गाँव की देसी गर्लफ्रेंड की बुर चुदाई

गाँव में मेरे घर के सामने एक लड़का मेरा दोस्त था. उसकी बहन मेरी बहन की सहेली बन गयी और वो मेरे घर आने लगी और किसी ना किसी बहाने मुझसे बात करने लगी।

मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूं। अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली देसी सेक्स कहानी है। अगर कहानी में कोई गलती हो तो आप लोग मुझे क्षमा करिएगा। मुझे विश्वास है कि आप लोगों को यह कहानी जरूर पसंद आएगी।

मेरा नाम अंशु है। मेरा उम्र 27 वर्ष है। मेरा रंग साफ और मेरी हाइट 5 फुट 10 इंच है। मेरे लंड का साइज 7 इंच है। मैं उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र के छोटे से गांव का रहने वाला हूं।

यह कहानी आज से 7 साल पहले की है। मेरे घर के सामने एक परिवार रहने के लिए आया। उस परिवार में 6 लोग थे। माता पिता 2 भाई और दो बहन थी। दोनों बहनें अपने भाइयों से बड़ी थी। छोटी वाली का नाम सौम्या (बदला हुआ नाम) था। सौम्या का फिगर 32 28 32 था।

सौम्या के भाई से मेरी दोस्ती हो गई जिसकी वजह से मैं सौम्या के घर जाने लगा। सौम्या मुझे पसंद करने लगी थी और वह मुझसे बात करने के लिए हमेशा मौके की तलाश में रहती थी। सौम्या मुझसे बात करने से पहले मेरी बहन से दोस्ती की। मेरी बहन से मिलने के बहाने सौम्या मेरे घर आने लगी थी और किसी ना किसी बहाने मुझसे बात करना शुरू कर दी।

एक दिन मैं अपने घर से कहीं जा रहा था और सौम्या मेरे घर के लिए आ रही थी। रास्ते में उसने मुझे रोका और मुझसे बोली- मुझे तुमसे कुछ बात करनी है।
मैंने उससे कहा- बोलो क्या बात है?
तब उसने कहा- नहीं, तुम नाराज हो जाओगे.
और वह चली गई।

शाम को जब वह मुझसे मिली तो उसने फिर कहा- उसे मुझसे कुछ बात करनी है.
मैं बोला- जो भी बात है बताओ?
तो उसने मुझसे वादा कराया कि मैं उसकी बात से नाराज नहीं होऊंगा और ना किसी को बताऊंगा।

मैंने वादा किया कि मैं किसी से कुछ नहीं कहूंगा और कहा- तुम मुझ पर विश्वास कर सकती हो।
तब उसने कहा- मैं तुमसे प्यार करती हूं.
और उसके बाद वह वहां से भाग गई।

शाम को जब मैं उसके घर गया तब उसके घर पर कोई नहीं था। मुझे देख कर वह मुस्कुराते हुए मेरे पास आई और मुझसे पूछने लगी- मैं आपको पसंद हूँ या नहीं?
मैंने उसे बताया- मैं भी तुम्हें बहुत प्यार करता हूं।
इतना सुनकर बहुत खुश हो गई।

थोड़ी देर मैं उसके घर पर रुका, उसके बाद मैं उसके घर से वापस चला आया।

अगले दिन जब मैं उसके घर गया उसके घर पर कोई नहीं था. तो वह दौड़कर मेरे पास आई और मुझे अपने गले से लगा लिया।
उसके गले से लगाते ही मेरे शरीर में अजीब सी हलचल होने लगी मेरे पूरे शरीर में गुदगुदी सा होने लगा। मैं अपनी लाइफ में फर्स्ट टाइम किसी लड़की के गले लगा था।

मैं वापस अपने घर आया और मैं कमरे में आ गया मुठ मारने लगा।

अगले दिन जब मैं उससे मिला तो उसने मुझे एक लेटर दिया। मैंने लेटर लेकर जैसे ही अपनी जेब में रखा, तब तक उसका छोटा भाई आ गया और मुझसे मार्केट चलने के लिए पूछने लगा.
और मैं उसके साथ मार्केट चला गया।

मार्केट में उससे अलग हो कर लेटर को अपने जेब से निकाल कर पढ़ने लगा।
उसने लिखा था कि उसे एक मोबाइल चाहिए जिससे वह मुझसे बात कर सके।

मैंने मार्केट से एक सिम कार्ड लिया और घर आकर अपनी पुरानी मोबाइल में वह से लगाकर सौम्या को दे दिया।

सौम्या का भाई ज्यादातर मेरे साथ सोता था। उस दिन भी वह मेरे साथ सोया था।

रात को लगभग 11:30 बजे मेरे नंबर पर सौम्या का कॉल आया. उसने मुझे मिलने के लिए मेरे बगीचे में बुलाया.
मेरे घर के सामने एक मेरा बगीचा है और बगीचे के बाद रोड है रोड की दूसरी तरफ सौम्या का घर है।

मैंने फोन काट कर उसके भाई को देखा तो वह गहरी नींद में सो रहा था. मैं चुपके से उठा और अपने बगीचे में चला गया.

वहां पर सौम्या पहले से ही खड़ी थी। जाते ही मैंने उसको गले से लगाया उसे किस करने लगा।
सौम्या ने मेरा हाथ पकड़ कर अपनी चूची पर रख दिया और उसे दबाने के लिए बोला। मैं उसकी चूची दबाने लगा और वह पैंट के ऊपर से ही मेरा लंड दबाने लगी।

थोड़ी देर बाद उसने अपने ओंठ मेरे होठों पर रखे और चूसने लगी। और हम दोनों दूसरे के अंगों के साथ खेलने लगे।

कुछ देर बाद सौम्या के घर से किसी के आने की आहट सुनाई दी। हम लोग तुरंत एक दूसरे से अलग होकर पेड़ों के पीछे छुप गए।

कुछ देर बाद हम लोगों ने देखा कि सौम्या के पापा पेशाब करने के लिए मेरे बगीचे की तरफ आ रहे हैं। सौम्या अपने पाापा बगीचे के तरफ आते हुए देखकर डरने लगी। उसके पापा हम लोगों से कुछ दूरी पर खड़े होकर अपना लंड निकालकर पेशाब करने लगे।

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