बहन का दीवाना

मेरा नाम ज़ाहिद है मैं लाहोर का रहने वाला हूँ, मेरी उमर 28 है और कुवारा हूँ लंड का साइज़ 7″ है और मोटा 3.4 है मेरी आईडी ([email protected]) है आप फ़ेसबुक पे भी जोइन कर सकते है, मुझे इन्सेस्ट कहानियाँ पढ़ने का बोहुत शॉंक है मैने जब इन्सेस्ट कहानियाँ पढ़ना शुरू किया तब से वो मुझे बहन की मेरे लॅंड को प्यास ज़्यादा लगने लगी थी, वो बोहुत साधी और मासूम थी पर उसका गदराया स्लिम जिस्म बहोत दिल ललचाता था, मैं जब उसको घर मे चलते फिरते देखता तो मेरा लॅंड अंगड़ाइयां लेने लगता, मैं उसको हर वक्त हवस भरी नजरो से देखता उसकी उभरी हुई गॅंड को देखता जब वो काम कर रही होती और झुकती मैं उसके चुचे देखता उसके सीने पे नज़र रखता बहोत बार उसके नाम की मूठ मारी है दोस्तो पर बात आगे नही बढ़ रही थी, क्योकि मैं डरता था एक दिन आइडिया आया की वो फ़ेसबुक यूज़ करती है तो मैने भी एक फेक आईडी बना डाली और उसको आड़ कर लिया और वो मुझसे गप-शप लगाना शुरू हो गयी, मैने उसे भी इन्सेस्ट स्टोरीस पढ़ने को कहा उसने मना कर दिया पर कुछ दिन बाद वो मुझे सेक्स चॅट के लिए कहने लगी, मैं समझ गया की इसने पढ़ ली है.

2-3 हफ्ते हम सेक्स चॅट करते रहे उसने मुझे मिलने को कहा मैने मना किया और कहा की अपने भाई से कर लो तो वो नाराज़ हो गयी और मुझसे चॅट करना छोड़ दिया पर एक हफ्ते के बाद मेसेज आया की भाई नाराज़ हो गये तो मुझे मारे गे, मैने कहा की कुछ नही होगा पर वो डर की वजा से ना ना करती रही और कहती रही की तुम मिलो, मैने अपनी आईडी डीक्टिवेट कर दी क्योकि मैं जानता था की अब आग पूरी लग गयी है, अगले दिन उसकी आँखो मे भी तब्दीली थी, वो भी मेरे लॅंड को देखती थी चोरी-चोरी मैने नोटीस कर लिया था, उसने बड़े गले वाली शर्ट पहनना शुरू कर दिया, वो मेरे सामने जान बुझ के झुकती थी ताकि मैं उसके चुचे देख सकु ऐसे ही दिन गुज़रते गये, मामू के बेटे की शादी आ गयी हम सुबह वहाँ चले गये मुझे दूसरे दिन एमर्जेन्सी काम के लिए वापिस आना पड़ा, जब मैं आने लगा तो मम्मी ने कहा समरीन को भी ले जाओ खाना बना दिया करेगी, मैं तो खुशी से फूल गया वो भी हस रही थी, मैने उसको लिया और घर वापिस आ गया आते-आते रात हो गयी थी, मैने कहा खाना बाहर से ले आता हूँ उसने कहा की ठीक है, मैं भी फ्रेश हो लून मैं खाना लेने चला गया और जब आया वो बेड पे लेटी सो रही थी.

उसका ट्रौज़र घुटने तक आ गया था या शायद उसने खुद किया था, उसकी चुचियों का साइज़ 34 जो बाहर निकल रहे थे, मैने देखा तो मेरे अंदर का जानवर जाग गया अभी सोच ही रहा था की उसने अपनी टाँगे फैला दी उसका ट्रौुझार नीचे से फटा हुआ था, मैं और पागल हो गया जब उसकी पिंक कलर की छोटी सी चुत देखी जिसपे हल्के-हल्के 1-2 दिन की शेव जीतने बाल थे, मुझसे रहा नही गया मैं पास चला गया उसकी चुत पे मूह रख दिया उसने आहह भारी और मेरा सिर पकड़ के अंदर दबाने लगी, मैं पूरी ज़ुबान अंदर बाहर करने लगा, वो आआआः ऊऊऊऊऊहह प्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ अर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर करो करने लगी, मैं भी पागल हो गया और उसकी चुत को काटा तो उसके मूह से आवाज़े आए आआआआः प्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ धीरे-धीरे करो, मैने उसके पेट को चाटने लगा वो मस्त और मदहोश हो गयी और उसकी साँसे तेज़ हो गयी, मैने जब उसकी चुचियाँ प्रेस की और चूसा, उसने खुशी से गले लगा दिया, मैने किस शुरू कर दी मैने उसकी चुत पे हाथ रखा और उंगली अंदर डाली तो वो उछल पड़ी मैने चाटना शुरू कर दिया और 5 मिनट बाद उसने आआआआआआआः के साथ अंगड़ाई ली और ठंडी हो गयी, उसकी चुत ने पानी छोड़ दिया था.

मैने उसका सारा पानी पी लिया और चाट रहा चाट चाट के सारा पानी सूखा दिया, मेरा लॅंड भी कुछ माँग रहा था, मैने उसको कहा की इस का क्या करना है, वो बोली जो हुकुम मेरे भाई, मैने कहा उसको की लंड चूसो, उसने तभी उसे चूस दिया, थोड़ी देर बाद मैं उसके मूह मे झड़ गया और हम गले मिल के लेट गये, थोड़ी देर बाद उसने फिर मेरे लॅंड से खेलना शुरू कर दिया, कभी किस करी कभी दांतो से काटी मेरा लंड भी खड़ा हो गया मैने उसके चुचे चूसे और उसकी चुत को चाटा, उसकी आवाज़े पूरे रूम मे गूंजना शुरू हो गयी, वो मेरा लॅंड पकड़ के अपनी चुत पे रगड़ना शुरू कर दिया पर जब भी मैं हल्का सा अंदर करने लगता वो उछल पड़ती, मैने सोचा प्रेग्नेंट ना हो जाए चलो गॅंड मारते है, मैने उसकी गॅंड को ओइल से नहला दिया उंगली से अंदर भी लगा दिया, फिर अपने लॅंड को भी लगाया, फिर उसकी गॅंड पे रख के ज़ोर लगाया अभी टोपा अंदर गया था की उसकी चीख निकली और वो दर्द से रोने लगी हल्का सा ब्लड भी निकला, मैने लंड बाहर निकाल लिया और उसके चेहरे को किस करने लगा, उसकी बॉडी को किस करता रहा और उसका चेहरा पकड़ के लॅंड पे ले गया, वो चूसने लग गयी और उसको फिर मज़े मे सारा दर्द भुला दिया.

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