जब मैंने मौसी को चोदा

हाय दोस्तो, कैसे हैं आप सब! मैं राजेश फिर से हाज़िर हूँ अपनी आगे की इंडियन इन्सेस्ट स्टोरी लेकर।
आप सब ने मेरी पहली कहानी पर मुझे ईमेल करके अपने विचार भेजे, आप सब का बहुत बहुत धन्यवाद.

यह इंडियन स्टोरी मेरी और मेरे माँ की सहेली रीना की है.

जैसा कि मेरी पहली इंडियन इन्सेस्ट स्टोरी
मेरी नंगी माँ की कामुकता और पोर्न वीडियो
में मैंने अपनी माँ के साथ कैसे चुदाई की, आपको पता चला।

वैसे तो मैं और माँ जब पापा घर पे नहीं होते, तो अक्सर चुदाई करने लगे थे। लेकिन कुछ दिन बाद पापा दो महीने के लिए घर पर ही रूक गए तो हम माँ बेटा को चुत चुदाई का मौक़ा नहीं मिल पा रहा था। और मेरा मन माँ की चूत चोदने का कर रहा था तो मैंने माँ से बोला.
तो माँ ने कहा- रुक तू… मैं देखती हूँ कुछ!

एक दिन मैं और पापा नाश्ता कर रहे थे तो माँ बोली- राजेश बेटा, आज शाम से तू अपनी रीना मौसी के घर रुक जाना, क्यूँकि तुम्हारे मौसाजी बाहर गए हुए हैं. रीना घर में अकेली है और रात में अकेले उसे डर लगता है, तो तुम रात को वहीं पे सो जाना!
रीना मौसी मेरी सगी मौसी नहीं हैं, वे मेरी माँ की पक्की सहेली हैं. लेकिन मैंने मना तो कर दिया क्यूँकि रीना मौसी मेरे को अच्छी नहीं लगती।
तो पापा ने बोला- राजेश, क्या दिक्कत है, वहीं सो जाना, कुछ दिन की तो बात है, वैसे भी बस सोना ही तो है।
तो पापा के सामने मैंने हाँ बोल दिया और मैं नाश्ता करके अपने कमरे में आ गया.

तभी माँ आ गयी और बोली- अब खुश हो ना? तेरी रीना मौसी की चूत का जुगाड़ कर दिया तेरे लिए!
तब जाकर मेरे को समझ में आया कि माँ ने ऐसा क्यूँ बोला और मैं थोड़ा सा खुश हुआ।

आपको रीना मौसी के बारे में बता दूँ, वो 44 साल की साँवली सलोनी लेकिन ख़ूबसूरत महिला हैं। और उनकी गांड और चूचियाँ इतनी मदमस्त हैं कि किसी का भी लंड तुरंत खड़ा हो जाए।
रीना मौसी के पति रमेश हैं और और दो बेटी हैं।

रात के नौ बजे मैंने खाना खाया और रीना मौसी के घर सोने के लिए गया। जैसे ही मैंने डोरबेल बजाई तो तुरंत रीना मौसी आ गयी और दरवाज़ा खोला।

मेरे को लगा कि अंतरवासना की अन्य कहानियों की तरह मैं भी उनको देख के ख़ुश हो जाऊँगा लेकिन यहाँ तो सब उलटा था कहानियों से।
मौसी ने रात में भी साड़ी पहनी हुई थी।

उन्होंने मेरे को अंदर बुलाया और मैं अपनी माँ पे ग़ुस्सा किये जा रहा था कि कहाँ सोने के लिए भेज दिया, इससे अच्छा तो मेरा ही कमरा था जहाँ अंतरवासना की कहानी पढ़ के मुठ मार कर सो जाता।
मैं अपना मन मार कर अंदर गया और सोफ़े पे बैठ गया।

मौसी ने खाना के लिए बोला तो मैं मना कर दिया.
तब रीना मौसी ने आग्रह किया- बेटा, कुछ तो खा लो, ऐसे मुझे कुछ अच्छा नहीं लग रहा है।
तो मैंने कहा- तो मौसी, एक कॉफ़ी पिला दीजिए!
वो बोली= बस अभी लेकर आती हूँ।
और वो टीवी का रिमोट मेरे हाथ में देकर चली गयी।

दस मिनट बाद वो कॉफ़ी लेकर आई और कहने लगी- तुम टीवी देखो, तब तक मैं बिस्तर लगा देती हूँ।
मैं बोला- ठीक है!
और मैं काफी पीने लगा।

लगभग बीस मिनट बाद मौसी आकर बोली- राजेश, तुम्हारा बिस्तर लगा दिया है, सोना है तो सो जाओ।
मैं बोला- मौसी, कुछ देर बाद सो जाऊँगा.
और मैं टीवी देखने लगा।
तो वो बोली- ठीक है, तब तक मैं किचन साफ़ कर के आती हूँ!
और वो चली गयी.

टीवी देखते देखते मुझे नींद आने लगी तो मैं रीना मौसी से बोला- मैं सोने जा रहा हूँ!
और जाकर बिस्तर पे लेट गया।
तभी माँ का फ़ोन आया तो मैं बोला- मैं सोने जा रहा हूँ, कल बात करते हैं!
तो माँ बोली- बहुत जल्दी थक गया मेरा बेटा क्या ?
तो मैं बोला- माँ, बहुत ग़ुस्सा आ रहा है मुझे… यहाँ वैसा कुछ नहीं है जैसा मैंने सोचा था.
और यह कह कर फ़ोन काट दिया।

तभी कुछ देर बाद माँ का फ़ोन रीना मौसी के मोबाइल पे आने लगा। तब रीना मौसी किचन से आकर काल उठायी और बात करने लगी।

मैं अब सोने लगा था लेकिन नींद नहीं आ रही थी तो मैं मोबाइल पर अंतरवासना की कहानी पढ़ने लगा।

कुछ देर बाद मौसी आयी और बोली- राजेश सो गए क्या?
तो मैं जान बूझ कर कुछ नहीं बोला।
तब रीना मौसी वहाँ से चली गयी और बीस मिनट बाद वापिस आई और मेरे को आवाज लगाई, लेकिन मैं कुछ नहीं बोला.

मौसी ने कमरे का दरवाज़ा बंद कर किया, तभी मैंने अपने मोबाइल को बंद कर दिया और सोने का नाटक करने लगा।
मौसी मेरे पास आकर मेरी बग़ल में लेट गई।

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