क्लास कोच मे चुड गयी मैं

दीवाली के आगे की रात थी, मुझे मुंबई से आहेमदबाद अपने घर जाना था, मुंबई मे मेरा कॉलेज है और मैं एमबीए कर रही हूँ, मैं उस दिन बहुत थकि हुई थी और मुझे बहुत ज़्यादा नींद आ रही थी, मैं स्टेशन पर ट्रेन का इंतज़ार कर रही थी और सोच रही थी की काश ट्रेन जल्दी आ जाए, जैसे ही ट्रेन आई मैं अपने 1स्ट क्लास कोच मे जा कर बैठ गयी, क्योकि मेरे फादर रेलवे मे है मैं 1स्ट क्लास मे ही ट्रॅवेल करती हूँ, थोड़ी ही देर मे वाहा एक लड़का आया जिसकी हाइट एवरेज सी थी वेल बिल्ट था और दिखने मे ठीक-ठाक ही था, उसको देख के लग रहा था की वो किसी आमिर परिवार से है, हमने एक दूसरे को मुस्कुरा के देखा और मैं थक के वेट कर रही थी, जैसे ही ट्रेन चली मैने उस लड़के से उसका नाम पूछा, उसने अपना नाम रोहित अरोरा बताया और मैने अपना नाम अनन्या राज बताया, मैने उससे रिक्वेस्ट की वो मेरी टिकेट्स टीसी को दिखा दे क्योकि मुझे काफ़ी नींद आ रही थी, उसने तुरंत हान कर दी और उपर सीट पे चला गया और मैं लोवर सीट पे सो गयी, थोड़ी देर बाद टीसी आया और टिकेट्स चेक कर के चला गया और हम लाइट्स ऑफ कर के सो गये.

रात को अचानक किसी ने मुझे उठाया और वो रोहित था उसने कहा “क्या मैं आपकी सीट पे बैठ सकता हूँ साइड की तरफ क्योकि उपर सीट पे हवा लगने से मुझे काफ़ी ठंड लग रही है” मैं क्योकि नींद मे थी मैने हर चीज़ के लिए हान कर दी बिना सोचे समझे, अब वो मेरे लेग्स के पास अपना ब्लॅंकेट लेके बैठ गया, थोड़ी देर बाद मुझे अपने लेग्स पे कुछ ठंडा सा फील हुआ मैं समझ नही पाई की वो क्या था, थोड़ी देर बाद मुझे अहसास हुआ की वो रोहित का हाथ है, मैने कुछ नही कहा, थोड़ी देर बाद वो अपना हाथ मेरी लेग्स पे रब करने लगा तो मैने तुरंत उससे कहा “ये तुम क्या कर रहे हो? क्या तुम पागल हो?” रोहित ने जवाब मे कहा “मुझे ठंड लग रही है इसलिए हाथ रब कर के मैं गरमी लेने की कोशिश कर रहा हूँ” मैं बैठ गयी और मैने कहा प्लीज़ तुम ये सब मत करो या तो फिर उपर ही चले जाओ, उसने सॉरी कहा मैं पानी पीने उठी और बैठ कर विंडो से बाहर देखने लगी और कब मेरी आँख लग गयी पता ही नही चला, फिर उसने मुझे लेटा दिया और वो मेरे बिल्कुल फेस के पास बैठ गया, मैने ब्लंकेट नही ढँक रखा था इसलिए मुझे ठंड लगने लगी.

वो मेरे शोल्डर्स को रब करने लगा और मेरी नींद खुल गयी पर मुझे अछा लग रहा था इसलिए मैने उसे मना नही किया और ऐसे ही प्रिटेंड किया जैसे मैं नींद मे हूँ, अब मुझे बहुत अछा लगने लगा था, उसके हॅंड्ज़ रब करते टाइम मेरे बूब्स पे भी हल्के से टच होने लगे, मुझे अलग ही मज़ा आ रहा था, अब उसने धीरे से अपने हाथ मेरे बूब्स पर रख दिया और धीरे से प्रेस करने लगा ताकि मैं उठना जाउ, लेकिन उसे क्या पता था की मैं उसकी हरकते एंजॉय कर रही हूँ, काफ़ी देर उसने हल्के से मेरे बूब्स प्रेस किए, फिर वो मेरे साइड मे आके लेट गया और मेरी टी शर्ट के अंदर हाथ डाल के ब्रा के उपर से मेरे बूब्स के मज़े लेने लगा, थोड़ी ही देर मे उसने कब मेरी ब्रा का हुक खोल दिया मुझे पता ही नही चला अब वो मेरे निपल्स के साथ हल्के से खेलने लगा, उसके ऐसा करने की वजा से मैं बहुत ज़्यादा एग्ज़ाइट हो चुकी थी और मोन करने लगी और थाइस रब करने लगी, अब उसे भी समझ आ गया था की मैं पूरी गरम हो चुकी हूँ, अब उसने मुझे किस करना शुरू किया और मैने भी रेस्पॉंड करना शुरू किया, हम पागलों की तरह एक दूसरे के होंठ चूस रहे थे एक दूसरे की टंग से खेल रहे थे हम भूल चुके थे की ट्रेन मे है.

वो एक हाथ से मेरे बूब्स प्रेस कर रहा था, वो झुका और मेरे बूब्स को लीक करने लगा, मैं पागल हो रही थी पूरी तरह से गीली हो चुकी थी, मेरी चुत को अब एक लॅंड की ज़रूरत थी, मैने कहा उसे फक मी प्लीज़, उसने कहा “नही इतनी जल्दी नही तुम तो माल हो तुम्हे तो तडपा-तडपा के ही चोदुन्गा, जब से आई हो नज़र नही हटा पा रहा तुमसे, मंन करता है ज़िंदगी भर तुम्हे चोदु” अब उसने मेरी जीन्स उतारी और पैंटी के उपर से उंगलियाँ फेरने लगा, मैं और ज़्यादा एग्ज़ाइट हो रही थी उसने अपनी नोस मेरी पैंटी पे लगाई और मुझसे कहने लगा, बेबी तुम्हारी खुश्बू बहुत अछी है आई लव युवर स्मेल ये बहुत कामुक है, एंड उसने अपने दाँतों से पैंटी साइड की और हल्के से अपनी टंग मेरी चुत पे लगाई, अब वो मेरी चुत चाटने लगा, मैं तो सातवे आसमान पर थी, मैं ज़ोर-ज़ोर से बोलने लगी “चाटो और चाटो खा जाओ मेरी चुत कुत्ते की तरह चाटो मेरी चुत, ये सिर्फ़ तुम्हारे लिए गीली है” वो और ज़ोर से चाटनेलागा, मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और मैं झड़ने वाली थी, उसने अपनी जीभ मेरी चुत मे घुसानी शुरू कर दी और मैं झड़ गई और उसने मेरा पानी चाट लिया और कहा ये काफ़ी सवदिष्ट था बेबी, मुझे तुम्हारा सॉल्टी पानी बहुत ज़्यादा पसंद आया.

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