गांद का मज़ा खुली चूत मे कहा

मैं उनके घर सिर्फ़ 5 मिनिट ही बैठा और फिर अपने घर आ कर मैने सब से पहले भाभी के गोरे बूब्स को याद करके मूठ मारी. तब जा कर मेरा दिमाग़ सेट हुआ और मेरा लंड भी शांत हो गया. मैं उस रात पूरी रात नही सो पाया मेरी आँखो के सामने पूरी रात भाभी का बूब्स घूमता रहा. मेरा सोना बहोत मुश्किल हो गया था. मैने इसलिए सोचा की किसी भी हालत मे कल भाभी के घर जा कर उन्हे चोदना ही पड़ेगा. इसलिए मैं सोने से पहले भाभी के नाम की मूठ मारी और मैं सो गया.

सुबह मैं उठा और तैयार होकर 11 बजे भाभी के घर गया. मैं जाते ही सोफे पर बैठ गया और भाभी को आवाज़ दी. भाभी किचन मे थी इसलिए वो थोड़ी देर तक आने वाली थी. तभी मैने देखा की टेबल के नीचे मैनफोर्स के 4 बड़े बॉक्स पड़े है. मैं देख कर हैरान रह गया की भाभी को भाईया इतने चोदते है की महीने भर के कॉन्डोम एक साथ ही ला कर रखे हुए है.

कुछ ही देर मे भाभी आ गई और वो मेरे सामने बैठ कर मुझसे बातें करने लग गई. तभी मैने पूछ लिया की भाभी इतने सारे कॉन्डोम लगता है भाभीया बहोत ही वो है. भाभी बोली नही नही विक्रम तुम बहोत ग़लत सोच रहे हो. दरअसल ये बॉक्स सप्लाइ के लिए है वो आज जाते हुए भूल गये ले जाना. वैसे तुम्हारी कॉलेज मे गर्ल फ्रेंड नही है क्या.

भला अब कोई लड़का क्यो कहेगा की उसकी पहले कोई गर्ल फ्रेंड है या उसने कभी पहले सेक्स किया भी हुआ है. इसलिए मैने भाभी को सॉफ ना कर दिया. तभी मैने पूछा वैसे भाईया कॉन्डोम यूज़ करते है. भाभी बोली नही करते थे और वैसे तुम तो ऐसे पूछ रहे हो की जैसे तुमने कॉन्डोम कभी ट्राइ तक नही करा.

मैं बोला अच्छा भाभी तभी इतनी जल्दी आप के 2 बच्चे है. और मैने कभी सेक्स ही नही किया तो कॉन्डोम की क्या ज़रूरत है. और किस्मत देखिए ज़रा जो सेक्स करता है वो कॉन्डोम यूज़ नही करता है और जो सेक्स नही करता आज उसके सामने कॉन्डोम ही कॉन्डोम पड़े है. और लोग उसे कह रहे है की तू कॉन्डोम यूज़ किया कर.

भाभी ने कहा तू भी कॉन्डोम यूज़ किया कर कहीं पहले 2 साल मे ही 2 बच्चे कर दे. वरना सेक्स का मज़ा ही नही आएगा.

मैं बोला क्यो भाभी भाईया अब आपके साथ सेक्स नही करते क्या.

ये सुनते ही भाभी एक दम उदास हो गई वो कुछ नही बोली. मैं समझ गया की क्या बात है वो रोने ही वाली थी तभी मैं उनके पास गया. और उन्हे अपनी भाहों मे भर लिया. मैने बड़े प्यार से उनके आसुओ को सॉफ किया. इस से पहले मैं कुछ करता भाभी ने खुद ही मेरे होंठो को चूमना शुरू कर दिया.

भाभी ने शुरुवात तो कर दी थी पर अब एंडिंग मुझे करनी थी. इसलिए मैं उनका सिर पकड़ा और उनके होंठो को ज़ोर-ज़ोर चूसने लग गया. जिन होंठो को देख मैं मूठ मारता था आज मैं उन्हे ही चूस रहा था मुझे यकीन नही हो रहा था. होंठो को 15 मिनिट तक चूसने के बाद मैने उनके सारे कपड़े उतार दिए.

अब मेरे सामने भाभी आज पूरी नंगी थी. जिसे मैं ना जाने कब से इंतेजार कर रहा था. आज वो मस्त और सेक्सी बूब्स मेरे सामने थे. दोनो बूब्स को मैने अपने हाथो मे लिया और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लग गया. मैने दोनो बूब्स को खूब अच्छे से चूसा और भाभी पूरी गरम हो गई थी.

तभी मै नीचे गया और उनकी दोनो टाँगे खोल कर उनकी चूत को चाटने लग गया. चूत तो पहले से ही बहोत गीली हो चुकी थी फिर भी मैने खूब अच्छे से भाभी की चूत चाटी और उनकी चूत का सारा पानी निकाल दिया. मैने सारा पानी चाट-चाट कर सॉफ कर दिया. भाभी की चूत एकदम चिकनी हो रखी थी.

फिर मैं भाभी को अपना 7 इंच का लंड अच्छे से चुस्वाया. और फिर मैं उन्हे बेडरूम मे चोदने के लिए ले कर गया. पर वाहा पर उनकी बेटी सो रखी थी. इसलिए मैं उन्हे सोफे पर ही ले आया. और उनकी दोनो टॅंगो को खोल लिया. भाभी ने अपने हाथो से मेरे लंड पर कॉन्डोम लगा दिया. और फिर मैं धक्के से अपना लंड उनकी चूत मे घुसा दिया.

चूत काफ़ी खुली थी इसलिए लंड पूरा एक झटके मे पूरा अंदर गया. भाभी ने कहा इसलिए मैं कह रही थी की बच्चे इतनी जल्दी मत करना. पर फिर भी मैं बहोत ज़ोर से भाभी की चूत को चोद रहा था. जब भाभी को मज़ा आने लग गया तो भाभी भी अपनी गांड को उठा उठा कर लंड को चूत मे ले रही थी.

भाभी की चूत का पानी निकलने के बाद वो थोड़ा शांत हो गई. मैं तभी अपना लंड चूत से बाहर निकाला और उनकी गांड मे एक ही झटके मे पूरा लंड उतार दिया. भाभी की सांस रुक गई मूह खुला का खुला रह गया. उनके नाख़ून सोफे के अंदर गड़ गये. और बहोत ज़ोर से वो चिल्लाई.

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