जब चूत की झड़ी लगी

हेलो दोस्तो आज मे अपनी एक रियल स्टोरी बताने जा रहा हूँ. जो की इसी 1 महीने के दोरान पेश हुई है. रुबीना आंटी ने मुझे मिस कॉल किया तो मेने रुबीना आंटी को तुरन्त फ़ोन किया तो पहली ही घन्टी पर आंटी ने फोन उठाया ओर कहा की कहाँ हो इतने दिनो से तुम ओर मैने जवाब मे कहा की आंटी रोज ही तो आप के सामने से ही गुज़रता हूँ गली मे से तो आंटी ने कहा की मे दूसरी बात कर रही हूँ क्या मूड हे तुम्हारा आज? मे समझ गया की आंटी की चूत मे आज खुजली हो रही है इसीलिये कॉल की है मैने तुरन्त हाँ कर दी की ठीक हे अगर कहो तो मे आ जाता हूँ. आंटी ने कहा ओके तुम आराम से अंदर आ जाना 10 मिनिट के बाद दरवाज़ा खुला होगा मेरे घर का मैने पूछा की घर वाले कहाँ हैं आंटी ने कहा की मेरे पति की तबियत आज ठीक नही है तो नींद की दवाई लेकर सोये हुये है मोका अच्छा है ओर बच्चे आज उपर वाले रूम मे सो रहे हैं आ जाओ. मैने जल्दी से हाँ कर दी. तब मे बड़े आराम से अपने बेड से उठा ओर आराम से ड्रॉयिंग रूम से जा कर दरवाज़ा खोला जो की बाहर गली की तरफ खुलता है ओर आराम से बाहर गली मे जा कर देखा तो गली मे बिल्कुल अंधेरा था क्योकी आजकल बहुत ज्यादा लाइट जाती है इसलिये. मे बड़े आराम से दबे पावं चलता हुआ आंटी के घर के आगे पहुंचा तो देखा की दरवाज़ा थोड़ा सा खुला है मैने आराम से दरवाज़ा खोला तो अंदर जाते ही देखा की आंटी सर्दी से कांप रही थी ओर चादर ओड़ के खडी थी.मैने उसके कान मे पूछा की कौन से रूम मे जाना है उसने इशारा किया की संनी वाले रूम मे चलो मे आ रही हूँ. मे आराम से चलता गया ओर रूम मे चला गया. आंटी 5 मिनिट के बाद आई ओर चादर उतारी जो उसने अपने उपर ओडे हुई थी तो देखा की आंटी कमीज उतार के ब्रा ओर सलवार मे ही थी. मैने जल्दी से आंटी को एक लंबी किस की ओर ज़ोर से पकड़ कर दबा दिया आंटी ने कहा बहुत टाइम हे हमारे पास दिल खोल के आज तुम्हारी खिदमत करुँगी ओर साथ में वो हँसने लगी आंटी उठी ओर रूम के दरवाजे को अन्दर से बंद कर दिया और मेरे साथ सिंगल बेड पर आ कर लेट गई जहाँ उसने मेरे आने से पहले ही हीटर लगा के रूम को काफ़ी गर्म किया हुआ था. हम दोनो 1 ही कंबल मे घुस के चिपक के लेटे थे. थोड़ी देर बाद आहिस्ता आहिस्ता मैने आंटी का सलवार ओर ब्रा उतार दी. ओर चूत मे उंगली डाल कर किसिंग शुरु की आंटी ने भी मेरी पेन्ट मे हाथ डाल कर लंड पकड के हिलाना शुरु कर दिया. ओर आंटी ने आहिस्ता आहिस्ता मेरी पेन्ट उतार दी. और चूत मे उंगली डाल कर मे तेज तेज अन्दर बाहर कर रहा था आंटी इस दोरान 1 बार झड़ चुकी थी. कुछ देर बाद मैने अपनी शर्ट उतार दी अब हम दोनो पूरे नंगे हो गये थे. और सेक्स मे मग्न थे.

इतने मे किसी ने दरवाजे की घन्टी बजाई तो मेरे तो होश ही उड़ गये मे घबरा कर उठ के खडा हो गया आंटी ने कहा कुछ नही हुआ घबरा क्यो रहे हो आंटी उठी ओर दरवाजा खोलने लगी मैने आंटी से कहा पागल हो क्या दरवाजा क्यो खोल रही हो तो उसने कहा आराम से बेठो ओके कुछ नही होगा. जब आंटी ने दरवाजा खोला तो 1 ओर आंटी की उम्र की ओरत अंदर आ गई मे घबरा गया की यह कोंन हे जब देखा तो वो आंटी की छोटी बहन थी जो की हमारे ही मोहल्ले मे रहती हे. वो अब अंदर आ गई. वो मूझे देख कर कहने लगी क्या हाल हे ठीक हो मे समझ गया की जब यह मेरे साथ इस तरह बात कर रही है तो रात के इस टाइम इस को लगता हे आंटी ने खुद बता कर बुलाया हे शायद इसी काम के लिये. जब मैने पूछा तो पता चला की आंटी का पति घर मे नही हे ओर बच्चे भी अपनी नानी के घर गये हैं आंटी ने कहा की मे अगर तुम्हे पहले बता देती की मेरी बहन चुदवाना चाहती हे तुम से तो शायद तुम आते ना.

मैने आगे से कहा की यह कोन सी बुरा मानने वाली बात हे बल्की मे तो लकी हूँ जो 2-2 चूत एक साथ मारूँगा ओर साथ ही दरवाज़ा खुला तो देखा की आंटी की दोस्त जिसका नाम नसरीन हे वो अब आ गई मे इस बार घबरा गया की 1 या 2 तो ठीक हैं अब यह कोंन हे? आंटी ने कहा की फिक्र ना करो बस आज तुम्हारी खेर नही ओर मे इस बार सच मे घबरा गया की मे केसे इन तीनो को चोदूंगा? खेर मेरा लंड तो एकदम जेसे घबरा कर सो ही गया था खेर आंटी रुबीना की बहन जिसकी गांड का मे पहले से ही दीवाना था क्योकी जब वो हिलती थी तो उसकी गांड में ऐसी हलचल मचती थी की मेरा लंड बेकाबु हो जाता था उसकी गांड देख के ओर आंटी की दोस्त नसरीन उसके बूब्स इतने बड़े थे की शायद ही मेरे दोनों हाथो मे 1 बूब्स आया उसका. खेर अब वो दोनो भी आहिस्ता आहिस्ता नंगी होना शुरु हों गईं. खेर अब आंटी ने कहा की दुसरे रूम मे चलते हैं जहाँ डबल बेड हे मे तो अब तक घबरा रहा था की होगा क्या आज मेरा. दोस्तो यकीन करो उस टाइम मेरी क्या हालत होगी आप अंदाज़ा लगा सकते हो यार…खेर रूम मे जाते ही आंटी रुबीना ने कहा की पहले किसे करवाना हे काम अपना आंटी की बहन बोली की मे तो तीसरे नंबर पर करुँगी कम से कम थोड़ा टाइम तो लगता हे तीसरे नम्बर पर ओर साथ में वो हंस दी….खेर आंटी रुबीना ने कहा चलो नसरीन साहिबा जाओ करो जो करना हे.

Pages: 1 2 3 4 5 6