मोनू मेरे चूतड़ दबाते हुए बोला दीदी कपड़े उतार दो बहुत मजा आएगा

chote bhai ne behen ki chudai ki हेलो दोस्तों, मैं शिल्पा आपकी दोस्त पहली बार आपके सामने अपनी एक सच्ची घटना लेकर आई हूं. मुझे उम्मीद है कि आपको मेरी कहानी जरुर पसंद आएगी. तो में ज्यादा समय ना लेते हुए अपनी कहानी पर आती हूं. मैं गोवा में रहती हूं मेरे घर में मेरे मम्मी पापा और मेरे से एक साल छोटा मेरा भाई रहता है. मेरी उमर १९ साल है,, मेरे भी कुछ ऐसा हाल था, मेरा भी एक बॉयफ्रेंड था उसने मुझे बहुत चोदा था मैं हफ्ते में करीब ६ बार उससे चुद जाती थी, उसने मेरे अंदर चुदने का कीड़ा डाल दिया था. वह मेरी बहुत मस्त चुदाई करता था पर अफसोस वह शहर छोड़कर चला गया अब में एकदम अकेली हूं मेरी चूत दिन रात तड़पती रहती है.

एक दिन मेरे साथ एक सुनहरा हादसा हुआ, जिसे याद कर के मेरी चूत चुदने के लिए तैयार हो जाती है, और अपने प्यारे भैया के लंड को लेने के लिए तड़प उठती है.. एक शाम में अपने भाई मोनू के साथ अपने घर के पास पार्क में घूम रही थी, अब अंधेरा हो चुका था और लाइट ओन हो चुकी थी, तभी मेरी नजर एक ट्रि पर गई, वहां एक लड़का लड़की छुप कर एक दूसरे को किस कर रहे थे.

मैंने मोनू को कोहनी मारी और उसे इशारा किया.

उसने कहा क्या है दीदी?

मैंने कहा – वह देख पेड़ के पीछे क्या हो रहा है??

मोनू बोला – हां दीदी यह तो चुम्मा चाटी कर रहे हैं..

मैंने कहा अरे बेवकूफ वह तो मुझे भी पता है, और ध्यान से देख जरा…

उसने कहा दीदी आप ठीक कह रही हो, यह कुछ गड़बड़ तो है.

भैया इसमें मजा आता है क्या? मैंने मस्ती में पूछा.

उसने कहा मुझे नहीं पता हो भी सकता है..

वैसे कैसे लगता है यह काम करते हुए? तूने कभी ट्राई किया है मोनू? वैसे मुझे सब पता था पर मैंने फिर भी मोनू से पूछा.

मोनू ने कहा – नहीं किया दीदी, क्या हम दोनों आज कर के देखें?

मुझे मोनू से इस जवाब की उम्मीद नहीं थी पर फिर मैं भी अनजान बन के बोली सच में मोनू मजा आएगा ना? चलो फिर कर के देखते हैं.

चल फिर हम दोनों जाडी के पीछे चलते हैं, उन्होंने मुझे कहा और हम दोनों झाड़ी के पीछे चलने लगे.

हम एक झाड़ी के पीछे जाने लगे तो वहां पहले से ही एक लड़का लड़की आपस में चिपके हुए थे और लड़का उस लड़की की गांड अपने हाथों से दबा रहा था. यह देख कर हम वहां से चले गए और दूसरी झाड़ी की और चल गये.

दूसरी झाड़ी के पीछे कोई नहीं था, वहां पर मैं जाकर एक दूसरे को देखने लगे, तभी मैं बोली मोनू अब आगे कैसे करना है?

दीदी मुझे क्या पता? अच्छा एक काम करते हैं हम दोनों एक दूसरे से लिपट जाते हैं, जैसे वह लड़का लड़की कर रहे थे मोनू बोला.

अच्छा आ जा फिर मुझसे लिपट जा, मेरे इतना कहते ही मोनू मुझसे लिपट गया. और मैंने जानबूझकर अपने बूब्स उसके शरीर से रगड दीए..

मोनू अब चूमे क्या? मैंने मोनू को गरम करने के लिए कहा, और अपने होंठ उसकी और कर दिए.

मोनू भी शायद कम नहीं था, उसने भी झट से अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दीए और मुझे किस करने लगा. उसके किस करने से मेरे जिस्म में कुछ अजीब सी हरकत होने लगी. इतने में मैंने महसूस किया कि मोनू का लंड खड़ा हो चुका था और मेरे पेट पर लग रहा था. मैंने भी मोनू के दोनों चूतड़ पकड़ कर दबा दिए और बोली मोनू ऐसे ही दबाते हैं ना?

मोनु के चूतड़ों को दबाते हुए मैंने उसको अपनी ओर खींच लिया और उसके लंड को मेरी चूत के अंदर डालने लगी, अब मोनू ने भी अपने दोनों हाथ मेरी गांड पर रख दिए और मेरे चूतड़ दबाने लगा..

अब ठीक है ना दीदी ऐसे ही दबाते हैं ना.. मोनू मेरे चूतड़ दबाते हुए बोला.

मोनू का खड़ा लंड बार बार मेरी चूत पर लग रहा था, मुझे यह सब बहुत ज्यादा मस्त कर रहा था. मेरा दिल कर रहा था कि अभी के अभी मोनू मुझे चोद दे बस. पर मैंने सोचा पहले इसे और गरम कर दूं ताकि यह जल्दी से तैयार हो जाए और मेरे दीवाना बन जाए..

मोनू ये निचे क्या लग रहा है? मैंने भोलेपन से पूछा..

दीदी मुझे नहीं पता इसका ना जाने कब हो गया? मोनू ने शरमाते हुए जवाब दिया.

मोनू पर तुझे मजा तो आता है ना जब यह खड़ा हो जाता है? मुझे लगा कि वो मना कर देगा इसलिए मैंने उसके जवाब देने से पहले ही उसका लंड अपने हाथों में ले लिया था.

मेरे लंड हाथ में लेने से वो एक दम कांप उठा और बोला दीदी यह क्या कर रही हो आप?

ओह्ह सोरी लग गई क्या तुझे भाई? मैंने मोनू का लंड छोड़ते हुए कहा.

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