बीवी की चुत के बाल

नमस्कार दोस्तों मै राजीव शर्मा हरियाणा से आपके सामने अपने जीवन का एक किस्सा कहानी के रूप में लेकर आया हूं। इस कहानी में पढिए, जब मेरी बीवी का मन नही था तब मैने किस तरह से उसे पहले चुदाई के लिए मनाया, फिर उसकी चुत के बालों को साफ करके चिकनी चुत का मजा लिया।

यह कहानी मेरी और मेरी बीवी की है। अभी मेरी नई नई शादी हुई है। मेरी बीवी का नाम सोनल है, प्यार से उसे हम सब सोनू कहकर बुलाते है।

सोनल का और मेरा अरेंज मैरिज हुआ है, तो शादी से पहले हम एक-दूसरे को जानते नही थे। जब घरवालों ने उसे पसंद किया, उसके बाद फिर बातचीत होना शुरू हो गई।

धीरे धीरे बातें आगे बढकर हममें प्यार की नई किरणें जागने लगी थी। पहले तो नॉर्मल बातें होती थी, फिर हमारी बातों ने थोडा सेक्स की तरफ झुकाव लिया। और हम सेक्स चैट भी करने लग गए।

फिर तय समय पर हमारी शादी हो गई, और कुछ दिनों बाद सुहागरात भी होने को थी। उस दिन मैने अपने सारे अनचाहे बालों को हटा दिया, जैसे कि लंड के आसपास वाले बाल।

मै पूरी तरह से तैयार था अपनी सुहागरात मनाने के लिए। मेरी बचपन से एक फैंटेसी है, कि मै चुदाई करने से पहले अपनी बीवी की चुत का रसपान करूं।

तो मुझे लगा कि, आज मेरी यह फैंटेसी पूरी हो जाएगी। इसलिए मै आज जरा ज्यादा ही खुश था। दिन खत्म होते ही हम सबने रात का खाना खाया, और फिर सोनल को पहले सजा-धजाकर मेरे कमरे में भेज दिया गया।

मै अपने दोस्तों के पास था, सोनल के कमरे में जाने के बाद, मुझे भी दोस्तों ने जबरन ही कमरे में धकेलकर कमरे को बाहर से बंद कर दिया।

कमरे में जाते ही मैने अंदर से भी कुंडी लगा दी, ताकि अगर कोई गलती से दरवाजा खोल भी दे, तो कोई परेशानी न हो।

सोनल घूंघट लिए हुए बिस्तर पर बैठी हुई थी। मैं उसके पास गया, जाकर बिस्तर पर बैठने ही वाला था कि, सोनल ने बिना अपना घूंघट उठाए मुझसे कहा, “टेबल पर आपके लिए दूध का ग्लास रखा हुआ है, उसे खत्म कीजिए।”

मैंने टेबल पर देखा तो एक ग्लास ढका हुआ था, खोलकर देखा तो उसमें दूध था।

तो मैने पहले आधा ग्लास दूध पी लिया, और बचा हुआ आधा ग्लास सोनल को देते हुए बोला, “आज से हर चीज में हम आधे आधे है। तो यह भी तुम्हे आधा पीना पडेगा।”

उसने भी मेरी बात मानकर मेरे हाथ से ग्लास लेकर दूध पी लिया। दूध खत्म होते ही मैने ग्लास साइड में टेबल पर रख दिया। और फिर सोनल का घूंघट उठाने लगा।

सोनल का घूंघट उठाते ही उसका चेहरा मेरे सामने आ गया। आज उसके चेहरे पर कुछ अलग ही तेज था। वो अभी भी अपनी नजरें नीचे झुकाए हुई थी।

तो पहले मैने उसके चेहरे को पकडकर ऊपर की ओर उठाया, तब जाकर उसने मेरी आँखों मे देखा। हमारी आंखे मिलते ही वो थोडी शरमा सी गई, और फिर से अपनी नजरें झुका ली।

मैने उसकी तरफ देखते हुए कहा, “अब मुझसे क्या शरमाना, अब तो हम कुछ ही देर में दो जिस्म एक जान हो जाएंगे।”

तो वो कुछ ना बोलकर बस हंस दी। मैने फिर उसके गहने उतारना शुरू किया। उसके गहने उतारते समय बीच बीच मे मै उसे चुम भी रहा था।

उसे चूमने से वो भी अब धीरे धीरे गरम होते जा रही थी। सोनल बस शांत बैठी हुई थी, और जो मै कर रहा था उसके मजे लिए जा रही थी।

कुछ ही देर बाद जब सोनल के गले से उसके जेवर निकालने थे, तो मैने उन्हें निकालने से पहले अपना एक हाथ उसकी कमर में डाल दिया था, और अपने होंठ उसकी गर्दन पर रख दिये।

अब मैने उसे चूमना शुरू किया और उसकी कमर पर चूंटी काट दी। जिस वजह से उसके मुंह से आह निकल गई। फिर मैने धीरे धीरे करके उसके सारे गहने उतार दिए।

उसके बाद मैने उसे बिस्तर पर लिटा दिया, बिस्तर पर लिटाते ही उसने मुझे भी अपनी बाहों में भर लिया।

बाहों में भरते ही मैने उसे चूमना शुरू कर दिया। उसे चूमते हुए मैने उसके पूरे शरीर पर चुम्बनों की बरसात ही कर दी। फिर धीरे धीरे अब मै उसके होठों को चूमने लगा।

कुछ देर बाद वो भी मेरा साथ देते हुए मेरे होठों को अपने होठों में लेकर चूसने लगी। अब उसके हाथ मेरी पीठ पर घूम रहे थे, और मेरा एक हाथ उसकी कमर पर था, तो दूसरा उसके चेहरे पर।

उसने शादी वाला जोडा पहना हुआ था, तो जो मेरा हाथ उसकी कमर पर था, वो उसकी नंगी कमर को छूने लगा था। अब मैने अपने हाथ से उसकी कमर को सहलाना शुरू कर दिया।

कुछ ही देर में वो भी अब सिसकारियां लेने लगी थी। हम दोनों ही एक-दूसरे के बदन का जायजा लिए जा रहे थे। तभी उसने अपना एक हाथ मेरी शर्ट के अंदर घुसा दिया। और मेरी नंगी पीठ पर अपना कोमल हाथ घुमाने लगी।

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