बॉस की बीवी ने घर बुलाकर चूत चुदाई

मैं राज हूँ. मैं सूरत से हूँ. एक दिन की बात है, जब मैं ऑफिस में था, मेरे बॉस केबिन में बैठे थे. बॉस बड़े ही अच्छे और शान्त स्वभाव के इंसान हैं और बातचीत में भी अच्छे हैं.
उन्होंने मुझे बुलाया और पूछा- आप अभी फ्री हो?
मैंने कहा- जी बिलकुल फ्री हूँ.
मुझे मेरे बॉस ने कहा- आपको मेरे घर जाना है, मेरी कुछ फाइल्स लानी हैं.
मैं कहा- ठीक है सर … मैं लाकर देता हूँ.

मैं उनके घर गया. घर जाकर मैंने डोरबेल बजाई और दरवाजा खोला तो देखा कि बड़ी अच्छी सी गोरी सी औरत ने दरवाजा खोला. उनको मैंने पूरी नज़र से नहीं देखा, बस मैं बोला- मैडम जी, फ़ाइल लेने आया हूँ.
उसने मुझे नजर भर के देखा और कुछ इस तरह से रिएक्ट किया जैसे उसको मैं कोई अजनबी सा लगा होऊं. खैर … अगले मिनट ही उसने मुझे फाइल्स दे दीं और मैं वापस निकल पड़ा. ऑफिस पहुंच कर मैंने बॉस को फाइल्स दीं औऱ मैं अपने कामों में लग गया.

मैं वहां आईटी डिपार्टमेंट में काम करता हूँ … मतलब ये कि कंप्यूटर इंजीनियर हूँ.

यह सिलसिला अगले दिन भी चला. वैसे ही दूसरे दिन फ़िर बॉस ने घर भेजा. इस बार दरवाजा खुला, तो आज मैं मैडम को देखता ही रह गया, सच में क्या कयामत थी … क्या जोरदार माल लग रहीं थी.

आज उसने कैफ़्री पेंट और बनियान टाइप का टॉप पहना हुआ था. उसके दोनों कंधों पर टॉप की पट्टी के साथ गुलाबी कलर ब्रा की पट्टियां भी दिखाई दे रही थीं. उसके बूब्स मस्त लग रहे थे, एकदम कड़क मीडियम साइज के, न ही बड़े औऱ न ही छोटे …
मैं तो उसको देखता ही रह गया.

तभी मैडम ने मुझे आवाज दी- हैलो कहां खो गए!
मैं डरते हुए हकला कर बोला- क … कुछ नहीं … बॉस ने भेजा है मुझे.
मैडम ने कहा- पता है मुझे … आओ अन्दर.

वो स्माइल देकर अन्दर चली गई. एक मिनट बाद वो पानी लेकर आई और मेरे सामने बैठ गई. मेरा तो पहले से बुरा हाल था.

जब मैंने पानी पी लिया तो मैडम ने कहा- आफिस में कब से हो? मुझे कभी दिखे नहीं?
मैंने कहा- जी मैं दो साल से कंपनी में हूँ … टेक्नीकल पर्सन हूँ.
मैडम ने कहा- गुड … लेकिन आप कुछ खाते पीते हो या नहीं?
मैंने कहा- जी … मैं समझा नहीं!
मैडम ने कहा- काफी पतले हो … बॉडी शॉडी बनाओ यार.
उसकी बिंदास बात से मैं हँसने लगा- क्या मैडम आप भी.

फिर मुझसे 10-15 मिनट बात उसने, तब मुझे जाने को कहा, मैं अपना काम पूरा करके उससे फाइल लेकर चलता बना.

उसके 3-4 दिन के बाद बॉस औऱ उनकी टीम ट्रिप पे मलेशिया निकल गयी.

फिर दूसरे दिन बॉस का मेल आया कि भाई जरा घर जाकर आना, तेरी भाभी का लैपटॉप बन्द हो गया है. तेरा जो भी चार्ज है तो ले लेना ओके.
मैंने कहा- ओके सर.

मैं शाम को काम खत्म होने के बाद सर के घर गया. मैडम ने डोर खोला. मैडम ने आज जीन्स और टी-शर्ट पहना हुआ था. मैडम काफी आकर्षक लग रही थी.
मैंने बोला- आपका लैपटॉप खराब हुआ है मैं उसे ठीक करने के लिये आया हूँ.
मैडम बोली- मैंने झूठ बोला था. मेरा लैपटॉप तो चालू है, मुझे तुमसे अकेले मिलना था. सॉरी बुरा मत मानना.
मैं- ठीक मैडम … नो इश्यू!

मैडम बोली- मेरा नाम रीता है औऱ तुम मुझे रीता ही बुलाओ.
मैंने की बात मान ली, माननी ही थी, आखिर बॉस की बॉस जो थी वो!

उसके बाद उसने कहा- कल सैटरडे है और फिर संडे है. यानि पूरे 2 दिन हैं. देख मैं ज्यादा घुमा फिर कर बातें नहीं करती, मैं चाहती हूं तुम दो दिन एक रात मेरे साथ रहो … क्योंकि तुम्ह़ारे बॉस मंडे को ही आएंगे. कल शाम को या कल रात भर यहीं रह जाना … सोमवार को यहीं से ही आफिस चले जाना.
मैंने कहा- नहीं … मैडम मैं नहीं रुकने वाला, मेरे घर वाले मेरा इंतजार कर रहे होंगे.
मैडम- देखो, तुम आज भी कोई भी बहाना बना सकते हो. बोल देना ऑफिशियल काम से बाहर जा रहा हूँ … सोमवार को घर आऊँगा.

मैंने ओके कहा और चला आया. मैंने अपने घर पर अपने काम को लेकर सोमवार तक बाहर जाने का बोला, तो मेरे घरवाले भी बड़ी आसानी से मान गए थे. लेकिन मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि हो क्या रहा है.

शाम को रीता के घर गया तो रीता बोली- तुझे दो दिन तक मेरे साथ सेक्स करना है … अगर तुझे नहीं भी आता हो तो मैं सिखा दूँगी.
मैं समझ तो रहा था कि मुझे इसकी चुत मिलने वाली है, पर वो इतनी तेज निकलेगी, ये मैंने भी नहीं सोचा था. मैं बस चूतिया सा पलकें झपका रहा था.
फिर वो मुझे रिक्वेस्ट करके बोली- प्लीज़ हेल्प मी.
मैंने ‘ओके …’ बोल दिया.

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