गर्लफ्रेंड की गांड मारी

सभी पाठकों को मेरी तरफ से नमस्कार। मेरा नाम कार्तिक है, और मै मुंबई का रहनेवाला हूं। यह कहानी पढकर जानिए, किस तरह से मैने अपनी लाख कोशिशों के बाद अपनी प्रेमिका को गांड चुदाई के लिए राजी करके गांड चुदाई का मजा लिया। यह कहानी मेरी और मेरी प्रेमिका की है।

हम दोनों कॉलेज के समय से एक दूसरे के साथ है। मेरी प्रेमिका का नाम भारती है, उसका रंग गोरा चिट्टा है। उसके चुचे ३२ के एकदम कडक है, कमर ३० की और चूतड ३४ के है। भारती दिखने में बहुत ही हॉट लगती है।

हम दोनों पिछले दो सालों से रिलेशनशिप में है। हम दोनों ने एक-दूसरे को हर रूप में देखा है। भारती कभी मेरी कोई बात नही टालती थी। लेकिन जब बात आई गांड चुदाई की, उसने मुझे साफ मना कर दिया।

क्योंकि उसने अपने किसी दोस्त से सुना था कि, गांड चुदाई में बहुत ज्यादा दर्द होता है। मेरे लाख मनाने के बावजूद भी वो मान ही नही रही थी।

आखिर में मैने खुद तंग आकर उसे गांड चुदाई के बारे में बोलना ही छोड दिया। हमने अब तक बहुत बार सेक्स किया है, और अब मुझे सेक्स में कुछ नयापन चाहिए था। तो मैने सोचा कि, अब की बार गांड चुदाई करते है, देखते है कैसा लगता है।

तो मैने यही बात सीधे आकर भारती से कही, तो उसने मना कर दिया। वो बोली, “तुम्हे मैने किसी भी चीज के लिए मना नही किया, लेकिन गांड चुदाई नही। मेरी एक दोस्त से मैने सुना है कि, उसमे बहुत ज्यादा दर्द होता है। उससे अच्छा तुम मेरी चुत चुसाई के साथ चुदाई कर दो, और मैं तुम्हारा लंड चूस लुंगी।”

मै जब भी उसे गांड चुदाई के लिए कहता, हर बार वो मुझे कुछ न कुछ वजह बताकर मना कर देती थी। तो अब मैने उसे गांड चुदाई के लिए उकसाना बंद कर दिया। एक दिन उसके घर मे कुछ प्रॉब्लम चल रहा था, वो कुछ दिनों से दुःखी रहने लगी थी।

तो मैने उसका मन बहलाने के लिए उसे कहीं बाहर घूमने लेकर गया। उसके बाद भी वो वैसे ही शांत शांत सी रहने लगी थी, तो मैने उसे खुश रखने के लिए हर एक तरीका अपना कर देखा। आखिर में प्रॉब्लम सुलझ जाने के बाद वो फिर से पहली जैसी हो गई।

उसे पता नही इन दिनों में क्या हुआ, अचानक वो एक दिन मेरे पास आकर मुझसे बोलने लगी, “तुम मेरे लिए कितना कुछ करते हो, और मै हूं कि तुम्हे हमेशा नाराज करती रहती हूं। आज से ऐसा नही होगा। कल तुम्हारे लिए एक सरप्राइज है, तैयार रहना।”

इतना कहकर वो चली गई। मुझे लगा कुछ होगा गिफ्ट छोटा मोटा, जो ऐसे ही मुझे खुश करने के लिए वह दे रही होगी। मुझे उम्मीद भी नही थी कि, वह उसकी गांड चुदाई के लिए राजी हो जाएगी।

वह शाम को मुझसे बोली, “रात आठ बजे के बाद मेरे घर आ जाना।”

मैने भी ठीक है कहकर उसे हां बोल दिया। अब तक मुझे नही पता था कि, वो मेरे लिए क्या सरप्राइज प्लान कर रही है। रात को जल्दी खाना खाने के बाद मै उसके घर की तरफ निकल पडा।

कुछ देर बाद दस मिनट देरी से मै उसके घर पहुंच गया। भारती ने मुझे पहले अपने घर के अंदर ले लिया, और फिर दरवाजा बंद करते ही मेरा हाथ पकडकर मुझे अंदर ले जाने लगी।

मुझे उसके घरवालों का डर लग रहा था, तो उसने कहा कि, उसके घरवाले कहीं बाहर गए हुए है। तो फिर मै कुछ नॉर्मल हुआ। उसने मुझे यह बताते ही मैने उसका हाथ पकडकर उसे अपनी तरफ खींचते हुए गले से लगा लिया।

भारती को अपने गले से लगाने के बाद उसकी सख्त चुचियां मेरी छाती में गडने लगी थी। उसकी चुचियां छाती में गडने से मुझे एक अजब ही अहसास होने लगा।

फिर मैने धीरे से अपना एक हाथ उसके बालों में घुसाकर उसके होठों पर अपने होंठ रख दिए। और उसके होठों को चूमने लगा।

उसके मुलायम होंठ चूमने में बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। फिर उसने मेरे निचले होंठ पर हल्के से काट दिया। उसके काटने से मुझे थोडा दर्द तो हुआ, लेकिन फिर मैने उसके होंठ को अपने होठों में लेकर चूसना शुरू कर दिया।

अब मै उसके होठों के रसपान करने लगा था। उसके कोमल होठों को चूसते हुए अब मै उसके बदन का जायजा भी लेने लगा था। उसने मेरा एक हाथ पकडकर अपनी चूचियों पर रख दिया।

उसकी चुचियां सख्त हो चुकी थी, और निप्पल तनकर खडे थे। ऐसा लग रहा था, जैसे वो मुझे सलाम करने के लिए तनकर खडे हो।

उसके निप्पल मुझे कपडों के ऊपर से भी महसूस हो रहे थे, तो मैंने एक निप्पल पकडकर उसे खींच दिया। जिस वजह से उसके मुंह से एक आह निकल गई।

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