मेरी गर्लफ्रेंड की चुत में दो लंड

हाय दोस्तो, मेरा नाम राज है, मैं महाराष्ट्र का हूँ. पुणे बेलगाम हाइवे पर मेरा गांव है. आशा करता हूँ कि यह मेरी पहली सच्ची कहानी ‘मेरी गर्लफ्रेंड के चुत में दो लंड …’ आपको पसंद आएगी.

मेरी हाईट 5’6″ है, मेरा रंग सांवला है और मेरी बॉडी औसत है. मैं 34 साल का हूँ और मेरा लंड साढ़े सात इंच का है. मेरी शादी हो चुकी है, मेरी बीवी बहुत सुंदर है और मेरी 8 साल की एक लड़की भी है.

यह घटना आज से 4 साल पुरानी है. शादीशुदा होने के बावजूद मेरी एक गर्लफ्रेंड है, उसका नाम पूजा है. पूजा उसका बदला हुआ नाम है. वो दिखने में बहुत ही सुंदर है. वो एकदम पतली है और उसकी हाईट 5 फुट 4 इंच है. उसे देखते ही किसी बुड्डे का भी लंड खड़ा हो जाएगा, वो इतनी अधिक कामुक दिखती है. पूजा भी शादीशुदा है, मेरा उसके साथ मेरे शादी से पहले से ही चक्कर है और मैं उसे तभी से चोदता आया हूँ.

हुआ यूं पूजा का मेरे पास फोन आया कि मैं शहर से बाहर जा रही हूँ और मुझे लौटने में बहुत देर हो जाएगी, आपको मुझे रिसीव करने आना है.
मैंने कहा- ठीक है.

फिर शाम को 4 बजे फोन आया और उसने कहा कि मैं ट्रेन से आ रही हूँ … और मैं मिरज जंक्शन तक की ट्रेन से आऊंगी, आपको वहीं आना है … मैं वहां दस बजे तक पहुंच जाऊंगी.
मैंने कहा- ठीक है.

जिस वक्त उसका फोन आया, उस वक्त मैं काम पर था और मैं और मेरा दोस्त, जिसका नाम आनन्द है. मैंने उसे बताया कि पूजा को मिरज से लाने जाना है … और हम दोनों ही उसे लेने जाएंगे.
उसने कहा- ठीक है.

हम दोनों काम से जल्दी घर आ गए और फ्रेश होकर हम 7-30 को घर से निकले. दस 10 बजे की ट्रेन थी और हमें 2 घंटे का रास्ता काटना था.

मैंने बाईक निकाली और हम दोनों पूजा को लेने के लिए निकल पड़े. यही कोई 10 किलोमीटर का रास्ता काटा होगा कि पूजा का फोन आया और वो बोली कि आप मिरज को मत आओ, मैं सीधा सीटी में ही पहुंच जाऊंगी … उधर 10-30 तक आ पाऊंगी.
मैंने कहा- ठीक है.

अब हमारे पास बहुत समय था, तो मैंने और आनन्द ने बार में जाकर पीने का मन बनाया. हमने शराब की एक बोतल ली और दस बजे तक पीते ही रहे. दस बजे पूजा का फोन आया और उसने बताया कि मैं ट्रेन सही समय से है और मैं आधा घंटे में पहुंच जाऊंगी.

मैंने उसे बताया कि आनन्द भी मेरे साथ है.
उसने कहा- ठीक है … जल्दी आना.

शायद वो समझ गई थी कि हम दोनों मस्ती में हैं.

हमने बची हुई दारू जल्दी से पी और पूजा को लेने निकल पड़े. हम दोनों 10-30 सिटी स्टैंड पहुंचे और उसे फोन किया तो उसने बताया कि बस 15 मिनट लगेंगे.

हम इंतजार करने लगे. वो 10-15 मिनट में पहुंची. मैंने देखा कि वो रेड कलर की साड़ी में क्या कयामत लग रही थी और रेड कलर का ब्लाउज भी क्या बताऊं … उसको कितना मादक बना रहा था. दोस्तो मेरा तो मन अभी उसे चोदने को हो रहा था. उसकी चाल और हमारे तरफ आकर हंसने का स्टाईल … हाय मेरा लंड तो पेंट में तंबू बनाके खड़ा हो गया था.

मैंने देखा कि आनन्द तो अपना मुँह खुला करके पूजा को देख रहा था. मैंने उसके पिछवाड़े पर हाथ मारा, तब वो होश में आया.

अब पूजा हंसने लगी. उसे भी पता चल गया था कि हम दोनों की क्या हालत है. उसने नोटिस किया कि हमारे लंड खड़े हैं. वो हमारे पास आई और हम दोनों को ‘हाय …’ बोली. मैं बाईक लेकर आया और उन दोनों को बाइक पर बैठने को कहा. मेरे पीछे आनन्द बैठा था और पूजा आनन्द के पीछे बैठी थी. मैं गाड़ी चला रहा था.

उसने कहा कि अच्छा हुआ यार तुम आ गए … नहीं तो मुझे ऑटो करना पड़ता.
इस पर आनन्द बोला- राज के होते आपको ऑटो कि क्या जरूरत है.
तो उसने कहा- हां वो तो है.

मैं गाड़ी भगा रहा था और बाइक को एक सुनसान रास्ते से ले गया, जहां किसी का आना जाना नहीं होता था.

मैंने महसूस किया कि आनन्द अपना लंड मसल रहा है और पीछे हलचल हो रही है. मैंने गाड़ी रोकी और उन्हें रास्ते से खेतों के अन्दर जाने को कहा. मैंने भी गाड़ी लगा दी और मैं अन्दर को गया. इस सब में मुझे दो मिनट लग गए.

मैंने जाकर देखा कि पूजा आनन्द का लंड मुँह में लेकर चूसने लगी थी. मैं भी उनके साथ शामिल हो गया. आनन्द ने बताया कि उनका तो गाड़ी पर ही खेल चल रहा था. पूजा ने मेरा हाथ पकड़ कर अपने मम्मों पर रखा और मसलने को कहा. मैंने एक हाथ से चूची पकड़ी और दूसरे हाथ से उसकी चूत में भी उंगली डाल दी.

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