भाभी की चूत का स्वाद

हाय दोस्तो, मेरा नाम रोहित है और मैं मुंबई का रहने वाला हूँ, दोस्तो अगर कोई लड़की या हाउसवाइफ मेरे साथ फ्रेंड्शिप करना चाहती हो तो मुझे मैल करे, मेरी मैल आईडी है “र29आहूल@गमाल.कॉम”, आज मैं आप सबको अपनी एक सच्ची सेक्स स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ.

ये चुदाई की कहानी मेरी और मेरी भाभी के बीच सेक्स की है, मेरी भाभी और मैं बहोत आछे फ्रेंड्स है, मैं बहोत मजाकिया किस्म का लड़का हूँ, इसलिए मैं अपनी भाभी से बहोत मज़ाक करता हूँ और वो भी मुझसे खुल के बाते करती है, मेरी भाभी का फिगर 36,30,36 है और वो ग़ज़ब की खूबसूरत भी है उनका नाम कोमल है.

अब मैं इंडियंसेक्श स्टोरी पे आता हूँ, मेरे भैया अपने काम मे बहोत बिज़ी रहते है जिसकी वजह से वो भाभी पे ध्यान नही दे पाते, इसलिए भाभी को घुमाने और शॉपिंग करने के लिए भैया मुझे ही उनके साथ भेजते थे, मैं भाभी को हर वक्त परेशान करता था, एक दिन भाभी को शॉपिंग करनी थी तो भैया ने मुझे ही उनके साथ जाने को कहा, मैं और भाभी शॉपिंग के लिए चले गये.

भाभी को अपने लिए कुछ ब्रा और पैंटी भी लेनी थी, इसलिए मैने मॉल मे भाभी को सेक्सी-सेक्सी कपड़े खरीदने को कहा तो वो कहने लगी की तुम अपनी भाभी को सेक्सी कपड़ो मे देखना चाहते हो, मैं “जिसकी आप जैसी खूबसूरत भाभी हो वो और क्या नही चाहेगा.

इसपर वो मुझे चींटी लेके मुझे कहने लगी बहोत बदमाश हो है और मैने भी भाभी की कमर पर हाथ रख के उन्हे अपनी और खिच लिया और कहा की थोड़ी सी बदमाशी और करने दो, भाभी कहने लगी छोड़ दो देवर्जी ये घर नही मॉल है और मुझे एक नोटी स्माइल दी, उसके बाद हुमलोग मूवी देखने चले गये वाहा पे एक इंग्लीश मूवी लगी थी, हम मूवी देख रहे थे.

तभी भाभी ने मुझसे पूछा की तुम्हारी कितनी गर्लफ्रेंड है, मैने कहा की आप जैसी भाभी के होते हुए गर्लफ्रेंड की क्या ज़रूरत तो वो शर्मा गयी और कहने लगी अरे मैं तो हूँ ही पर मेरे अलावा और कितनी गर्लफ्रेंड्स है, तो मैने कहा 3 फिर वो मुझसे उनके बारे मे पूछने लगी की कभी सेक्स किया है उनके साथ, तो मैने नही मे आन्सर दिया, वो मेरी जाँघ पे हाथ रख के कहने लगी.

ओह मेरे देवर जी अभी तक अपने हाथो से ही काम चला रहे हो, तो मैने भी उनके पैर पे हाथ रख के कहा की तो आप ही मदत करदो अपने इस देवर की, इस्पे वो हसने लगी और कहने लगी की ज़रा देखु तो मेरे देवर जी का लॅंड कैसा है और फिर उन्होने मेरे लॅंड पे हाथ रख दिया और पेंट के उपर से ही मेरे लॅंड को सहलाने लगी.

उफफफफफफफफ्फ़ कितना मज़ा आ रहा था मैं बता नही सकता, फिर उन्होने मेरा एक हाथ पकड़ के अपनी गोल-गोल चुचियों पे रख दिया और कहने लगी लो देवर्जी प्यार करो इसे और अब मैं उनकी चुचियों को ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा, वो कहराने लगी और कहने लगी, देवर्जी प्यार से दबाओ बहोत दर्द हो रहा है उउउम्म्म्मम आहह.

फिर मैने अपना एक हाथ उनके ब्लाउस मे डाल दिया और उनकी चुचियों को दबाने लगा, फिर उन्होने धीरे से अपने ब्लाउस का बटन खोल दिए और अब मैं आराम से उनकी चुचियों को मसलने लगा, वो धीरे-धीरे आआहह उम्म्म्ममममम की आवाज़ निकाल रही थी और मेरे लंड को सहला रही थी, मुझे उम्मीद है आपको मेरी देसी सेक्स स्टोरी अछी लग रही होगी.

देन हमने किस्सिंग शुरू करदी मैं उनके गुलाब जैसे मुलायम होंटो को चूस रहा था और वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी, अब उन्होने मेरी पैंट मे अपना हाथ डाल के मेरा लॅंड बाहर निकाल लिया, मेरा लॅंड पूरा टाइट हो चुका था, उसे देखके भाभी से रहा नही गया और वो उसे हिलाने लगी.

क्योकि सिनिमा हॉल मे अंधेरा था और वो बहोत खाली भी था, इसलिए हमे कोई नही देख पा रहा था, फिर मैने भी भाभी से कहा की भाभी मुझे भी अपनी चुत के दर्शन करवा दो मैं भी तो देखु मेरी भाभी की चुत कैसी है, इस्पे उन्होने मेरा हाथ पकड़ा और अपनी सारी नीचे से उठा के मेरा हाथ अपनी चुत पे रख दिया, उनकी चुत बहोत कोमल थी, अब हम दोनो एक दूसरे को किस करने लगे.

भाभी मेरा लॅंड सहला रही थी और मैं भाभी की चुत मे उंगली कर रहा था, बीच-बीच मे मैं भाभी की गॅंड मे भी उंगली डाल देता, थोड़ी देर बाद उसने मुझे कस के पकड़ लिया और मुझे ज़ोर-ज़ोर से किस करने लगी, उनका शरीर अकड़ने लगा, मैं समझ गया की वो झड़ने वाली है और मैं उनकी चुत मे और ज़ोर से उंगली करने लगा.

थोड़ी ही देर मे भाभी की चुत ने अपना रस छोड़ दिया, अब बारी मेरी थी मैने भाभी का सिर पकड़ के अपने लॅंड की तरफ लाया और अपना लॅंड उनके मूह मे डाल दिया, वो बहोत प्यार से मेरा लॅंड चूस रही थी, करीब 10 मिनट बाद मैने भी अपना माल उनके मूह मे निकाल दिया.

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