गांव की लड़की के साथ हसीन रातें

दोस्तो, मैंने मेरे आफिस में काम करने वाली एक गांव की लड़की की चुदाई की।
मेरा नाम कुणाल है और मैं जयपुर का रहने वाला हूँ. मेरी उम्र 24 साल हैं, मैं एक मल्टी नेशनल कम्पनी में जॉब करता हूँ. मैं दिखने में अच्छा लगता हूँ और मैंने जिम जा कर थोड़ी अच्छी बॉडी भी बना ली है।

बात आज से तीन महीने पहले की है जब हमारे आफिस में एक नई लड़की ने जॉइन किया था, उसका नाम कोमल था, उसकी उम्र 21 साल थी दिखने में एकदम सीधी सादी, गोरा रंग, कसा हुआ शरीर, लंबे बाल।
वो जयपुर के पास ही किसी गांव से यहाँ जॉब करने आयी थी, उसका पहला दिन था आफिस में तो वो किसी से कोई ख़ास बात नहीं कर रही थी.

लंच टाइम हो गया था तो मेरे साथियों ने मुझे बोला उससे बात करने को, तो मैंने उसके पास जाकर उसको लंच के लिए पूछा.
एक बार तो उसने मुझे मना कर दिया किन्तु मेरे कुछ जोर देने पर वो मान गयी, फिर हमने साथ में लंच किया तो बातों बातों में पता चला कि वो यहाँ अकेली रहती थी और उसे जयपुर आये काफी समय हो गया था, और पहले वो कहीं और जॉब करती थी।

वो लंच नहीं लायी थी तो मैंने उससे अपना लंच शेयर किया इसलिए मेरा पेट नहीं भरा.
जब कुछ समय बाद मुझे फिर से भूख लगने लगी तो मैं कुछ खाने के लिए बाहर जाने लगा, मैं अपने केबिन से बाहर निकला तो उसने मुझसे बोला कि उसे भूख लग रही है.
तो मैं उसे भी अपने साथ ले गया और हम पास ही के एक रेस्टोरेंट में जाकर कुछ खाने लगे।

उस समय मेरे पूछने पर उसने मुझे अपनी लाइफ के बारे में बताया और ये भी बताया कि उसका कुछ दिन पहले ही उसके बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप हुआ है. यह सुनते ही मैं समझ गया कि अब इसे एक कंधे की जरूरत है… तो क्यों ना वो कंधा मेरा ही हो।
और फिर वहाँ हमने अपने फोन नंबर एक दूसरे को दिये।

थोड़ा बहुत खा पीकर फिर हम वापस आफिस में आ गए और अपने अपने काम में लग गए।

फिर हम एक दूसरे से चैट करने लगे, धीरे धीरे फिर हम कॉल पर बात करने लगे, कुछ दिन ऐसे ही बीत गए।

एक रात करीब 11 बजे मुझे उसका कॉल आया, मैंने बात की तो वो रो रही थी. मेरे पूछने पर वो कहने लगी- मुझे तुमसे अभी मिलना है. कैसे भी बस… अभी मिलना है।
मेरा और उसका घर कोई 4-5 किलो मीटर के फासले में होगा, मैं उसके पास गया रात का वक़्त था तो मैंने कार ले जाना ही सही समझा.

मैं उसके घर पहुँचा तो वो बाहर ही खड़ी थी और मैं उससे बात करने के लिए कार से बाहर आया तो वो ‘मुझे यहाँ से चलो!’ कह कर मेरी कार में बैठ गयी।

मैंने कार स्टार्ट की और वहाँ से चल दिए, रास्ते में उसने मुझे बताया कि उसको उसके बॉयफ्रेंड की याद आ रही थी तो इसलिए मुझे बुला लिया थोड़ा टाइम पास करने के लिए।

फिर ऐसे ही कुछ दूर कार चलाते चलाते हम हाईवे पर आ गए और थोड़ी दूर मुझे एक रेस्टोरेंट दिखाई दिया तो मैंने उससे पूछा कि उसे कुछ खाना हैं क्या?
तो उसने बोला- नहीं, खाना कुछ नहीं लेकिन पीना है!
पहले तो मैं उसकी यह बात सुन कर चौंक गया, फिर मैंने उससे पूछा कि पहले कभी पी है?
तो उसने ना में सर हिलाया.

तो मैंने उसे पीने से मना किया, लेकिन वो मुझे पिलाने के लिए जोर देने लगी. कुछ दूर आगे जाकर हमें एक बार दिखाई दिया, वहाँ जाकर हमने बियर पी, कुछ देर बाद उसे चढ़ने लगी।
फिर जब वो अपना होश खोने लगी तो मैं उसे वहाँ से लेकर जाने लगा पर उसे इतनी चढ़ गई थी कि वो सही से चल भी नहीं पा रही थी. मैंने उसे सहारा दिया और हम दोनों वहाँ से चल दिये.
उस समय करीब रात के 12 बज चुके थे, रास्ते में मैंने उससे कहा कि उसे उसके रूम पर छोड़ देता हूं तो उसने मना कर दिया और बोलने लगी कि इतनी रात को घर का गेट कोई नहीं खोलेगा तो अब वो सुबह ही जा सकती हैं।
अब मेरे पास भी कोई जगह नहीं थी उसे ले जाने के लिए तो मैंने उसे रात किसी होटल में गुजरने के लिए बोला और वो फट से मान गयी.

फिर कुछ दूर आगे जा कर मुझे एक होटल दिखाई दिया और मैंने गाड़ी रोक कर उस होटल में रूम के लिए बात की और हमें रूम मिल गया।
मैं उसे रूम में ले गया और उसे सुला कर वापस नीचे लॉबी में आ गया, कुछ देर बाद मैं रूम में गया तो वो जग रही थी, मैंने उससे पूछा- क्या हुआ?
तो उसने मुझे और बियर पीने के लिए बोला.

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