गर्लफ्रेंड ने अपनी सहेली की चूत दिलवायी

सभी जवान भाभियों मस्त आंटियों को मेरे खड़े लंड से नमस्कार. मेरा नाम सैम है. मैं पंजाब से हूँ और चंडीगढ़ में अकेला ही रहता हूँ. मेरे लंड का साईज सामान्य है, पर किसी भी चुत को पूरी संतुष्टि से शांत करने के लिए बहुत दमदार है. मैं ऐसे लिख कर ज्यादा अपने आपको को तुर्रम खां नहीं बनाऊंगा कि मेरा लंड घोड़े जितना बड़ा है, या सांड के जैसे लम्बा है. बस मस्त है और किसी भी को दीवाना बना लेने की दम रखता है.

मैं अच्छे घर से हूँ, बस मुझको चुत चोदने की बड़ी चुल्ल रहती है. मुझमें सेक्स की बहुत आग है, इसी लिए मैं हर आंटी भाभी लड़की को उसी नजर से देखता हूँ. अब तक मैंने बहुत सी लड़कियों और आंटियों की चुत बजाई है. मुझको चुत चूसना बहुत अच्छा लगता है.

आपको तो पता ही है कि आजकल, जब से फिल्मों और इन्टरनेट के माध्यम से सेक्स की जानकारी खुलासा होना आम हुई है, तभी से हर लड़की में सेक्स की आग लगी हुई है.

अभी 5-6 दिन पहले की बात है, मेरी एक फ्रेंड का फोन पार्टी के लिए आया, तो मैंने बोला कि मैं जरा लेट हो जाऊँगा क्लब में ही सीधे मिल लेंगे.
उसने ओके बोला, पर पर थोड़ी देर बाद उसका फोन आया कि मेरी एक सहेली को भी जाना है और उसको उसी के रूम से पिक करना है. पर मैं बिजी था सो मैंने अपने एक फ्रेंड दिनेश को फोन किया और उसको उन दोनों को पिक करने के लिए बोला.

मेरे फ्रेंड दिनेश ने अपने क़जन को साथ लिया और दोनों को पिक कर लिया. फिर उन सभी ने साथ में ड्रिंक की, उनका फोन मेरे पास भी आया, पर ठंड बहुत होने के कारण मेरा मन जाने का नहीं था. मेरी फ्रेंड बार बार फोन करके मुझसे आने को बोलती रही. तो मैं आ गया.

मैंने देखा उसके साथ जो उसकी फ्रेंड थी, वो बहुत ही अच्छा माल थी. मैंने उसको देखा तो देखता ही रह गया. मेरा लंड तो उसके तने हुए मम्मों को देखकर ही खड़ा हो गया. उसका नाम मीशू था. उसका फिगर 32-30-32 का फिगर का था, इतना कांटा माल था कि जो भी उसको देखता होगा, वो पक्के में उसको चोदना चाहता होगा.

मेरी फ्रेंड मुझ पर ग़ुस्सा होने लगी- इतनी देर कहाँ लगा दी तुमने.. मार खानी है क्या.. बड़े नखरे कर रहे थे?
मैंने हंस कर बोला- हाँ मार तो खानी है, पर तुझ से नहीं, इस मीशू की हील से जरूर मार खा लूँगा.
इस बात पर मीशू मुझको देखने लगी. हम दोनों एक दूसरे को देखकर मुस्कुरा दिए.

मीशू बोली- तो दूँ हिला कर?
मैंने कहा- रात को देना, तब खाऊँगा.
वो मेरी इस दो अर्थी बात से हंस पड़ी.

हम क्लब के अन्दर गए. मैंने ड्रिंक नहीं की थी तो मैंने अन्दर जाकर पैग लगाए और फिर डांस फ्लोर पर नाचने लगा.

मेरी नज़रें मीशू पर थीं, पर वो अपनी धुन में नाच रही थी. हर लड़के की नजर उस पर थी. मैं उसके पास जाकर उसको टच करने की कोशिश करता, पर वो दूर कर देती, मेरी फ्रेंड ये देखकर बहुत ग़ुस्सा हो रही थी. वो मेरे पास आई और बोली- तुम्हें मीशू पसंद है?
मैंने कहा- नहीं.
वो ग़ुस्सा हो गई और बोली- तुम सब उसी के पीछे लगे हो.
मैंने कहा- ऐसी कोई बात नहीं है.. हाँ मुझको वो पसंद है, पर एक रात के लिए सिर्फ़ उसके साथ सोना है. मैं उसको तुम्हारे जैसे पसंद नहीं करता हूँ.

यह सुन कर वो हंस दी और मेरे साथ लिपट कर वो डांस करने लगी. बस कुछ ही मिनट बाद हम सभी मस्ती में डांस करते रहे. कुछ देर बाद मेरा फ्रेंड दिनेश और उसका कजन दोनों उधर से चले गए.
फिर मैं, मेरी फ्रेंड और मीशू ही रह गए. हम सबने खूब डांस किया और सुबह चार बजे हम रूम में आ गए.

रूम पर आने के बाद मेरी फ्रेंड ने मुझको गाड़ी में से बैग लाने को कहा तो मैं गाड़ी से उसका पर्स और बैग ले आया. पता नहीं उतनी देर में मेरी फ्रेंड ने मीशू को क्या कह दिया कि जब मैं बैग लेकर ऊपर गया तो मेरी तरफ़ देखकर वो दोनों मुस्कुरा रही थीं. वे दोनों बेड के दोनों सिरों पर लेटी थीं और बीच में मेरे लिए जगह छोड़ दी थी.

मैं बीच में जाकर लेट गया. मैंने अपनी फ्रेंड को सेक्स के लिए बोला, पर उसने कहा- यार, आज तुम मीशू के साथ कर लो.
मैंने बनावटी ग़ुस्सा दिखाया और अपनी फ्रेंड को बोला- ये क्या बोल रही हो?
वो कहने लगी- मैं सही कह रही हूँ, तुम मीशू के साथ सच में सेक्स कर लो.
मैंने मीशू से बोला तो वो कहने लगी कि वो तैयार है.
मैंने बोला- आपको सच में कोई ग़ुस्सा तो नहीं है.
वो बोली- नहीं है यार.. आ जाओ कर लो न.. मुझे कोई दिक्कत नहीं है, तू तो चाहता ही यही था न.

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