गांड का चस्का सर चढ़कर बोला

antarvasna, kamukta मेरे भैया की शादी को एक वर्ष ही हुआ था लेकिन उस एक वर्ष में हमारे घर से हमेशा कुछ न कुछ सामान गायब होता रहा, जब यह सब कुछ ज्यादा ही होने लगा तो मैंने इसके बारे में जांच-पड़ताल करने की कोशिश की लेकिन मुझे कुछ भी पता नहीं चल रहा था कि आखिर कार यह सब कर कौन रहा है, हमारे घर से कई बार चोरियां होने लगी थी हम लोग अभी जॉइंट फैमिली में रहते हैं इसलिए उस वक्त किसी पर भी शक नहीं किया जा सकता था लेकिन मैंने इस बात को जानने के लिए अपने एक दोस्त से मदद ली वह मुझे कहने लगा कि तुम्हें अब अपने घर में जासूसी करनी चाहिए।

मुझे नहीं लग रहा था कि शायद मैं कुछ भी पता कर पाऊंगा लेकिन जब एक रात मैंने अपने घर से किसी को बाहर निकलते हुए देखा तो मैं उसके पीछे बड़ी तेजी से दौड़ा, उसने अपने चेहरे पर काला कंबल उड़ा हुआ था जिससे कि वह दिखाई नहीं दे रहा था लेकिन उसकी कद काठी से तो यह अंदाजा लगाया जा सकता था कि वह कोई पुरुष था और वह बड़ी तेजी से घर से बाहर गया मैं भी उसके पीछे बड़ी तेजी से गया लेकिन मैं उसे पकड़ने में असमर्थ रहा, कुछ दिनों तक तो हमारे घर में कुछ भी गायब नहीं हुआ लेकिन 6 महीने बीत जाने के बात दोबारा से वही घटना शुरू हो गई मैंने इस बारे में पूरी तरीके से सोच लिया था कि मैं इसके बारे में पता कर के ही रहूंगा। उस वक्त गर्मियों का समय था और गर्मी बहुत ज्यादा हो रही थी मैं छत में ही सोने लगा, उस दिन दोबारा से वही काले कंबल उड़े हुए व्यक्ति मुझे दिखा तो मैंने उस दिन सोच लिया था कि आज मैं उसे पकड़ कर ही रहूंगा उस दिन मैंने उसे पकड़ लिया और जब मैंने उसे पकड़ा तो वह मेरे आगे हाथ जोड़ने लगा और गिड़गिड़ाने लगा, वह कहने लगा मुझे छोड़ दो मैंने कुछ भी नहीं किया है, मैंने उसे कहा तुम्हारी वजह से ही तो हमारे घर में इतनी चोरी हुई है मैं तुम्हें कैसे छोड़ सकता हूं।

मैंने उसे कहा यदि तुम मुझे सच सच नहीं बताओगे तो मैं और लोगों को भी बुला दूंगा और उसके बाद तो तुम्हें पता ही है कि तुम्हारा क्या हाल होगा, वह मेरे पैर पकड़कर कहने लगा साहब मुझे छोड़ दीजिए मैं गरीब आदमी हूं मुझे तो इसके पैसे मिलते हैं इसलिए मैं यह सब करता हूं, मैंने उससे पूछा आखिरकार तुम्हें यह सब करने के लिए किसने कहा? काफी देर तक उसने कुछ भी नहीं बताया, जब मैंने उसे दो तीन थप्पड़ रसीद दिए तो वह मुझे कहने लगा यहां पर कृतिका नाम की महिला रहती हैं उन्होंने ही मुझे यह सब करने के लिए कहा था। जब उन्होंने कृतिका भाभी का नाम लिया तो मेरा दिमाग पूरी तरीके से सन्न हो गया मैं सोच नहीं पाया कि आखिरकार उन्होंने ऐसा करने के लिए क्यों कहा क्योंकि मैं तो उनकी बड़ी इज्जत करता हूं लेकिन जब उस व्यक्ति ने यह बात कही तो मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था और मैंने यह सोच लिया था कि मैं किसी भी हाल में कृतिका भाभी को नहीं छोडूंगा मैंने उसके लिए पूरी तैयारी कर ली थी, उस व्यक्ति को मैंने कहा कि तुम्हारा घर कहां है? मैं उस रात उसके घर पर भी गया, मैंने उससे कहा मैं तुम्हें एक शर्त पर ही छोडूंगा जब तक तुम सबके सामने कृतिका भाभी का नाम नहीं ले लोगे। उस व्यक्ति ने मुझे अपना घर भी दिखा दिया था और वह वाकई में एक गरीब परिवार से था मैं यह जानना चाहता था कि आखिरकार कीर्तिका भाभी ने ऐसा क्यों किया, मैंने जब उनके बारे में जानने की कोशिश की तो मुझे उनके बारे में बहुत कुछ ऐसी जानकारियां पता चली जिसे सुनकर मैं बहुत ही ज्यादा दंग रह गया मुझे जब पता चला उनकी पहले से ही शादी हो चुकी है और यह बात उनके घर वालों ने हमसे छुपाई थी। मैं जब उन व्यक्ति से मिला तो उन्होंने मुझे कृतिका भाभी के बारे में सारी असलियत बता दी, वह कहने लगे वह एक नंबर की लालची महिला है और वह किसी लड़के से प्यार करती है उसने उसके चलते मुझे भी बहुत चूना लगाया लेकिन जब मुझे उसकी असलियत पता चल गई तो मैंने उसे तलाक दे दिया। मैंने उनसे पूछा लेकिन आप की शादी कितने टाइम तक चली? वह कहने लगे हम दोनों की शादी सिर्फ दो महीने तक ही चल पाई उसके बाद से मेरा उससे कोई भी लेना देना नहीं है।

अब मुझे उनके बारे में सारी असलियत पता चल चुकी थी और वह मेरे भैया को भी धोखा देना चाहती थी लेकिन मैं यह सब होने नहीं देना चाहता था इसलिए मैंने अब उनकी सारी करतूत अपने भैया के सामने खोलने की ठान ली परंतु पहले मैं उनसे इसके बारे में पूछना चाहता था, जब मैं उनसे इस बारे में बात कर रहा था तो वह मुझे कहने लगी देखो रोहन अब तुम्हें सब कुछ पता चल ही चुका है तो तुमसे छुपा कर कोई फायदा नहीं है, मैं एक लड़के से प्यार करती हूं और वह कुछ भी नहीं करता इसलिए मुझे यह सब करना पड़ा, मेरे माता-पिता की जिद की वजह से मुझे पहली शादी करनी पड़ी और जब मेरा तलाक वहां से हो गया तो उसके बाद उन्होंने मेरी शादी तुम्हारे भैया से करवा दी। वह बड़ी जोर जोर से रो रही थी लेकिन मुझे उन्हें देखकर बिल्कुल भी दया का भाव नहीं आ रहा था उन्होंने जो हमारे साथ किया वह बहुत गलत किया और मैं उन्हें उसके लिए कभी भी माफ नहीं कर सकता था। वह मेरे सामने रोने लगी जब वह मेरे पास आई तो मुझे कहने लगी मुझे माफ कर दो मैं आगे से कभी भी ऐसी हरकत नहीं करूंगी। उन्होंने जानबूझकर अपनी साड़ी के पल्लू को नीचे कर दिया जब उनके स्तन मुझे दिखाई देने लगे तो वह मुझे अपनी और आकर्षित करने लगी है।

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