पापा ने चोदकर शांत की गांड की खुजली

पापा ने चोदकर शांत की गांड की खुजली,, हाय फ्रेंड्स मेरा नाम छवि है। मै नोएडा में रहती हूँ। मेरा फिगर सनी लियॉन की तरह बहुत ही हॉट और सेक्सी है। मेरी उम्र 27 साल है। मेरे को देखकर अच्छे अच्छे लोगों का लंड खड़ा हो जाता है। नाम की तरह मेरा बॉडी फिगर भी बड़ा ही लाजबाब है। मेरे को चुदने में बहुत मजा आता है। ये खेल मै बहुत दिन पहले से ही खेलती हुई आ रही हूँ। मेरे को इस खेल में बहुत ही मसजा आता है। चूत मैंने कई बार चुदवाई हैं। लेकिन गांड चुदाई बहुत ही कम बार कराई हूँ। मेरी चूत में हर किसी का लंड फिट बैठ जाता है। मैंने एक से बढ़कर एक बड़ा लंड खाया है। मेरे बड़े बड़े दूध को देखकर इसे हर कोई पीना चाहता है। आम लड़कियों की तरह मेरी हाइट भी है। ज्यादा लंबी तो नहीं हूँ। मेरी हाइट 5 फ़ीट 6 इंच है। मेरे गाल भरे हुए गोल गोल हैं। मेरा रंग बहुत ही गोरता है।

मेरे पापा का रंग काला है। मै अपनी माँ पर गई थी। मेरी माँ भी मेरी तरह थी। दोस्तों मै आपका समय बर्बाद न करके अपनी कहानीं पर आती हूँ। ये बात 2 साल पहले की है। जब मैं 25 साल की थी। घर की अकेली लड़की थी। मेरे को सब ने अपने सर पर बिठाकर रखा था। मेरे को हर एक काम के लिए पूरी आजादी मिली हुई थी। मै कॉलेज के कई लड़को को अपनी चूत का रसपान करा चुकी थी। जब भी मैं अपने कॉलेज में इंट्री लेती थी। सारे लड़के मेरे को देखकर शोर मचाते हुए सीटियां बजाने लगते थे। कॉलेज की पढ़ाई खत्म हुई। मै अब ज्यादा समय अपने घर पर ही देने लगी। मेरे मम्मी पापा मेरी शादी के लिए वर की तलाश कर रहे थे। एक दिन मम्मी मामा के यहां चली गयी थी।

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पापा को मेरे पे बड़ा प्यार आ रहा था। वो मेरे को उस दिन कुछ ज्यादा ही चिपका रहे थे। मै आश्चर्य में थी आज पापा को मेरे पर इतना प्यार क्यों आ रहा है…
इससे पहले तो उन्होंने मेरे को इतना नहीं चिपकाया था। मैने सोचा… मेरी शादी कर रहे तो उनसे दूर जा रही हूँ। शायद वो इसलिए मेरे से इतना प्यार कर रहे थे। बार मेरे मम्मे को अपने सीने में महसूस करके चैन की सांस ले रहे थे। धीरे धीरे उनका कुछ कुछ गेम मेरे को समझ में आने लगा। वो मेरा गेम बजाने वाले थे। पापा ने मेरे को जब अपनी गोद में बिठाया तो मेरे को उनका बड़ा लंड चुभने लगा। पापा का लंड मेरे जिस्म के संपर्क में आते ही खड़ा हो गया।

शाम हो चुकी थी। पापा मार्केट से जाकर सब्जी लाये। उस रात का खाना मैंने ही बनाया। मेरी तबियत उस दिन कुछ लग रही थी। मैं जल्दी ही जाकर लेट गयी। पापा ने मेरे को दवा खिलाकर अपने पास लेटने को कहा। मेरे को चुदने का मन कर रहा था। मै चुपचाप जाकर लेट गयी। पापा भी कुछ देर बाद आकार मेरे बगल में लेट गये। उनका मौसम आज बना हुआ था। मम्मी के न होने का वो फ़ायदा उठाना चाहते थे। जोश में आकर इंसान सारे रिश्ते नाते भूल जाता है। ये मेरे को आज मालूम पड़ रहा था। मेरे को देखते ही वो अपना लंड़ पकड़ लिया। लोवर में उनका लंड मोटे डंडे की तरह खड़ा हो चुका था। मेरे को भी कई दिनों से किसी के लंड से खेलने का मौका नहीं मिला था।

मैं भी चुदना चाहती थी। पापा भी मेरे बगल आकर लेट गए। मेरे को बहुत ही गौर से देख रहे थे। पापा ने अपना हाथ बढ़ाकर मेरे सीने पर रख दिया। मै उनसे थोड़ा दूर थी। उन्होंने मेरे को अपने सीने से चिपकाकर अपना पैर मेरी कमर पर रख दिया।

मै: पापा आप अपना पैर उठाइये! मेरी कमर में दर्द होने लगा है
पापा: मालिश कर देता हूँ!
इतना कहकर वो अपना पैर हटाते हुए मेरी कमर को पकड़ लिया। मेरी कमर को मसल मसल कर मसाज करने लगे। धीरे धीरे कमर को दबाते हुए मेरी गांड तक पहुच गए। वो मेरी मुलायम गद्देदार फूली हुई गांड को दबाने लगे। मेरे हुस्न का जादू उन पर भी चल गया था।
पापा ने मेरे को मदमस्त कर दिया था। अब वो मेरे पूरे बदन पर कही भी हाथ लगाते। मै कोई रिएक्शन नहीं करती थी।जिससे पापा की हिम्मत बढ़ती ही जा रही थी। मैं अपने अपने आप को रोक नहीं पा रही थी।
मै: पापा आम मेरे साथ सेक्स करना चाहते हो??
पापा: हाँ बेटा लेकिन तेरे को कैसे मालूम पड़ा!

मै: आपका खड़ा हुआ औजार सब साफ़ साफ़ जाहिर कर रहा है
पापा: ओह्ह…. तुम मेरे औजार पर नजर टिकाये हो! मेरे को लगा की तुम कही और देख रही हो! चल तेरे को शादी से पहले सुहागरात की रिहल्सल कराता हूँ

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