एक हसीन शाम भाभी के साथ

दोस्तो मेरा नाम राजन है और मैं पंजाब का रहने वाला हूँ. मेरी उमर 24 साल और मैने बी.टेक अभी हाल मे ही पूरी करी है. मैं दिखने हैंडसम और स्मार्ट हूँ. पंजाब मे मेरे पापा खेती बाड़ी करते है. और मैं शुरू से उनकी बहोत हेल्प करता हूँ. इसलिए मुझे कभी जिम जाने की ज़रूरत ही नही पड़ी.

मेरी बॉडी भी काफ़ी अच्छी बनी हुई है. मैं दिखने मे भी काफ़ी हैल्थी हूँ. और भगवान की कृपा से मेरा लंड भी 7 इंच लंबा है. जो किसी की भी चूत को अच्छे से शांत कर सकता है. दोस्तो मैने कॉलेज शुरू होते ही चुदाई भी शुरू कर दी थी. मेरी क्लास मे पढ़ने वाली रमनप्रीत को मैने बहोत चोदा है. उसकी भी कहानी मैं जल्दी ही आप सब से शेयर करूँगा.

पर आज की कहानी मे वो बताऊंगा जो मेरे साथ पिछले 10 दिन पहले हुआ. दोस्तो तो चलिए अब मैं अपनी कहानी शुरू करता हूँ. मैं बी.टेक पूरी करने के बाद जॉब करने के लिए तैयार था. और कॉलेज से ही मेरी प्लेसमेंट दिल्ली मे टाटा मोटर्स मे हो गई थी. मैं वाहा पर अच्छी पोस्ट पर था और सैलरी भी अच्छी थी.

मैं बहोत खुश था पर घर से दूर रहना थोड़ा सा मुश्किल लगता था. पर मेरे ताया जी का लड़का जो मुझसे बड़ा था. मैं उसे सूरज भाईया कहता था. सूरज भाईया दिल्ली मे ही रहते थे वो शादी करने के बाद यहीन पर रहेने लग गये थे. उनकी शादी को 3 साल हो गये थे पर अभी तक वो बाप नही बने थे. हम दोनो शुरू से ही एक साथ खेल कर बड़े हुए थे.

इसलिए जब मुझे पता चला की वो दिल्ली मे रहते है. तो मैं सॅटर्डे को उनसे मिलने चला गया. दरअसल मेरी सॅटर्डे और सनडे की हॉलिडे होती है. वो मुझे देखते ही बहोत खुश हो गये. और मुझे अपने गले से लगा लिया. फिर उन्होने मुझे भाभी से मिलाया. दोस्तो भाभी को देख कर मैं पागल हो गया. मैं बस ये सोच रहा था की इस चूतिए को ये पारी कहा से मिल गई. भाभी उससे उमर मे 7-8 साल कम लग रही थी.

सच मे सुगंधा भाभी पंजाबी बूम्ब थी. उसका फिगर 34-32-36 था, इतने ज़्यादा सेक्सी फिगर की मालकिन थी मेरी भाभी. रंग इतना गोरा की हाथ लगाने से भाभी पर कोई दाग ना लग जाए ये डर होता था. उसके बाहर निकले हुए बूब्स ऐसे लग रहे थे मानो उसके सीने पर किसी ने दो पहाड़ रख दिए हो. सच मे बहोत ही ज़्यादा सेक्सी थी भाभी. भाईया के साथ मैं बातें कर रहा था और मैने उन्हे बताया की मैं यहीन थोड़ी से दूर रहेता हूँ.

भाईया मुझे अपने पास रहने के लिए कहने लग गये. पर मैने मना कर दिया क्योकि मुझे कंपनी की तरफ से रहने के लिए फ्लॅट मिला हुआ था. फिर मैने ही कह दिया की चलो आप इतना कह रहे हो तो मैं हर सॅटर्डे सनडे आ जाऊंगा. ये सुन कर भाईया और भाभी दोनो बहोत खुश हो गये. फिर क्या था मैं अब हर छुट्टी पर भाईया के घर आने लग गया.

भाईया सॅटर्डे को ऑफीस जाते थे इसलिए भाभी के साथ मैं घर पर पूरा दिन अकेला रहता था. हम दोनो बैठ कर बहोत बातें करते थे. मैं उनकी हेल्प भी कर देता था घर के कामो मे. कुछ ही हफ़्तो मे मेरी और भाभी की बहोत बनने लग गई. मैं भाभी से बहोत मज़ाक करता था. और भाभी भी मुझे बिना बात के छेड़ती रहती थी.

अब हम दोनो सेक्स के बारे मे भी बात कर लेते थे. भाभी मुझसे अक्सर पूछती थी की मेरी कोई गर्ल फ्रेंड है या नही. मैं हमेशा ही उन्हे ना कह देता था. क्योकि इतनी सुंदर मेरे पास भाभी है तो उन्हे गर्ल फ्रेंड के बारे मे बता कर मैने क्या करना था. फिर एक दिन मेरे माइंड मे आइडिया आया. मैने फ्राइडे को ही भाभी को कह दिया की हम दोनो सॅटर्डे को मूवी देखने जाएगें इसलिए आप तैयार रहना.

सॅटर्डे को मैने 10 बजे उनके घर गया. क्योकि अब तक भाईया घर से निकल जाते थे. भाभी तक तैयार नही हुई थी, मुझे इस बात का थोड़ा सा घुस्सा आया. फिर उन्होने मुझे कहा की तेरे भाईया अभी गये और मैं नही चाहती की उन्हे पता चले की मैं तेरे साथ बाहर गई हूँ.

ये बात सुन कर मैं शांत हुआ. फिर मैने भाभी से कहा की आज आप टाइट वाइट कलर का टॉप और ब्लॅक कलर की फुल्ली टाइट जीन्स डालें प्लीज़. भाभी ने कहा ठीक है मेरे देवर जी. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

कुछ ही देर मे भाभी तैयार हो कर आ गई. दोस्तो मैं भाभी को देखता ही रह गया. इतनी सेक्सी लड़की तो आज तक नही देखी थी उसके बूब्स होंठ पेट कमर और चुत्तड़ क्या लग रहे थे. भाभी की फूली हुई चूत टाइट जीन्स मे सॉफ दिख रही थी. भाभी ने कहा ये कपड़े आज से 2 साल पहले के है. जब वो हनिमून पर गई थी जब उन्होने ये लिए थे. इसलिए टॉप थोड़ा छोटा हो गया और थोड़ी टाइट हो गई है.

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