मेरी चुदक्कड़ बहन ने अपनी चुदासी सहेली मुझसे चुदवाई

behen ki saheli ki chudai कुछ दिन पहले मैंने इसी साईट के ऊपर आप लोगों को कार सिखाने के लिए बहन को गोदी में बिठाने की बात बताई थी! याद आया! अब उसी बात को थोडा और आगे बढाते हे! बहन को फिर तो मैंने अगले कुछ दिनों तक खूब चोदा. दीदी भी टाँगे ऊपर कर के लंड ले लेती थी मेरा. फिर एक दिन हम दोनों में बातचीत हुई.

मैं: दीदी आप ने हम दोनों के बारे में किसी को बताया तो नहीं ना? दीदी: सच कहूँ तो एक को बताया हे! मैं: क्या मतलब किसी को बताया हे, पागल हो तुम, साला सब प्रॉब्लम होगा! दीदी: अरे सुनो तो मैंने ये नहीं बताया की हम सेक्स करते हे!

मैं: फिर क्या बोला हे तुमने? दीदी: मैंने अपनी एक ख़ास सहेली को बोला की हम दोनों ओरल करते हे महीने में एक दो बार बस. मैं: दीदी तुम भी पागल हो, अब वो किसी को बता देगी तो इज्जत का भाजी पाला हो जाएगा. दीदी: अरे बाबा वो किसी को नहीं कहेगी, वो मेरी बेस्ट फ्रेंड से स्कुल के दिनों से. तुम भी उसे जानते ही हो.

मैं: कौन प्रिया?

दीदी: हाँ!

मैं: यार कम से कम उसे एक बार बोल दो की किसी के आगे भी इस टॉपिक को ना छेड़े. साला मैं तो काँप रहा हूँ.

दीदी: अरे बाबा इतना क्यूँ डरते हो तुम.

मैं: दीदी मैं सिर्फ आप के लिए ही डर रहा हूँ. जीजे को पता चला तो गांड में गोली मारेगा और डिवोर्स देगा वो अलग से!

वो बोली: सोरी लल्लन जो हो गया सो हो गया अब इतना भी मत बिगडो.

फिर दीदी मेरे पास आई और उसने अपने टॉप को ऊपर कर के अपनी एक चुन्ची निकाल के मेरे मुहं में भर दी. मैं उसके निपल्स को सक करने लगा. दीदी ने कहा, चलो अन्दर.

फिर उसके कमरे में मैं उसे चोद रहा था तब फिर से प्रिया की बात निकली.

मैं: वैसे तो प्रिया भी एकदम कडक माल हे दीदी!

दीदी: हाँ सच में.

ये कहते हुए दीदी ने मुझे आँख मारी. मैंने अपने लंड के झटके उसकी चूत में बढ़ा दिए. दीदी भी उछल उछल के लंड लेती गई. 10 मिनिट के बाद मैंने लंड का पानी उसके बुर में छोड़ा और हम नंगे एक दुसरे से लिपटे हुए थे.

दीदी: एक काम करते हे.

मैं: क्या?

दीदी: प्रिया को हमारे साथ थ्रीसम में मिला लेते हे, फिर वो किसी को कहने की हिम्मत करेगी ही नहीं!

मैं: तो क्या तुम्हे डाउट हे की वो किसी को कहेगी! थ्रीसम में लेंगे तो साली को नहीं पता हे वो सब भी पता चल जाएगा ना.

दीदी: देखा तुम फिर से बिगड़ गए. वो किसी को बताने के लायक ही नहीं रहेगी ना. तुम्हारा पेनिस ले लेगी फिर!

मैं: तुम उसे राजी कैसे करोगी?

दीदी: वैसे मैंने हमारी बात करी थी उसे तो वो उत्सुक सी थी एकदम. इसलिए अगर मैं कहूँगी की मेरा भाई तुम्हारे साथ थ्रीसम के लिए रेडी हे तो वो शायद तो मना नहीं करेगी. और अगर वो मान गई तो हमें भी कुछ नया करने को मिलेगा ना!

मैं: साला ये सब आइडिया तुम्हारे दिमाग में कैसे आने लगे?

दीदी: भाई पोर्न तुम अकेले थोड़ी देखते हो!

अब भला मैं कैसे मना कर सकता था. मुझे तो बहन के साथ उसकी हॉट सहेली को भी चोदने का मौका मिल रहा था. मैंने दीदी को कहा आप बात करो प्रिया से और उसे ले आओ घर पर. दीदी ने कपडे पहन लिए और फिर मैं भी निकल गया कमरे से.

दुसरे दिन दीदी बोली: लल्लन एक गुड न्यूज हे भाई!

मैं: क्या हुआ अब?

दीदी: उसने हाँ कह दिया!

मैं: सच.

दीदी: मुच!

मैंने दीदी को वही गले से लगा लिया और उसे चूमने लगा. वो बोली अरे पागल यहाँ पर नहीं.

फिर दीदी बोली: लेकिन उसे नहीं बुलाएँगे ठीक हे. एक कमरा ले लेंगे हम लोग.

मैंने कहा: कमरा क्यूँ?

वो बोली, ऐसे ही सेफ्टी के लिए, अरे हाँ रुको कुछ 3 4 दिन में उसके पेरेंट्स वैसे भी अमरिका जा रहे हे, कमरे की जरूरत नहीं हे. उसके घर पर वो और उसकी बुआ ही होगी. बुआ को पढ़ाई के बहाने निचे बिठा के हम ऊपर चोद सकते हे.

प्रिया अभी पढ़ रही थी, दीदी ने पढ़ाई छोड़ दी थी लेकिन वो उसकी बुआ को पता नहीं था.

और फिर उसी शाम को दीदी ने हम तीनो का एक व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाया जिसमे गंदे जोक्स, शायरी और हॉट क्लिप्स एड होने लगे. हम लोग रोज रात को ग्रुप सेक्स चेट भी करते थे. प्रिया की उभरती हुई जवानी को देख के एक एक दिन निकालना मुश्किल सा हो रहा था अब तो. प्रिया भी कुछ दिन में इजी हो गई हमारे साथ और वो भी रांड, छिनाल, लंड चूत, भोसड़ा, प्रिक जैसे शब्द बोलने लगी थी.

उसके पेरेंट्स के जाने के बाद प्रिया ने चेट में बताया की वो लोग चले गए तुम लोग कब आ रहे हो मेरे घर?

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