दोस्त की बहन को चोदा

हेलो फ्रेंड्स, मैं यश हूँ अहमदाबाद (गुजरात) से और ये स्टोरी मेरी और मेरे दोस्त की सिस्टर की है, ये बात 6 साल पुरानी है पर मुझे ये बहोत ही पसंद है इस लिए मैं यहा शेर करने जा रहा हूँ, आज तक मैं इस स्टोरी की हीरोइन जो की मेरे दोस्त की सिस्टर है उसको चोदता हूँ और उसकी शादी 4 साल पहेले हो चुकी है, फिर भी मैं अभी भी कई बार मज़े लेता हूँ, स्टोरी पे आते है, मेरा एक दोस्त था विवान अब उससे रीलेशन नही है मेरे हम लोग एक ही सोसाइटी मे रहते थे, हमारे फॅमिली के काफ़ी आछे रीलेशन थे और उसका घर बिल्कुल मेरे सामने वाला था, उसकी फॅमिली मे वो उसके पेरेंट्स और एक सिस्टर थी और उसकी सिस्टर का नाम देविका (चेंज्ड) था, देविका देखने मे सावली थी और उसके बूब्स भी बड़े नही थे पर वो दिखने मे बहोत ब्यूटिफुल थी मैं पहले ही उसके नाम की मूठ मारता था पर वो थी बड़ी मस्त स्पेशली उसका फिगर मस्त था और उसमे भी उसकी गॅंड का तो क्या कहना दोस्तो.

स्टोरी ऐसी है की मैं और मेरा दोस्त साथ मे पढ़ाई करते थे रात को भी हम कभी उसके घर पढ़ते कभी मेरे घर, थोड़े दिन बाद वो अपने और दोस्त के घर जाने लगा पढ़ने तो इसलिए मैं अब मेरे घर ही पढ़ता था क्योकि मैं उस टाइम 12थ मे था और मेरी उमर उस वक्त 18 साल थी, अब देविका के भी एग्ज़ॅम्स नज़दीक थे तो वो मास्टर्स कर रही थी और उसके फर्स्ट ईयर के एग्ज़ॅम्स आने वाले थे तो उसने मुझसे कहा की तुम मेरे घर आके पढ़ा करो मेरे साथ मुझे भी कंपनी रहेगी, तो उसी रात से मैं उसके घर जाने लगा और मेरा दोस्त पूरी रात उसके फ्रेंड्स के वाहा चला जाता और देविका के पेरेंट्स टेरेस पर सो जाते थे, मैं और देविका ही नीचे अकेले रूम मे पढ़ते थे पूरी रात और रात को हम चाय नाश्ता भी करते बाते भी करते और मैं छुप-छुप के देविका को भी देखता रहता, देविका मुझे बच्चा ही समझती थी इस लिए मस्ती करती मेरे साथ और मुझे छूती पर उस टाइम मेरा लॅंड टाइट हो जाता था.

और कई बार दोस्तो स्टडी करते-करते मुझे घर जाना पड़ता और मैं देविका के नाम की मूठ मारके वापिस उसके घर जाता, देविका को आदत थी की पढ़ते-पढ़ते नींद ना आए इसलिए वो रात को नहाने जाती थी और वो जब नहाने जाती तब मैं तुरंत अपने घर चला जाता फर्स्ट फ्लोर पर क्योकि देविका का बाथरूम उसके किचन मे ओपन होता है और मेरे घर के फर्स्ट फ्लोर के बाल्कनी से उसकी किचन की विंडो के अंदर मैं देख सकता था, उसका ब्लॅक ग्लासस होने की वजा से उसे बाहर नही दिखता था अंधेरे की वजा से मैं फर्स्ट फ्लोर पर जा कर उसके नहा कर बाहर आने का इंतेज़ार करता, क्योकि उसके घर मे कोई नही होता था उस टाइम इसलिए वो कपड़े किचन मे आ कर पहनती थी और मैं उसे देख कर उसी टाइम रोज़ मूठ मारता, फिर मैं अपना माल एक कप मे डालता और चाय बनाके देविका के लिए उसी कप मे ले जा जाता और मेरे लिए अलग कप मे ले जाता, फिर हम लोग साथ मे चाय पीते और मैं रोज़ देविका को अपना माल पिलाके बहोत खुश होता.

अब मेरे बेचैनी बढ़ती जाती थी और वो जब नहाने जाती तब मैं घर पर नही जाता था अब बल्कि उसके बाथरूम का दरवाजा पुराना था तो नीचे से थोड़ा टूटा हुआ था तो मैं दरवाजे के नीचे से उसे देखने की कोशिश करता और सिर्फ़ उसके नंगे पैर दिखते थे और कभी वो बैठ जाए तो उसकी मस्त गॅंड दिखती, जैसे ही वो नहा कर आए और चाय बनाए हमारे लिए तो मैं उस टाइम उसके बाथरूम मे जाता और उसकी ब्रा और पैंटी को सूँघता और देविका की खुश्बू लेता, ऐसा काफ़ी दिन चला और फिर मैं वोही करता और एक दो बार मैने उसकी पैंटी मे अपना माल छोड़ दिया मूठ मारके और उसके दूसरे दिन से फिर वो बाथरूम मे अपनी पैंटी और ब्रा छोड़ने के बदले बाहर जाके सिद्धा वॉशिंग मशीन मे डालने लगी, एक दिन स्टडी करते-करते रात को 3 बजे नहाने गयी और मैं उसे डोर के नीचे से देखने लगा पर अचानक डोर ओपन करके वो बाहर आ गयी और मेरी गॅंड फट गयी की अब वो मेरी मॉम को बता देगी या दोस्त को बोलेगी तो इज़्ज़त खराब होगी मेरी.

पर ऐसा कुछ नही हुआ बल्कि उसने मुझे मना किया की ऐसा मत किया करो तुम छोटे हो अभी और मैं खुश हो गया पर मेरी बेचैनी बढ़ती ही जा रही थी देविका के लिए वो ये नही समझ रही थी की 18 साल के इस लड़के का लॅंड उछालने लगा है, अब बात है जिस दिन हमारे बीच कुछ हुआ एक रात वो नहा कर बाहर आई और किचन मे खड़ी हो कर चाय बना रही थी और मुझसे कंट्रोल नही हुआ और मैने पीछे से जाकर उसको पकड़ लिया और उसके गले को और गाल चूमने लगा, वो छूटने की कोशिश करने लगी पर मैने अपना लॅंड उसकी गॅंड मे सटा के रखा, देविका (गुस्से से) “यश ये सब क्या है? छोड़ो मुझे”, मैं “देविका दीदी प्लीज़ कंट्रोल नही होता मुझसे करने दो बस”, मैं उसके गाल पर और बॅक साइड नेक पर चूमते ही जा रहा था टाइट होल्ड करके और वो छूटने की कोशिश करती रही, फिर मैने अपना हाथ उनके बूब्स पे रगड़ना स्टार्ट किया और मैने उसे जाकड़ के पकड़ा हुआ था.

Pages: 1 2

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *