होटल में सेमिनार और कमरे में यार

सोनाली ने अब मेरे लण्ड को अपने मुख में लेकर ऊपर नीचे करना शुरू कर दिया। चलती गाड़ी में सकिंग करवाना मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। सोनाली पूरा लण्ड अपने मुंह में ले रही थी जिससे कभी कभी उसके गले से गूं गूं की आवाज निकल जाती थी।

चलती गाड़ी में जितना भी हो सकता था उससे ज्यादा वो करने की कोशिश कर रही थी। अब उसने अपनी स्पीड बढ़ा दी थी। मेरा लण्ड उसने चूस कर लाल कर दिया था। अब उसने मेरे लण्ड को सिर्फ अपने होठों से चूसना शुरू किया। मेरा लण्ड सिर्फ उसके होठों से छूकर उसके मुँह के अंदर जा रहा था। मतलब कि उसकी जीभ मेरे लण्ड से बिल्कुल भी टच नहीं हो रही थी। जैसे ही सोनाली के होंठ मेरे लण्ड पर नीचे से ऊपर या ऊपर से नीचे जाते एक अजीब सी सिरहन मेरे शरीर में दौड़ जाती। किसी अनुभवी खिलाड़ी की तरह वो मेरे लण्ड से खेल रही थी।
बीच बीच में वो मुझे देखकर मुस्करा भी जाती थी।

अगला टोल आने वाला था, मैंने पूछा- क्या मैं लण्ड का पानी तुम्हारे मुँह में निकाल दूँ?
तो उसने अपने हाथ के इशारे से मुझे मना कर दिया।

थोड़ी देर और चूसने के बाद वो सीधी होकर बैठ गयी और लंबी लंबी सांसें लेने लगी। उत्तेजना की वजह से उसका बुरा हाल था। मैंने उसे पानी की बोतल दी। हम दोनों ने गाड़ी साइड में रोककर अपने कपड़े ठीक किये और चल दिये।

अब सोनाली ने मेरे करीब आकर मेरे गालों पर एक किस किया और मुझे थैंक्स बोला- प्रियम, मुझे बहुत अच्छा लगता अगर मैं तुम्हारे लण्ड का पानी पी पाती… लेकिन मुझे पहले सेमिनार में जाना है और मैं नहीं चाहती कि मेरे कपड़े खराब हो जाएं। और कपड़ों से ज्यादा मुझे अपने मूड की चिंता है कि अगर ये खराब हो गया तो फिर सिर्फ होटल का रूम दिखाई देगा।
मैं उसकी बात सुनकर हँस दिया।

“प्रियम, तुम्हारा लण्ड वाकई बहुत तगड़ा है। बस अब मुझे इतना चोदना कि मेरा दम निकल जाए। मैं कितना भी मना करूँ लेकिन तुम मुझे चोदना बंद मत करना।”
मैंने कहा- ठीक है, ये मेरा वादा है कि ये ट्रिप आपके जीवन की सबसे यादगार ट्रिप होगी। मेरे लण्ड की जी भर के सवारी कर लेना।

उसने मुझे एक किस ओर दी और अपने बैग से लिपस्टिक निकाल कर अपने होठों पर लगाने लगी। उसकी सारी लिपस्टिक मेरा लण्ड पहले ही खा चुका था।

जिस होटल में सोनाली का सेमिनार था उसी होटल में उसका एक रूम पहले से ही बुक था। सोनाली ने मेरे लिए भी अलग से एक रूम बुक करा दिया था। प्लान था कि वो मेरे रूम में मेरे साथ रहेगी जबकि उसका रूम खाली ही रहेगा।

रास्ते में खाते पीते और बातचीत करते हुए हम ग्वालियर पहुँच गए। गाड़ी पार्किंग में लगाकर हमने रिसेप्शन पर अलग अलग चेक इन किया। सोनाली का रूम सेकंड फ्लोर पर था और मेरा रूम थर्ड फ्लोर का। सोनाली ने अपने रूम से मुझे फ़ोन किया कि वो लंच टाइम में सेमिनार खत्म करके मेरे पास आ जायेगी। तब तक मैं आराम करूँ।

मैं फ्रेश होकर आराम करने लगा और सोनाली के बारे में सोचने लगा; कैसी फुद्दी होगी कैसे मुम्मे होंगे… सोचते सोचते मेरा लण्ड खड़ा हो गया। मैंने अपने लण्ड को समझाया कि रुक जा बेटा थोड़ी देर इंतज़ार कर… अभी तुझे थोड़ी देर में खुराक मिल जाएगी।

एक बजे सोनाली का फोन आया कि वो एक घंटे में फ्री होकर आ रही है, उसके आने से पहले में खाना रूम में मँगा लूं।
मैंने डेढ़ बजे बियर और खाने का आर्डर कर दिया।

सोनाली जब रूम में आयी तो खाना आ चुका था। सोनाली एक छोटा बैग लेकर मेरे रूम में आयी थी। आते ही मैंने उसे बिस्तर पर गिरा दिया और अपने होंठ उसके होठों से लगा दिए। सोनाली भी मेरा साथ देने लगी।
मेरे हाथ उसकी शर्ट के ऊपर से ही उसके मुम्मे दबा रहे थे उसने पैडेड ब्रा पहनी हुई थी। सोनाली भी मेरा लण्ड मेरे लोअर के ऊपर से मसल रही थी। मैंने सोनाली के शर्ट के बटन खोल दिये और ब्रा को उतार दिया। उसके मुम्मे 32 साइज के थे जो पैडेड ब्रा की वजह से 34 के लग रहे थे। मुम्मों के ऊपर ब्राउन निप्पल बहुत छोटी थीं शायद उसके पति ने ठीक से कभी उसके मुम्मे न दबाये थे न उनका रसपान किया था।

मैंने उसके बाएं मुम्मे को अपने मुँह में पूरा भर लिया, उसकी सिसकारी निकल गयी। उसने अपना हाथ मेरे लोअर के अंदर डाल दिया और मेरे लण्ड को कसकर दबाने लगी। मैं उसके दोनों मुम्मे बारी बारी से पी रहा था। उसके भूरे चूचुकों को मैंने जैसे ही अपने दांतों से काटा, उसने उत्तेजना के मारे अपनी जीभ मेरी जीभ से उलझा दी। बहुत देर तक हम एक दूसरे को किस करते रहे।

मैंने कहा- सोनाली, पहले खाना खा लेते हैं, उसके बाद में तुम्हारी चूत चाटूंगा।
बड़ी मुश्किल से मैंने उसे खुद से अलग किया।

Pages: 1 2 3 4

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *