चाची ने मेरी वासना जगा कर चूत चुदवाई

फिर मैंने चाची के मम्मों को हौले से दबाया और उनके ब्लाउज के एक एक हुक को बड़े आराम से धीरे धीरे खोले. वाउ चाची ने ब्लैक ब्रा पहनी थी. चाची के तने हुए गोरे मम्मे काली ब्रा में क्या मस्त आम जैसे लग रहे थे. मैंने कुछ देर तक चाची के मम्मों को दबाया और ब्रा के ऊपर से ही चूसा. फिर मैंने चाची को घुमा दिया और पीछे की साइड में आकर उनकी नंगी पीठ और कमर को चूमते हुए उनके मम्मों को खूब दबाया.

मैंने अपने दांतों से उनकी ब्रा के हुक को खोल दिया और ब्रा उतार दी. अब चाची ऊपर से बिल्कुल नंगी थीं. मैंने जैसे ही चाची को अपनी तरफ घुमाया, वाउ उनके दो मोटे रसीले आम मेरे सामने थे. मैंने चाची को बेड पर लिटा दिया और खूब देर तक उनके मम्मों और निप्पल को पिया. इतने में चाची ने मेरी पैन्ट खोल दी और अंडरवियर के ऊपर से ही मेरा लंड पकड़कर दबाने लगी. मेरा 6″ का लंड पूरी मस्ती में झूम रहा था.

मैंने चाची की साड़ी और पेटीकोट को एक साथ ऊपर कर दिया और चाची की पेंटी, जो कि गीली हो चुके थी, उसे उतारने लगा. चाची मुझे रोक रही थीं, वे शर्मा रही थीं. खैर मैंने चाची की पेंटी उतार दी और चाची से कहा- प्लीज़ चाची, आज पहले मुझे तबीयत से जी भर के आपकी चुत को देखने दो.. चुत होती कैसी है, मैंने आज तक रियल में किसी की चुत नहीं देखी है.

चाची ने शरमाते हुए बड़ी मुश्किल से अपनी दोनों टांगें खोल दीं.
वाउ.. मैं किसी चुत को किताब या वीडियो के अलावा रियल में पहली बार देख रहा था. मैंने दोनों हाथों से चाची की चूत को खोल के देखा, वो अन्दर से बिल्कुल गुलाबी और रस से भरी हुई थी. इस वक्त चाची मेरे सामने पूरी तरह नंगी थीं और मैं अंडरवियर में था.

दोस्तो मुझे अभी तक लग रहा था कि मैं कोई सपना देख रहा हूँ. लेकिन वो सच था. हम दोनों सेक्स में पूरी तरह डूब चुके थे, पागल से हो रहे थे. अब जैसे ही मैंने अपना अंडरवियर उतारा और अपना लंड चाची की चुत में डालने को हुआ, तो चाची ने रोक दिया.
मुझे समझ नहीं आया कि कोई भी इंसान इस स्टेज पे आकर किसी को चोदने या चुदवाने से कैसे रोक सकता है.

तभी चाची उठीं. उन्होंने अपनी अलमारी खोली, उसमें से कुछ लेकर आईं. मैंने देखा.. ओह चाची एक कंडोम लाई थीं. उन्होंने उसे मेरे लंड पर बड़े प्यार से चढ़ा दिया.
मैंने पूछा- चाची ये किसलिए?
तो वो बोलीं- इस से सेफ्टी रहती है, ताकि हम दोनों में से किसी को कोई बीमारी, इन्फेक्शन आदि ना हो और वैसे भी मैं तुझे बहुत प्यार करती हूँ और लाइफटाइम करती रहूंगी. मैंने जीवन में कभी भी, ना शादी से पहले, ना शादी के बाद.. अपने पति यानि तेरे चाचा के अलावा किसी और से सेक्स नहीं किया है, ना कभी ऐसा सोचा था. लेकिन तू मुझे तब से अच्छा लगता था, जब तू बहुत छोटा था. अब तू दूसरा और आखिरी इंसान होगा, जो मुझे चोदेगा.

उनकी बात सुनकर मैंने चाची को चूमा और उनकी चुत में लंड डाल दिया.
वाउ दोस्तो.. मेरा लंड गर्म भट्टी जैसी चुत में घुस गया.. क्या मज़ा आ रहा था. मैं चाची के मम्मों को पीता हुआ झटके मारने लगा. लगभग दो मिनट तक झटके मारने के बाद मैं चाची की चूत में झड़ गया.

मुझे इस चुदाई में बहुत मज़ा आया था. चाची मुझे अब भी मेरे होंठों और गालों पर चूम रही थीं और मुझे अपने चूचे पिला रही थीं.
मैंने कहा- चाची, मेरा बहुत जल्दी निकल गया सॉरी.
वो बोलीं- कोई बात नहीं कुमार मैं भी झड़ गयी हूँ, मुझे भी बहुत मज़ा आया और तूने पहली बार किया है ना.. इसलिए जल्दी झड़ गया है तू.. ऐसा हो जाता है.

मैंने उनको चूमा तो चाची फिर बोलीं- अच्छा ये बता तुझे कैसा लगा?
मैंने कहा- चाची मुझे तो ऐसा लग रहा था.. जैसे मैं जन्नत में हूँ. आपको याद करके मैं रोज़ मुठ मारता था, पर कभी भी झड़ने में वो मज़ा नहीं आया, जो आज आया है.
चाची बोलीं- पगले, अगर मुठ मारने में ही चुत या औरत का मज़ा मिल जाता तो सब लोग ऐसे ही काम ना चला लेते.
मैंने भी कहा- हां चाची आप सच कह रही हो.
फिर वो बोलीं- अच्छा सुन.. अब से कभी मुठ मत मारना, उससे सेहत का नुकसान होता है. अब जब भी मन करे, तू मेरे साथ कर लेना.

कुछ देर बाद हम दोनों फिर से गर्म हो गए और धकापेल चुदाई होने लगी. इस बार चुदाई का मजा देर तक चला.

मैं चाची के घर वहां कम से कम तीन महीने तक रहा. मैंने हर रोज़ चाची को दो तीन बार चोदा. दिन में भी, रात में भी हम दोनों ने खूब सेक्स किया. मैंने चाची की चुदाई उनकी एमसी के समय में भी खूब की, मतलब एक भी दिन गैप नहीं हुआ.

Pages: 1 2 3 4