दीदी की खुशी के लिए खुद को जीजा जी के आगे दिया

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मेरा नाम कावेरी है मैं बुलंदशहर की रहने वाली हूं, मेरी उम्र 24 वर्ष है। जब मेरा कॉलेज खत्म हुआ तो उसके कुछ समय बाद मैंने एक फाइनेंस कंपनी में नौकरी ज्वाइन कर ली थी लेकिन वहां से मैंने कुछ समय बाद ही रिजाइन दे दिया और अब मैं घर पर ही रहती हूं। मेरे पिताजी पुलिस में है और वह भी बुलंदशहर में ही है। मेरी बड़ी दीदी की शादी को 5 वर्ष हो चुके हैं, वह लोग भी बुलंदशहर में ही रहते हैं लेकिन मेरी दीदी घर पर अब काफी कम आती है, जब मैं अपनी दीदी को फोन करती हूं तो वह कहती है कि मैं घर के कामों से ही फ्री नहीं हो पाती इस वजह से मैं पापा मम्मी और तुमसे मिलने के लिए नहीं आ पाती, मैं कई बार अपने पति से भी कहती हूं लेकिन वह आते ही नहीं हैं क्योंकि उन्हें भी छुट्टी नहीं मिल पाती। मैंने उन्हें कहा कि आप लोग एक बार तो आ जाइए, आपको काफी समय हो चुका है घर आये हुए, मेरी दीदी कहने लगी ठीक है मैं देखती हूं, एक बार उनसे इस बारे में बात कर लेती हूं यदि वह हामी भर देते हैं तो हम लोग इसी हफ्ते तुमसे मिलने के लिए आ जाएंगे।

जब यह बात दीदी ने कही तो मैंने पापा से भी इस बारे में बात की, वह कहने लगे तुमने यह अच्छा किया कि तुमने काजल से बात कर ली क्योंकि उसे भी काफी समय हो चुका है वह भी घर नहीं आई है। मैंने कुछ दिनों बाद ही दीदी को फोन किया तो वह कहने लगी कि मेरा आना संभव नहीं हो पाएगा, मेरा मूड थोड़ा खराब हो गया और मैंने उन्हें धीमी आवाज में कहा कि चलो कोई बात नहीं यदि आप लोग नहीं आ सकते तो यह आपकी समस्याएं होंगी। मैंने उस दिन फोन रख दिया लेकिन अगले दिन ही मेरी दीदी ने मुझे फोन किया और कहने लगी कि एक काम करो तुम ही हमारे पास कुछ दिनों के लिए आ जाओ, मैंने उसे कहा कि मैं वहां आकर क्या करूंगी, वहां तो मेरे साथ का कोई भी नहीं है। दीदी कहने लगी कि मैं भी तो तुम्हारे साथ की हूं, क्या तुम मेरे साथ कुछ समय नहीं बिता सकती, मैंने उन्हें कहा कि आने को तो मैं आ जाऊं लेकिन घर में मम्मी अकेली हो जाएंगी, वह कहने लगी एक बार पापा मम्मी से पूछ लेना उसके बाद ही तुम आना।

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मैंने दीदी से कहा ठीक है मैं इस बारे में पापा से पूछ लूंगी, वह मुझे आने के लिए कह देंगे तो मैं आपके पास कुछ दिनों के लिए आ जाऊंगी, मुझे भी आपसे मिलने का काफी मन है। जब मैंने इस बारे में अपनी मम्मी से बात की तो मेरी मम्मी कहने लगी तुम ही कुछ दिनों के लिए काजल के घर हो आओ क्योंकि वह काफी समय से आई नहीं है और जब से उसकी शादी हुई है तबसे वह कम ही आती है। मेरी मम्मी ने मेरे पापा से भी इस बारे में बात कर ली और अगले दिन मुझे मेरे पापा ने दीदी के घर छोड़ दिया। जब मैं दीदी के घर गई तो वह मुझसे मिलकर बहुत खुश हुई, उनकी सास भी बाहर बरामदे में बैठी हुई थी, वह मुझे देख कर कहने लगी तुम काफी समय बाद हमारे घर आ रही हो, मैंने उन्हें कहा कि दीदी तो अब घर आती ही नहीं है तो मैंने सोचा मैं ही दीदी से मिल आती हूं। दीदी की सास भी हंसने लगी और हंसते हंसते ही उन्होंने कहा कि घर में काम ज्यादा रहता है इस वजह से वह नहीं आ पाती, सुबह रोहित के लिए नाश्ता बनाना होता है क्योंकि उसे ऑफिस जल्दी जाना पड़ता है और दिन में तो घर के अन्य काम होते हैं। मैं भी उन्हीं के पास बैठ गई और मेरी दीदी भी वही थी, हम तीनों ही बैठ कर बात कर रहे थे और मैं काफी देर तक दीदी की सास के साथ बैठी हुई थी। थोड़ी देर बाद दीदी मुझे अपने बेडरूम में ले गई तो उन्होंने मुझे कहा की मैंने कुछ दिन पहले ही शॉपिंग की थी लेकिन मैंने एक रेडीमेड सूट लिया, वह मुझे फिट नहीं आ रहा तो वह तुम ही रख लो, शायद वह तुम पर आ जाएगा। जब उन्होंने अपनी अलमारी से अपने शॉपिंग किए हुए कपड़े निकाले तो मैं भी दीदी के साथ ही बैठकर देख रही थी, दीदी कहने लगी घर में सब लोग ठीक है, मैंने उन्हें कहा आप तो घर पर आती ही नहीं है, मम्मी आपको बहुत ही मिस करती हैं और पापा भी आपको बहुत मिस करते हैं, वह लोग आपकी हमेशा ही घर पर बात करते रहते हैं। जब यह बात मैंने दीदी से कहीं तो दीदी कहने लगी चाहती तो मैं भी हूं लेकिन मेरा आना संभव नहीं हो पाता, मैंने उनसे पूछा कि क्या कोई परेशानी की बात है, वह कहने लगी नहीं कोई भी परेशानी की बात नहीं है और यह कहते हुए उनकी आंखों से आंसू निकलने लगे।

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