होली मे मिला मम्मी को जवान लंड

हाय.. मैं प्रकाश एक बार फिर से अपनी खूबसूरत रंडी मों की चुदाई की कहानी लेकर आया हू. आप लोगो के बहुत सारे मुझे मेल्स मिले मुझे अछा लगा. ये कहानी तब की है जब मैं बहुत छोटा था. मोम हमारे मुहल्ले की सबसे बड़ी सेक्स बॉम्ब थी और थी क्या अभी भी है. ये कहानी होली से रिलेटेड है जब मैं 8 साल का था. हमारे मुहल्ले मे दो बदमाश लड़के रहते थे. वो दोनो रेंट पे रहते थे एक का नाम राजन और दूसरे का विपुल था. वो दोनो मेरे अंकल के फ्रेंड थे.

मैं जब भी राजन या विपुल से मिलता तो वो मेरी मम्मी के बारे मे पूछते थे. मुझे ऐसा लगता था वो दोनो मम्मी को चोदना चाहते थे लेकिन मौका नही मिल पा रहा था. वो दोनो मॉम से देवर की तरह मज़ाक करते थे सब कुछ नॉर्मल था. मार्च स्टार्टिंग मे ही पापा को बॅंक के कुछ काम से लखनव जाना पड़ा. घर मे मॉम मैं अंकल एंड मेरे बूढ़े दादा दादी थे. अंकल ज़्यादा ट्राइ नई करते थे शायद डरते थे. राजन अक्सर हमारे घर मे आता रहता था और मॉम को कभी नाइटी मे तो कभी सारी तो कभी टॉप मे सलवार मे देखा करता था.

मोम उस टाइम पूरे कातिलाना समय से गुजर रही थी 36 डी 34 38 की जान लेवा फिगर मेनटेन रखी थी. एक दिन मैं खेल कर घर वापस आ रहा था तो मुझसे राजन मिला फिर वो मुझे ढेर सारे चॉक्लेट और एक बॉल दिया और मेरी मम्मी के बारे मे पूछने लगा.फिर वो मुझसे बोलने लगा एक काम करोगे तो मैं उसे तुरंत हा बोल दिया फिर वो मेरे से बोला की तुम्हारी मम्मी क्या क्या पहनती है तो मैं बोला मुझे नही पता तो वो बोला की दूध के उपर का कपड़ा और साड़ी के नीचे कमर के नीचे जो पहनते है उसे वो चाहिए. तो मैं सोचा वो कपड़ो का क्या करेगा मैं ला कर दे देता हू फिर मैं उसे वही रुकने को बोला और घर पर आया और फिर मैं चुपके से मम्मी के अलमारी से उनकी ब्रा और पैंटी अपने पैंट मे डाल कर टी शर्ट से छिपाकर उसे ला कर दे दिया फिर वो मोम की पिंक ब्रा एंड ब्लॅक पैंटी को लेकर ग्राउंड के कोने मे गया फिर ब्रा मे अपना लंड रख कर मूठ मारने लगा फिर मेरे से पूछने लगा तेरी मम्मी का दूध कोन कोन पिया है तो मैं बोल दिया पापा पीते है

फिर वो थोड़ी देर मे झड़ गया और फिर मेरे से बोला की वो मेरी मोम को इस होली मे चोदेन्गा.मुझे उस टाइम कुछ समझ मे नही आया. फिर मैं घर आ गया थोड़े दिन बाद होली आई पापा दो तीन वीक से नही थे मॉम का भी चुदना बंद था. होली के दिन मॉम मुझे मना की की तुम बाहर मत जाना नही तो तुम्हे लोग रंग लगा देंगे. फिर मुहल्ले की बहुत सारी लड़किया मॉम से होली खेलने आई तो मॉम बोली की उन्हे होली नही खेलना और वो रूम बंद कर ली फिर सारी लड़की हमारे दादा दादी से बोलने लगी की उन्हे भाभी से रंग खेलना ही है वारना वो नही जाएँगी.

हमारे घर मे बहुत बड़ा आँगन था सब लड़की वही बैठ गयी फिर मम्मी को दादी जाकर बोली तो मम्मी मान गयी मैं मॉम के साथ ही रूम के अंदर था. मोम मेरे सामने अपनी पुरानी कपड़े खोजने लगी लास्ट मे वो मेरे सामने अपनी पहले सारी उतारी फिर ब्रा एंड पैंटी उतार कर एक पुरानी नाइटी पहन ली. फिर मॉम ने मेरे को भी पुराना कपड़ा पहना दी और मुझे वही रूम मे रहने को बोलकेर बाहर चली गयी. सारी लड़किया कब से बैठी थी सो गुस्सा थी फिर अचानक से मॉम को देख कर टूट पड़ी सबने मॉम पर बाल्टी की बाल्टी रंग डालने लगी मॉम भी उन लड़कियो को नही छोड़ी उनसबको रंग लगाई.

बगल की एक आंटी ने मॉम की नाइटी उठा के उनके चुत को रगड़ के लाल रंग लगाने लगी मॉम भी उस आंटी की ब्लाउस फाड़ के रंग लगाने लगी. मॉम पैंटी ब्रा नही पहनी थी सो मॉम की चुचि सॉफ कबूतर की भाटी दिख रहा था और निप्पल भी दिख रहा था.

फिर काफ़ी देर रंग खेलने के बाद वो चली गयी.इतने मे घर के बाहर काफ़ी शोर सुनाई दिया 4-5 लड़के और हमारे अंकल बाहर रंग खेल रहे थे इतने मे राजन ने मौका का फ़ायदा उठा के दादा दादी के पैर छू कर बोला की भाभी नही दिख रही है इस बार रंग नही खेलेंगी क्या तो दादी बोली की जाओ देखो पूरी रंग से नहाई हुई हैं राजन बस पैंट पहने हुआ था मॉम पर्दे के पीछे से सुन रही थी राजन भंग भी पिया हुआ था फिर वो घर मे घुसने लगा मॉम अपने रूम मे भागने लगी वो पीछे से मॉम को भागता हुआ देख लिया फिर चिल्लाते हुए दौड़ा और बोला आज बच के कहा जाओगी भाभी. मॉम रूम मे घुस के जैसे से लॉक करना चाही वो धक्के मार के गेट खोल दिया मैं डर के मारे टेबल के पीछे छिप गया.

Pages: 1 2