सेक्सी क्लासमेट अंजली की चूत से खेला

college ki friend ki chudai हेलो दोस्तों मेरा नाम करण सिंह है आज मैं फिर से आपके लिए एक मस्त कहानी ले कर पेश हुआ हूं. यह कहानी मेरे एक दोस्त ही है जो मैं आपको बताने जा रहा हूं. मेरा नाम अशोक है, मेरी उम्र २५ साल है और मैं दिखने में ठीक ठाक हूं. मेरी हाइट ६ फुट है और बॉडी भी बहुत अच्छी बना रखी है, मैं देहरादून में सॉफ्टवेयर इंजीनियर कंपनी में काम करता हूं. मैं थोड़ा शर्मीला टाइप का लड़का हूं और मैंने आज तक अपनी जिंदगी में किसी लड़की को छेड़ा तक नहीं था, और कॉलेज टाइम में मैं एक लड़की को अपना दिल दे बैठा था जिसका नाम अंजलि था. वह दिखने में बहुत सुंदर थी पर थोड़ी मोटी भी थी, उसका रंग दूध की तरह गोरा था और वह नेचर से बहुत अच्छी लड़की थी. अंजलि मेरी क्लास में ही थी और उसका रोल नंबर मेरे में रोल नंबर से अगला था इसलिए हम दोनों प्रैक्टिकल या विवा में एक साथ होते थे और एक दूसरे की बहुत हेल्प किया करते थे. अंजली अक्सर मुझसे स्टडी के मैटर पर बात किया करती थी और मैं अक्सर उस की हेल्प किया करता था.

मुझे उसे धीरे धीरे प्यार होने लग गया था पर अपने प्यार को उसके आगे बोलने से डरता था. वैसे कोलेज के काफी लड़के उस पर मरते थे जिसमें से मैं भी एक था, पर मेरा नंबर आने से पहले कॉलेज की किसी और लड़के ने बाजी मार ली थी और उसको अंजलि ने हां भी कर दी थी. जब मुझे यह पता चला तो मुझे दुख तो बहुत हुआ पर अपनी स्टडी खराब होता देख मैंने मन ही मन ठान लिया कि अब किसी लड़की से प्यार नहीं करुंगा..

कॉलेज खत्म होने के बाद में सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कंपनी में लग गया और एक दिन मेरे फेसबुक पर किसी लड़की की रिक्वेस्ट आई, मैंने उसकी रिक्वेस्ट को देखा तो मैं हैरान रह गया क्योंकि मेरी प्राइमरी स्कूल की फ्रेंड ने मुझे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी जिसका नाम अंजली हे..

अंजलि दिखने में थोड़ी सांवली थी पर उसके फीचर बहुत अच्छे थे, और एक टाइम ऐसा भी था जब मैं बचपन से उस पर मरता था और वह चंडीगढ़ में रहती थी. मैंने उसकी फ्रेंड रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट कर लिया और उससे बातें करने लग गया. हमारी सुबह शाम बातें हुआ करती थी. और हम एक दूसरे को अपना मोबाइल नंबर भी दे दिया था. और हम रात रात भर एक दूसरे से बातें किया करते थे. फिर हम दोनों ने मिलने का प्लान बनाया था, मैंने उसे पूछा कब और कहां मिलना पसंद करोगी?

तो उसने कहा की जहा हमें कोई तंग ना कर सके और मैं अपने दिल की पूरी बात तुम्हें कह सकूं..

मेरे लिए उसका यह कहना ही बहोत था पर फिर भी मिलने से पहले मैंने उससे पूछ कर होटल बुक किया और अगले दिन मिलने को कहा. मैं भी फ्लाइट पकड़ कर चंडीगढ़ टाइम पर आ गया और उस को फोन करके होटल के लिए घर से निकलने को कहा और खुद ओटो पकड़कर होटल पहुंच गया.

पर वो मेरे पहुंचने के बाद भी नहीं आई तब मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था. फिर मैंने उसे फोन किया तो वह बोली नहाने में लेट हो गई थी.

मैंने कहा : ठीक है, पर जल्दी आओ..

फिर वह थोड़ी देर बाद आ गई और हमने होटल में चेक इन किया. और अपने रूम में पहुंच गए थे.

वह बहुत घबरा गई थी और उसनेम लाल कलर का सूट डाला हुआ था जिस में वह बम लग रही थी. मैंने उस के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा, घबराओ मत मैं तुम्हारी मर्जी के खिलाफ कुछ नहीं करूंगा.

तब उसने थोड़ी राहत की सांस ली और बेड पर बैठ गई. मैंने ऐसी का टेंपरेचर भी थोड़ा लो कर दिया जिससे उसे ठंड लगे और वह मेरे पास आए, मैं भी वही बेड पर दूसरी तरफ बैठा था. और उसको निहार रहा था. जैसे ही उस को ठंड लगने लगी वह मेरे पास आकर चिपकने लगी जिसका मुझे बेसब्री से इंतजार था.

अंजली एकदम से उठी और अपने पर्स में से कुछ निकलने लगी और मैंने देखा कि वह मेरे लिए खाना बना कर लाई थी, और अब मैंने उसकी हाथों से ही खाना खाया और मस्ती में उसकी उंगली को काटने लगा.

खाना खाने के बाद मैंने उससे कहा तुम खाना बहुत अच्छा बना लेती हो.

उसने मुस्कुराते हुए थैंक्यू बोला..

अब में खुद को उसके करीब लाया और उसके गुलाबी होंठों पर अपने होंठ रख दिये और एक दूसरे की सांसो को महसूस करने लग गए, अब अंजलि से भी अपनी गर्मी बर्दाश्त नहीं हुई और उसने मेरे होठों को अपने होठों में डाल कर चूसना शुरू कर दिया..

यह मेरी जिंदगी की पहली किस थी जो मुझे अंजलि के होठों से मिली थी. मैं भी उसके होठों को चूसने लग गया और हम एक दूसरे के किस में ऐसे खो गए कि हमें पता ही नहीं चला कि कब आधा घंटा हो गया.

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