गर्लफ्रेंड की गांड मारी

भारती ने भी अब मेरे बदन पर अपने हाथ घुमाना चालू कर दिया था। धीरे धीरे करके उसने अपने हाथ मेरे लंड के पास ले जाकर मेरे लंड को पकड लिया।

भारती ने अब मेरे लौडे को पकड़कर सहलाना चालू कर दिया था। अब तक हम दोनों ही दरवाजे के पास ही रुके हुए थे। तो मैने उसे अपनी बाहों में उठा लिया और उसके कमरे की तरफ चल दिया।

कमरे में जाकर देखा तो उसने पहले से ही पूरा कमरा सजाकर रखा था। कमरे में हल्की हल्की रोशनी आ रही थी, और बिस्तर पर फूल बिछे हुए थे।

मैने भारती को बिस्तर पर जाकर लिटा दिया। तो उसने वहां मुझे बिठाया और कुछ देर रुकने के लिए कहा। मै वहीं बैठा रहा, तो वो कुछ कपडे लेकर बाथरूम में चली गई।

मैने उससे दरवाजा खुला छोडने को कहा, लेकिन वो मानी नही। अंदर जाकर उसने दरवाजा बंद कर दिया, और फिर दस मिनट बाद वो बाहर निकली तो मै उसे देखता ही रह गया।

वो अब एक नई नवेली दुल्हन की तरह सजकर आई थी। उसने शादी का जोडा भी पहना हुआ था, जिसमे वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी।

उसे इस रूप में देखकर मै तो मंत्रमुग्ध सा हो गया था। वो मेरे पास आ गई, और मेरे हाथ पर चूंटी काटी तब जाकर मै होश में आया। वो आकर मेरे पास बिस्तर पर बैठ गई।

बैठने के बाद उसने अपना सर भी ढक लिया और मुझे अपने पास बुला लिया। मैने भी उसे किसी नई दुल्हन की तरह ही रखा। उसके पास जाकर मैने हल्के से उसका घूंघट हटा दिया और फिर उसके हाथ को अपने हाथ मे लेकर उसके हाथ पर चुम लिया।

उसने शरमाते हुए अपना हाथ खींच लिया, फिर मैने उसके चेहरे को अपनी हथेली में पकडते हुए उसके गाल को चूम लिया। फिर धीरे धीरे मै उसके कपडे उतारने लगा।

भारती ने शादी का जोडा पहना था, तो उसे निकालने में थोडी दिक्कत हो रही थी, लेकिन कुछ ही पलों बाद मैने उसे अलग कर ही दिया।

अब भारती सिर्फ ब्रा और पैंटी पहने हुए थी। तो मैने भी उठकर अपने सारे कपडे उतार दिए, बस चड्डी को रहने दिया।

मै जैसे ही उसके पास पहुंचा, उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और बेतहाशा चूमने लगी। मैने भी उसका साथ देते हुए उसके चूचियों को अपनी हथेली में भरकर सहलाना शुरू कर दिया।

अब मैने अपने हाथ उसकी पीठ पर ले जाते हुए, उसकी ब्रा का हूक खोल दिया। ब्रा का हूक खोलते ही उसकी नंगी चुचियां उछलकर मेरे सामने आ गई।

जिन्हें देखकर मै खुद को रोक नही पाया, और उनको अपने मुंह मे भरकर चूसने लगा। भारती की चूचियों को चूसते चूसते मैने अपना एक हाथ नीचे ले जाकर उसकी चुत को पहले सहलाया।

फिर धीरे से उसकी पैंटी में हाथ घुसाकर उसकी चुत में अपनी एक उंगली डाल दी। अब मै एक उंगली उसकी चुत में अंदर बाहर कर रहा था।

तभी उसने भी मेरे लंड को पकड लिया और दबाने लगी। तो हमने एक-दूसरे को पूरी तरह से नंगा कर दिया। उसको नंगी करते ही मैने सीधे अपना मुंह उसकी चुत पर लगा दिया, और उसकी चुत का रसपान करने लगा।

कुछ देर तक रसपान करने के बाद उसने भी मेरा लंड अपने मुंह मे भरकर चूस लिया।

अब आग दोनों तरफ लगी हुई थी, तो मैंने ज्यादा देर न करते हुए उसकी चुत में अपना लंड डालने वाला ही था कि, उसने बोला, “आज मै अपनी गांड का उदघाटन करना चाहूंगी।”

यह सुनकर मुझे मेरे कानों पर विश्वास ही नही हुआ। मै बस उसकी तरफ देखे जा रहा था, तो उसने मेरे पास आकर मुझे चूमना शुरू कर दिया।

भारती की गांड की चुदाई मैने कैसे की, अगले भाग में लिखूंगा।

आपको मेरी कहानी कैसी लगी, हमे कमेंट करके बताइए। धन्यवाद।

Pages: 1 2