिक प्रवृति के थे, उनकी पत्नी की मृत्यु काफी पहले हो चुकी थी और उनकी कोई संतान नहीं थी।
उनकी खुद की एक आईटी कंपनी थी जो बड़ी कंपनी को टेक्निकल सपोर्ट देने का काम करती थी।

मैंने उन गोयल अंकल की वो कंपनी ज्वाइन कर ली, ज्वाइन करते समय उन्होंने बोला कि अब तुम इस कंपनी की मालकिन ही हो।

जनवरी 2016 में मैंने ऑफिस जोईन किया, गोयल अंकल ने मुझे खुद की बेटी कह कर मेरा परिचय दिया, गोयल अंकल ने मुझे पूरे स्टाफ से मुझे मिलवाया। अब मेरी जिंदगी फिर से पटरी पर आ चुकी थी।

2-3 महीनों में ही मैं सब काम समझ गयी और अब मैं पूरे ऑफिस को सँभालने के काबिल हो गयी थी, अब तक मैं अपने स्वर्गीय पति साहिल की मौत को लगभग भुला चुकी थी। मेरा भाई यश भी विदेश से आने वाला था, मैंने सोच रखा था कि यश भी मेरे साथ ज्वाइन कर लेगा तो मुझे मदद मिल जाएगी।

अप्रैल के पहले हफ्ते में यश को आना था, तय दिन मैं यश को लेने एयरपोर्ट पहुँच गयी। जैसे ही यश बाहर आया मैं उसे देखती ही रह गयी, यश बलिष्ठ शरीर का मालिक तो पहले से ही था। अब वो पूरा स्टाइलिश हो चुका था, उसे देखते ही मेरे अन्दर की कामवासना जो कि शांत हो चुकी थी फिर से उछाल मारने लगी।

यश बाहर आया, मुझसे रहा नहीं गया, मैंने यश को गले लगा लिया और उसके गालों पर एक चुम्बन दे दिया, यश को ये बिल्कुल भी अजीब नहीं लगा क्यूंकि मेरी शादी से पहले हीहम भाई बहन एक दूसरे से कई बार चुत चुदाई चुके थे।
यश ने भी उसका जवाब मेरे गाल पर चुम्बन देकर किया, हमें ये करते हुए कई लोग देख रहे थे। उन्हें शायद ये लग रहा होगा कि मैं यश की पत्नी हूँ।

यश के आने से मैं पूरे जोश में थी, मैं और यश कार में बैठे और घर की ओर चल दिए। मैंने रास्ते में से सिगरेट का 1 पैकेट लिया, जैसे ही मैं सिगरेट सुलगाने लगी मुझे खांसी आ गयी। शायद काफी दिनों के बाद स्मोक कर रही थी इसलिए खांसी आ गयी।

यश मेरी फिगर की तारीफ़ करने लगा, वैसे भी बेटे के जन्म के बाद से मेरा बदन और गदरा गया था, मेरे उभार जो कभी 34-36 के हुआ करते थे अब 38 से कम नहीं थे बस कमर 28 से 30 हो गयी थी।

मैंने कहा- अब मेरी फिगर पहले जैसी कहा रही, देखो मेरी कमर कितनी फ़ैल गयी है।
मेरे इतना कहने की देर थी कि यश का हाथ मेरी कमर पर था और बोला- बहना, मेरे लिए आज भी तुमसे सुन्दर कोई नहीं है!
इतना कहने के बाद उसने मेरे होंठों पर एक चुम्बन ले लिया।

मैंने भी कार साइड में लगाई और यश का साथ देने लगी।
हम दोनों एक दूसरे को चूमने में व्यस्त थे, इतने में घर से पापा का फ़ोन आ गया और पूछने लगे कि हम कहाँ हैं। पापा को बताया कि हम रास्ते में हैं, हम चलने लगे, मैंने यश से कहा कि मैं तो तुम्हारी ही रखैल थी और हूँ, ये सब बाद में कर सकते है अब घर चलते हैं। सभी तुम्हारा इन्तजार कर रहे होंगे।

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