चाची ने मेरी वासना जगा कर चूत चुदवाई

हैलो साथियो … मेरा नाम कपिल कुमार है. मैंने इस साइट पर अभी कुछ दिनों से ही सेक्स स्टोरी पढ़ना शुरू किया है. सच में इन कहानियों को पढ़ कर बहुत मज़ा आता है. इसीलिए मैंने भी सोचा कि मैं भी अपनी जिन्दगी की एक पहली और बिल्कुल सच्ची चुदाई की कहानी आपसे शेयर करूँ. यहां की ज़्यादातर स्टोरी पढ़कर उस वक्त बहुत गर्म लगता है, जब यहां लिखने वाले लोग लिखते हैं जैसे उसने मेरा लंड चूसा, मुँह में माल या वीर्य झाड़ दिया.. वो सारा लंड रस पी गयी.. वगैरह वगैरह. ये सब मुझे शुरू में नहीं पता था कि लंड चूत की चुसाई में भी मजा आता है. मेरी इस पहली चुदाई के बाद ही मुझे सकिंग का मजा मालूम हुआ था.

दोस्तो, मैं आपको अपनी बिल्कुल रियल सेक्स स्टोरी बताने जा रहा हूँ. इसमें कुछ भी झूठ या बनावटी नहीं है. मैं आशा करता हूँ कि ये कहानी आप लोगों को पसंद आएगी.

मैं दिल्ली में रहता हूँ, मेरी उम्र तब 20 साल की थी. मैं एक बार एक रिश्तेदार की शादी में जाने के लिए तैयार हुआ और किसी कारण से इस शादी में मुझे अकेले ही जाना पड़ा. मैं घर से निकल गया और जहां शादी थी, वहां से कुछ ही दूरी पर मेरे दो चाचाओं के घर आस पास थे. मम्मी ने मुझसे कहा था कि पहले चाचा के घर चले जाना, फिर वहां से रात को शादी में इकट्ठे एक साथ चले जाना.

मैं बड़े चाचा के घर शाम 5 बजे पहुंच गया था. वहां बड़े चाचा-चाची, उनकी दो सन्तान थी. करीब 7 बजे के करीब वहां छोटी चाची भी आ गयी थीं. दोनों चाचियों से मेरा मज़ाक तो चलता था, लेकिन मेरे दिमाग़ में सेक्स या ग़लत बातें ज़्यादा नहीं होती थी. तब भी मुझे छोटी चाची बहुत अच्छी लगती थीं. छोटी चाची का नाम सुनीता था. वो उस वक़्त 28 साल की थीं. उनके बूब्स मोटे और तने हुए थे. उनकी गांड भी मोटी थी. सुनीता चाची का फिगर बढ़िया था, वे थोड़ी साँवली थीं, पर सेक्स की गुड़िया सी लगती थीं.

उनके एक बेटा था, वो अभी 5 साल का था. किसी कारण से छोटे चाचा और उनका 5 साल का बेटा साथ नहीं आए थे, तो सुनीता चाची अकेली ही शादी में जाने के लिए बड़े चाचा के घर आई थीं.

आज तो सच में चाची क्या मस्त माल लग रही थीं. उन्होंने नई साड़ी पहनी हुई थी और फुल मेकअप में थीं. जैसे ही उन्हें पता चला कि मैं भी शादी में जाने के लिए आया हूँ, तो वो बहुत खुश हुईं. वो मुझसे करीब से मिलीं, थोड़ी बातों के बाद हम सब शादी में जाने के लिए रेडी हो गए और शादी में चले गए.

शादी में रात को 11 बज गए थे. उस समय सर्दी का समय था. हम सब वापस बड़े चाचा के घर आ गए. चाचा का रूम छोटा था, एक बेड पर बड़े चाचा चाची और मैं रज़ाई ओढ़के लेट गए और बगल में पड़े एक सोफे पर सुनीता चाची अकेले कंबल ओढ़ कर लेट गईं. बड़ी चाची के दोनों किड्स अपनी खाट पर सो गए. रात को करीब कुछ देर बाद मुझे लगा कि किसी ने मेरा हाथ पकड़ा है और मुझे उठाना चाहता है. मैंने देखा तो सुनीता चाची मेरा हाथ हिला रही थीं. मैंने साइड होकर देखा, वो मुझे देख रही थीं.

मैंने इशारे में पूछा- क्या हुआ?
तो वो मुझे आंख मारते हुए मुस्कुरा दीं.

मैंने उनकी वासना को समझते हुए उनके हाथ और उंगलियों को किस कर दिया. मुझे इस वक्त चाची बहुत सेक्सी और प्यारी लग रही थीं. मैंने थोड़ा आगे बढ़कर उनके माथे पर किस कर लिया. फिर चाची ने मेरा हाथ खुद ही अपने मोटे मम्मे पर रख दिया.

ओह दोस्तो.. क्या बताऊं.. वो मेरी लाइफ की पहली फीलिंग थी. उसके बाद चाची ने मेरे होंठों पर किस किया. हमने काफ़ी देर तक एक दूसरे को किस किया. फिर मैंने चाची के मम्मों को दबाया और फिर उनके मम्मों को पीने के लिए ब्लाउज के हुक खोलने लगा. तभी चाची ने इशारे से कहा कि रूको.. हुक मत खोलो, मैं ऐसे ही चूचे बाहर निकालती हूँ, ताकि कहीं कोई जाग गया तो तुरंत बूब्स अन्दर कर लूँगी.. वरना जल्दी से हुक कैसे लगाऊंगी.
मैंने कहा- ओके.

कमरे की लाइट जली हुई थी. मैंने पहली बार किसी औरत के इतनी देर तक होंठ चूमे थे, दूध सहलाए थे. दोस्तो, क्या बताऊं, क्या मस्त मज़ा आ रहा था. ज़िंदगी में पहली बार इतने मोटे मम्मों को दबाने और पीने को मिल रहे थे.

अब हम दोनों चाची भतीजा गर्म हो चुके थे. मेरी पैन्ट में अंडरवियर में कुछ चिपचिपा सा महसूस हो रहा था. उधर चाची आँखें बंद करके हल्के स्वर में मादक सिसकारियां सी ले रही थीं. हम दोनों की सांसें गर्म और तेज़ हो रही थीं.
चाची ने इशारे से कहा कि लाइट ऑफ कर दो.
मैंने लाइट ऑफ कर दी, फिर चाची ने धीरे से मेरे कान में कहा कि मेरे कंबल में ही आ जा.

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