नवविवाहिता बहन की गांड मारी

बात मेरी उसी बहन रिया की है, जिसे मैंने दिल्ली में पहली बार चोदा था. जैसा कि मैं आपको अपनी पिछली सेक्स कहानी में बता चुका हूं.

रिया की अब शादी हो चुकी है, वह पिछले ही महीने जनवरी में अपने पति के घर से गांव के घर पर आई थी.

शादी के बाद वो बिल्कुल बदल गयी थी या यूं कहें कि वो और भी रसभरी जवानी की मालकिन हो गयी थी. उसे देखते ही मेरे लंड में उछाल आ गया. उसके मस्त गुलाबी होंठ और भी रसीले हो गए थे. उसके चुचे जो तब थोड़े छोटे थे, अब और बड़े और भरे हुए लग रहे थे. उसे देख कर मेरा मन कर रहा था कि अभी इसे पकड़ कर चूस लूं और चोद दूं.

दोस्तो, जैसा आप जानते हैं कि उसकी उठी हुई गांड मुझे कितनी ज्यादा पसन्द है. मुझे उसकी गांड मारने का बड़ा मन था. मगर मैं पिछली बार उसकी गांड न मार सका था. अब उसकी गांड और भी मोटी और बड़ी हो गई थी. कुल मिलाकर इस वक्त मेरी बहन ऐसी मस्त कयामत लग रही थी कि मुझसे रुका ही नहीं जा रहा था. एक कारण तो ये था कि वो चोदने लायक माल थी और दूसरा कारण ये था कि वो मेरे लंड से चुद चुकी थी. इस बार उसे पटाने का भी कोई झंझट नहीं था. बस मौक़ा मिलते ही उसकी लेनी थी.

मुझे देखते ही वो मेरे गले लग गयी, मुझे तो मानो जन्नत का सुख नसीब हो गया. मानो कोई हूर मेरे सीने से लग गई थी. उसके मस्त मोटे मम्मे मेरे सीने में गड़ रहे थे. जिससे मेरे लंड में हरकत होने लगी थी.

सबके सामने तो मैं कुछ नहीं कर पाया उसके साथ उसी की ही तरह उससे गले लगा रहा. पर रात को खाने के बाद मेरी उससे बात हुई, तो उसने मुझे बताया उसके पति भी उसे खूब चोदते हैं. वो जैसा चोदू पति चाहती थी, उसे वैसा ही पति मिला है.

मैं ये सुन कर खुश नहीं हुआ. उसने फिर जो कहा, उसे सुन कर मुझे बड़ा सुकून मिला और समझो मजा ही आ गया.

उसने कहा- जो भी हो, मेरे पति भले ही मुझे रोज चोदते हैं लेकिन वो मेरी चुदाई की कमी कभी पूरी नहीं कर पाए.

ये सुनते ही मैंने उसे गले से लगा लिया. बस फिर क्या … काम वासना से दोनों भाई बहन की शरीर जलने लगे. वो मुझसे लता सी लिपट गई, हम दोनों के होंठ एक दूसरे से जुड़ गए. हमने फिर अपना वासना का नंगा नाच शुरू कर दिया.

दोस्तो, आप सिर्फ कल्पना कीजिए कि दो जवान जिस्म, तन्हा रात, दखल देने वाला कोई नहीं, कितना मज़ा आ रहा होगा. ऐसे में एकदम निडर होकर उसकी मर्जी के साथ ही उसे चोदने में क्या अहसास मिल रहा होगा, इसका आप सिर्फ अंदाजा ही लगा सकते हैं.

तो हमने अपना कार्यक्रम शुरू कर दिया. रिया उठकर मेरी गोद में बैठ गयी. हम दोनों ने एक दूसरे को अपनी बांहों में डाल एक दूसरे के होंठों को चूसना आरम्भ कर दिया.

आह इतने दिनों बाद अपनी बहन को अपने बांहों में भरकर कितना मज़ा आ रहा था. रिया के मस्त रस भरे होंठों को चूसते हुए मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और उसके होंठों को चूसता रहा. उसके होंठ चूसते हुए मेरे हाथ उसके जिस्म पर चलने लगे.

मैंने उसकी दोनों चूचियों को अपने दोनों हाथों में भरा और जोर जोर से भींचने लगा, जिससे उसके मुँह से सिसकारियां निकलने लगीं. उसकी चूचियों को मसलने के बाद मैंने उन्हें नंगी कर दिया. उसके चुचे अब पहले से ज्यादा बड़े हो गए थे.

उसके चुचों को मैं बारी बारी पीने लगा. मैं जैसे जैसे उसकी चूचियों को पीता और मसलता, उसकी सिसकारियां बढ़ती जातीं. वो भी मस्ती से अपने मम्मे मुझसे चुसवा कर मजा ले रही थी.

लड़की के दूध, प्रकृति की एक ऐसी देन हैं, जिससे मर्द के लंड में कड़ापन आ जाता है. किसी भी लौंडिया की उठी हुई गांड और तने हुए चूचे ही उसकी सेक्स भावना को उकसाते हैं.

मैं अपनी बहन की एक चूची को मुँह में तथा दूसरे को एक हाथ से दबाते हुए मजा के रहा था. फिर मैं अपने दूसरे हाथ को उसकी चुत पर ले गया और हाथ से चुत को मसलने लगा. चुत पर हाथ लगते ही वो थोड़ी सी चिहुंक उठी थी, शायद मैंने जोश में ज्यादा ही तेज उसकी चुत को मसल दिया था.

‘आंह मारोगे क्या … ये नाजुक जगह होती है … धीरे करो न…’
मैंने उसे चूमते हुए कहा- नाजुक तो कहीं नहीं होती है … लम्बा और मोटा लंड ले लेती है और नौ महीने बाद फुट भर से ज्यादा का बच्चा निकाल देती है.

वो हंस पड़ी और मेरी छाती से चिपक कर मुझे चूमने लगी. मैं भी उसके गरम और जवान जिस्म की आग में खुद को सेंकने लगा.

फिर समय न गंवाते हुए मैंने अपनी प्यारी बहन को पूरी नंगी कर दिया और खुद भी सारे कपड़े उतार दिए.

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