बेहन को सिपाही ने चोदा

बाहर बारिश थी कम होने का नाम नही ले रही थि. कॉफी पीने के बाद रामकुमार बोला चलो मॉल घूमते है. शालु चल पड़ी.रामकुमार को एक आदमी दिखाई दिया तो उसने कुछ बात की. मेरी बेहन रामकुमार के साथ चल पड़ी.2 न्ड फ्लोर पर रामकुमार एक रूम मे घुस गया और मेरी बेहन को भी आने को कहा. मजबूरी मे शालु को भी आना पड़ा वो मॅनेजर का रेस्ट रूम था जो रामकुमार का दोस्त था. रूम मे सोफे के साथ एक बिस्तर भी लगा था.दोनो अब सोफे पर आस पास बैठे थे. बातचीत नही हो रही थी बस खिड़की से बारिश रुकने का वेट कर रहे थे.

तभी रामकुमार मेरी बेहन के एकदम करीब आ गया उसका सीना शालु की कुंचिया से टकरा गया. रामकुमार ने स्माइल दी तो मेरी बेहन शालु शर्मा गई .बस रामकुमार ने फॉरन मेरी बेहन को बाहो मे जाकड़ लिया. मेरी बेहन घबरा गई और झुटने की कोशिश की पर रामकुमार की मजबूत पकड़ से छूट नही पाई. रामकुमार ने अपने होंठ शालु के होंठो से चिपका दिए और चूसने लगा. मेरी बेहन कुछ समझ ही नही पाई.रामकुमार ने हाथ बढ़ाकर मेरी बेहन शालु की कठोर चुचियो को थाम लिया और सहलाने लगा.

रामकुमार ने दोनो हाथो से चुचियो की पिस्साई शुरू कर दी. मेरी बेहन के मुँह से दर्द भारी सिसकारी निकल गई.रामकुमार ने एक हाथ नीचे कर मेरी बेहन शालु की चुत पर रख दिया और कपड़ो के उपर से ही सहलाने लगा. मेरी बेहन झुटने की कोशिस कर रही थी पर रामकुमार के हाथ मान ही नही रहे थे. अब रामकुमार ने शालु की कुरती उतार दी. उफ्फ ब्लॅक ब्रा मे बड़े आम जैसे रस से भरी हुए चूंचिया रामकुमार के हाथो मे थी..अब रामकुमार शालु की चुचियो पर पिल पड़ा और कस कस मासनले लगा.रामकुमार ने शालु की सलवार का नारा एक झटके मे खोल दिया .सलवार पैरो पर गिर गई. ब्लॅक पैंटी मे उभरी हुए चुत सॉफ दिख रही थी.अब रामकुमार ने मेरी बेहन शालु को गोदी मे उठाया और बिस्तर पर डाल दिया और फॉरन शालु पर चढ़ गया उसे डर था की कही शालु भागने की कोशिश ना करे. पर शालु ने एसा कुछ नही किया.

शालु पर चड़े चड़े रामकुमार ने अपने कपड़े उतार दिए . रामकुमार का 8 इच लंबा लंड रोड की तरह तना हुआ था.जिसे देख कर मेरी बेहन शर्मा गई और उसने अपनी चुचियो को अपने हाथो से छुपा लिया.लेकिन रामकुमार कहा मानने वाला था .रामकुमार के बालिस्त बदन के नीचे मेरी बेहन कमसिन गुड़िया की तरह दबी हुए थी.रामकुमार बेतहाशा शालु की चुचियो को मसल ने लगा. उसका एक हाथ पैंटी मे चुत पर था. अब रामकुमार ने ज़बरदस्ती मेरी बेहन शालु की ब्रा और पैंटी भी उतार दी. मेरी बेहन शालु पूरी तरह नंगी थी .रामकुमार भूखे भेड़िए की तरह शालु पर टूट पड़ा. उसने शालु को सिदा किया और अपने लंड के सुपडे को शालु की चुत पर रख दिया. शालु की चुत सीस्या गई. रामकुमार ने बिना देर किए एक झटका मारा और शालु की चुत को फाड़ता हुआ लंड अंदर तक घुस गया. शालु के मूंख से चीख निकल गई और वो झटपटाने लगी.

रामकुमार बेदर्दी से धक्के मार रहा था. रामकुमार का लंड बड़ी तेज़ी से अंदर बाहर जा रहा था/ शालु के मुँह से दर्द भारी सिसकारिया निकल रही थी.रामकुमार शालु की चुचियो को नींबू की तरह निचोड़ रहा था.वासना का तूफान चरम पर था मेरी बेहन को भी मज़ा आने लगा .काफ़ी चुदाई के बाद रामकुमार ठंडा पड़ गया और अपने लंड का पानी शालु की चुत मे ही झोड़ दिया. रामकुमार का लंड खून से भीग कर लाल हो गया था. मेरी बेहन की कुवारि चुत फट चुकी थी.और सूज गई थी .बारिश भी रुक गई थी. रामकुमार उठ कर सॉफ होने चला गया. मेरी बेहन भी फ्रेश हो गई और दोनो घर आ गये.

बाद मे मेरी बेहन शालु को रामकुमार ने कई बार चोदा. रामकुमार ने बताया की वो रेखा और उसकी मम्मी को भी चोद चुका है. रेखा ने ही रामकुमार को मेरी बेहन की चुदाई करने को कहा था रेखा प्लॅन बनाया थी किस तरह से रामकुमार मेरी बेहन को पटा कर चोदेन्गा.रेखा का प्लॅन कामयाब हो गया था. मेरी कुँवारी बेहन का भोग रामकुमार ने लगा लिया. बाद मे रेखा ने मेरी बेहन को ब्लॅकमेल करके अपने भाई से ही उसके घर पर चुदवा दिया. कहानी पढ़ने के बाद अपने विचार नीचे कॉमेंट्स मे ज़रूर लिखे, ताकि हम आपके लिए रोज़ और बेहतर कामुक कहानियाँ पेश कर सके – डीके 

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