बॉस ने रात में रुकने के बहाने मेरी बीवी को खूब चोदा

मेरा नाम मनोज पारेख है। मैं हिमाचल प्रदेश के शिमला शहर में जॉब करता हूं। मेरा परिवार दिल्ली में रहता है। मेरे दो बच्चे हैं जिनकी उम्र 2 साल और 4 साल है। छोटे वाला बेटा है जबकि बड़ी वाली बेटी है। मेरा परिवार मेरे पिता जी के पास दिल्ली में रहता है लेकिन बीवी कई बार परिवार को लेकर मेरे साथ कुछ दिन के लिए रहने को शिमला आ जाती है। शिमला में मेरे पास एक ही रूम है जो कि पूरे परिवार के लिए कम पड़ता है इसलिए हमें होटल में ठहरना पड़ता है। पिछले साल जब मेरी बीवी परिवार के साथ आई थी तो मैंने अपने बॉस को भी परिवार से मिलवाने के लिए ले गया था। मेरे बॉस मुझसे उम्र में ज्यादा बड़े नहीं हैं। बस 5-6 साल का अंतर होगा मुश्किल से।

जब परिवार से मिलने बॉस मेरे पास आए थे तो उनकी नज़र मेरी बीवी पर बार-बार जा रही थी। मैं जानता था कि मेरे बॉस काफी ठरकी हैं क्योंकि ऑफिस में अक्सर लड़कियों के साथ उनके किस्से कहानियां हवा में उड़ते रहते हैं इसलिए मेरे लिए उनका मेरी बीवी को ताड़ना कोई आश्यचर्यजनक बात नहीं थी। मैंने सोचा, ताड़ ही तो रहा है उससे क्या होने वाला है। इसलिए सब कुछ देखते हुए भी मैंने उनकी इस हरकत को नज़रअंदाज़ कर दिया। वैसे भी प्राइवेट जॉब है। अगर मुझे पसंद नहीं भी होता तो भी मैं कुछ नहीं कर सकता था। क्योंकि प्राइवेट में तो हां,जी की नौकरी होती है और ना,जी का घर होता है । इसलिए बात मेरे कंट्रोल में थी ही नहीं।

लेकिन यहां पर ध्यान देने वाली बात ये थी कि मेरी बीवी को भी इसमें कोई आपत्ति नहीं लग रही थी। वो भी मेरे बॉस को हल्की सी मुस्कान के साथ देख रही थी। पत्नी का नाम बताना तो मैं भूल ही गया। मेरी पत्नी का नाम कोमल है। नाम की ही तरह उसका बदन भी काफी कोमल है। दो बच्चों की मां होने के बाद भी उसने अपने फिगर को इस तरह मेंटेन करके रखा हुआ है जैसे अभी अभी शादी हुई हो। उसकी उम्र लगभग 29 के करीब है। कोमल के चूचे काफी शेप में हैं और कमर बिल्कुल पतली है। जब साड़ी पहनती है तो दीपिका पादुकोन से कम नहीं लगती।

इसलिए बॉस की नज़र बार-बार मेरी हीरोइन पर जा रही थी। इधर कोमल भी रह-रहकर बॉस को देखे जा रही थी। मेरे बॉस पहाड़ी हैं। देखने में काफी हैंडसम और सुडौल शरीर के हैं। वो डेली जिम भी करते हैं। हाइट तो नॉर्मल ही है लेकिन काफी गोरे और भरे हुए शरीर के हैं। यही कारण है कि लडकियां उनकी तरफ आसानी से अट्रै्क्ट हो जाती हैं। शायद मेरी बीवी भी उन्ही में से एक थी। जो बॉस की पैनी और शरारती नज़र का जवाब अपनी साडी के पल्लू को बार-बार नीचे गिराकर दे रही थी।

परिवार से मिलने के बाद बॉस ने कहा- अच्छा मनोज मैं चलता हूं। इधर तपाक मेरी बीवी कोमल बोल पड़ी-अरे सर, रात खाना आप हमारे यहां पर ही खाना। आपके लिए स्पेशल डिश बनाने वाली हूं। मीठी और तीखी दोनों तरह की। कोमल की बात सुनकर बॉस के लाल होठों पर एक रहस्यमयी मुस्कान तैर गयी। बॉस बोले- हां जरूर, मेरे सबसे अच्छे एंप्लॉय की बीवी मुझे खाने पर बुलाए और मैं ना आऊं, भला ऐसा कैसे हो सकता है। बॉस ने मुझसे हाथ मिलाया और सबको अलविदा कर चले गए। मैं भी अपने काम पर चला गया। शाम को 6 बजे घर लौटा तो कोमल ने खाने की सारी तैयारी कर ली थी। उसने घर आते ही मुझसे पूछा- आपके बॉस नहीं आए क्या।

मैंने कहा- मैं बॉस को जेब में लेकर थोड़ी घूम रहा हूं। दरअसल मैं थोड़ा खीझ रहा था क्योंकि मेरी बीवी को मुझसे ज्यादा मेरे बॉस की फिक्र हो रही थी। इसलिए मैं थोड़ा गुस्से में भी था। मैंने कहा- कोमल, एक कप चाय बना दो।

वो बोली- ठीक है लेकिन एक बार बॉस को फोन करके तो पता कर लीजिए वो कितने बजे तक आ रहे हैं। मैंने चिड़ते हुए कहा- अगर पता नहीं करूंगा तो चाय नहीं पिलाओगी क्या। वो भी समझ गयी शायद कि मैं बॉस की बात करने के कारण चिड़ रहा हूं। इसलिए वो चुपचाप किचन में चली गई और चाय बनाने लगी। मैंने बॉस को फोन करने के लिए मोबाइल जेब से निकाला ही था कि डोर बेल बज गई। कोमल किचन में चाय बना रही थी। मैंने जाकर दरवाज़ा खोला तो बॉस दरवाजे पर खड़े थे। मैंने भी झूठी मुस्कान के साथ बॉस को गुड इवनिंग विश किया और मन ही मन गाली दी,- आ गया कमीना, नाम लेते ही शैतान हाज़िर। एक तो काम इतना करवाता है और ऊपर से मेरी बीवी भी बोनस में चाहिए इसे।

मैंने बॉस को अंदर आने के लिए कहने से पहले ही वो मुझे एक तरफ हटाते हुए अंदर आ गए। बॉस है भई। कहीं भी आ सकते हैं। चाहे एंप्लॉई का घर ही क्यों न हो। खैर, मैंने दरवाजा बंद कर दिया और बॉस सामने सोफे पर आकर बैठ गए। इतनी देर में कोमल चाय बनाकर किचन से बाहर निकलती हुई हाथ में ट्रे लेकर पहुंची। ट्रे में एक ही कप रखा हुआ था। उसने बॉस को देखकर नमस्ते किया और चाय का कप बॉस के सामने पेश कर दिया। बॉस ने भी कोमल के चूचों की तरफ देखते हुए ट्रे से चाय का कप उठा लिया। मैं हैरान बंदर की तरह उन दोनों की हरकतें देख रहा था।

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