हम दोनो सेक्स के भूके

फिर मैने उसकी चूत पर हाथ रखा तो देखा की वो तो जैसे आग की लपते छोड़ रही है. फिर मैने उसकी चूत पर अपना मूह रख दिया और अपनी जीब बाहर निकाल कर चाटने लग गया. मेरी जीब जैसे ही उसकी चूत पर लगी तो उसके मूह से सिसकियाँ निकल गई और वो तो जैसे तड़पने लग गई.

मैं भी उसे ऐसे ही तड़पाना चाहता था और फिर अपनी जीब से उसकी चूत को चाटने लग गया. पर वो जल्दी ही गरम हो गई और लंड माँगने लग गई. तब मैने भी कोई देर नही करी और लंड पर कॉन्डोम लगा कर लंड को चूत पर सेट कर दिया.

मैने अभी अंदर को धक्का देना ही था वो डर के मारे बोल पड़ी की दर्द होगा तब मैने उससे कहा की इतना भी दर्द नही होगा तो थोड़ा बर्दाश कर लेना. मेरी बात सुन कर वो भी खुश हो गई और फिर मैने उसकी टाँगे खोल दी और लंड को चूत पर रख कर एक ज़ोर का धक्का दिया.

एक धक्का देते ही लंड अंदर चला गया और कीर्ति के मूह से ज़ोर से चीख निकल गई. तब मैं थोड़ी देर रुक गया और फिर उसे आराम मिलने पर फिर से शुरू हो गया. मेरा लंड उसकी चूत मे बिल्कुल टाइट था और मुझे उसकी चूत मारने मे भी बहोत मज़ा आ रहा था. मैं ज़ोर ज़ोर से उसकी चूत को चोद रहा था और वो कभी तो दर्द के मारे कभी मज़े मे आहह आहह करने लग जाती थी. मुझे उसकी ये आवाज़े सुन कर और भी ज़्यादा हिम्मत मिल रही थी जिससे मेरी स्पीड और तेज हो गई.

अब मैने उसके बूब्स चूस्ते हुए उसकी चूत को चोदने लग गया जिसमे अब वो भी मेरा साथ देने लग गई थी. वो अब अपनी गांड हिला हिला कर मेरा साथ दे रही थी और मैं उसे चोदे जा रहा था.

अब मेरे लंड ने जैसे कोई इशारा किया तो मैं समझ गया की इतनी चुदाई के बाद मेरा लंड अब निकालने को कह रहा है. तो मैने भी बिना कोई देर किए उसकी चूत को ज़ोर ज़ोर से चोदना शुरू कर दिया और फिर उधर कीर्ति की चूत भी पानी निकालने को टायर थी.

तो हमने एक साथ ज़ोर लगा कर अपना सारा पानी निकाल दिया और फिर मैं उसके उप्पर से उठ कर साइड मे आ कर लेट गया. मैने उसे बाहो मे भर लिया और एक किस करके उससे बाते करने लग गया.

अब मैने उससे चूत की चुदाई के बारे मे पूछा तो वो बोली की मज़ा तो बहोत ज़्यादा आया. पर मुझे तो लगा की तुम तो बच्चे हो पर तुम तो जानवर निकले.

ये सुन मैं भी बोल पड़ा की अब ये तुम्हारा बच्चा अब तुम्हारी ये मस्त सी गांड भी मरेगा. मेरी बात को सुन कर वो घबरा गई और बोली की मैं ये नही करवाऊंगी क्योकि इसमे तो बहोट ज़्यादा दर्द होगा. पर मैने उससे कहा की ज़्यादा नही होगा तो वो मान गई.

पर हाँ मेरा लंड तो सो रहा था इसलिए मैने उसे पहले लंड को चूस कर खड़े करने को कहा और वो मान गई. उसने लंड को मूह मे ले कर चूसना शुरू कर दिया और फिर लंड भी खड़ा हो गया. अब मैने भी बिना कोई देर किए लंड को गांड पर रख कर एक धक्का दिया तो गया नही.

तब मैने क्रीम निकाली और लंड और गांड पर लगाड़ी. और फिर लंड को गांड पर रख कर उसमे ज़ोर से धक्का दे दिया. कीर्ति बहोट ही ज़ोर से चिल्लई पर मैं भी जिद्दी था इसलिए मैने भी बिना कोई परवाह किए अपना पूरा लंड उसकी गांड मे घुसा दिया और उप्पर नीचे करने लग गया.

वो दर्द से चिल्लई जा रही थी पर मैने कोई परवाह नही करी पर बाद मे उसे भी मज़ा आने लग गया और मैं अब ज़ोर ज़ोर से उसकी गांड को चोदने लग गया. करीब 14 मिनिट की गांड चुदाई के बाद मेरा निकलने वाला हो गया तो मैने उसकी गांड मे ही निकाल दिया और फिर उसके उप्पर से उठ कर साइड मे आ कर लेट गया.

अब जब भी मन होता है हम सेक्स कर ही लेते है. और एक दूसरे की सेक्स की प्यास को चुदाई करके शांत कर लेते है. हम दोनो करीब 2 महीने तक हर रोज सेक्स किया और उसके बाद अब हम दोनो कभी कभी मोका मिलने पर ही सेक्स करते है.

दोस्तो, आप सब को मेरी ये कहानी कैसी लगी प्लीज़ नीचे दिए हुए कॉमेंट्स बॉक्स मे लिख कर ज़रूर बताना. मुझे आप के कॉमेंट्स और ईमेल्स का बेसबरी से इंतज़ार रहेगा,

Pages: 1 2 3