कमसिन जवान लड़की की सेक्स स्टोरी

मैं हॉस्पिटल में जॉब करता था. एक लड़की मेरे पास आने लगी. मुझे लगा कि वो मुझ पर डोरे डाल रही थी, मुझसे बहाने से बातें करने की कोशिश में लगी थी। वो मेरे साथ सेक्स चाहती थी.

राजगढ़ आये हुए मुझे 3 महीने हो चुके थे। पहली जॉब थी, अनजानी जगह और लोग अनजाने!
धीरे- धीरे मैं अब उस माहौल में रच-बसने को तैयार था।

हॉस्पिटल में जॉब था तो बहुतेरे लोग आते थे। उन्हीं में से एक थी ‘सीमा’।

कुछ दिनों से देख रहा था कि वो मुझ पर डोरे डाल रही थी, जानबूझकर मुझसे बहाने से बातें करने की कोशिश में लगी थी।

आखिर एक दिन मुझसे कॉउंसिल करवाने के नाम पर मेरे ओफिस के रूम में आ गयी।

यहां-वहां की बात करने के बाद वो सेक्स के टॉपिक पे आ गयी। मैंने उसकी काउन्सलिंग की और जो उसकी उलझन थी सुलझा दी।

वो 19 साल की होने को थी और 12वीं में पढ़ रही थी। मुझे पता नहीं था कि मेरे क्वार्टर के पास ही उसका स्कूल है।

एक दिन जब मैं अपने क्वार्टर लौट रहा था उससे रास्ते में मुलाक़ात हो गयी।
उसने कहा- आप कहाँ रहते हैं?
मैंने कहा- यहीं पर किराये का क्वार्टर लिया है।
उसने कहा- तो न्योता नहीं देंगे जनाब खातिरदारी करवाने का?
मैंने कहा- चलो।

वो साथ आ गयी।
मैंने उसे नाश्ता करवाया और यूँ ही फिर हमारी बातचीत शुरू हो गयी।

एक हफ्ते बाद वो मेरे क्वार्टर में आई।
मैंने कहा- क्यों छुट्टी हो गयी?
उसने कहा- हाँ।

फिर उसने कहा- आपका तो लंच टाइम होगा न?
मैंने कहा- अभी तो फुरसत है, अब शाम को 5 से 6 की ड्यूटी बची है। मतलब पूरे 4 घण्टे हैं। लंच करके रेस्ट करूँगा फिर जाऊंगा।

उसने मौका ताड़ लिया, बोली- अब तो हम खास दोस्त बन गए हैं। एक चीज़ मांगूंगी तो मना तो नहीं करोगे?
मैंने कहा- मेरे बस का हुआ तो ज़रूर करूँगा।

सब अपने मोबाइल पर कुछ टाइप किया और मुझे दिखाया।
मुझे तो यकीन ही नहीं हुआ।
उसमें लिखा था- किस।

मैंने उसे समझाया- ऐसा करना ठीक नहीं!
उसका ईगो ज़रा हर्ट सा हो गया।

फिर उसका दिल रखने के लिए मैंने उसके दाहिने गाल पे किस दिया।
लेकिन उसने कहा- यह मेरी इंसल्ट है।
मैंने समझाया कि यह सब ठीक नहीं!

पर वो नहीं मानी, बोली- जबसे आपको देखा है आपकी दीवानी हो गयी हूँ और आप मेरे साथ ऐसा कर रहे हो।

10 मिनट की खामोशी के बाद मैंने उसकी बात मान ली।
वो मेरे जीवन का पहला किस था। वो नाज़ुक होंठ और वो पल आज भी भुलाये नहीं भूलता है।

फिर उसने मुझे बांहों में भर लिया। मुझे उसकी बेसब्री महसूस हो रही थी। पर मुझे काबू रखना था खुद पर।

मैंने किस के बाद उसे अपनी गोद पर बिठा लिया और मेरे हाथों से उसका आलिंगन किया। उसके बूब्स मेरे हाथों के नीचे थे। मुझे मन ही मन उन्हें दबाने की इच्छा जागृत होने लगी लेकिन हिम्मत नहीं हो रही थी।

सीमा ने यह भांप लिया और कहने लगी- हां, मैं जानती हूँ, सभी लड़कों को यही पसन्द आते हैं। जाने क्यों सभी इन्हें ही चाहते हैं। हमको तो कोई पसन्द नहीं करता।
मैंने अनजान बनते हुए उसके बूब्स से हाथ फिसलाते हुए नीचे उसकी गोद में हाथ रख दिया।

फिर वो उठकर बाजू में बैठ गयी।
बूब्स दबाने की मेरी इच्छा अधूरी रह गयी। लेकिन जो स्पर्श उसके स्तनों का मिला वो भी अद्भुत था।

उसने कहा- जल्दी क्या है, अगली बार।
फिर उसने किस के लिए थैंक यू कहा और एक किस चुरा कर भाग गयी।

मैं लंच करना भूल ही गया और उसी ख्याल में शाम के 4 बज गए। शाम की चाय बनाई और नाश्ता करके हॉस्पिटल की ओर चल पड़ा।

3 किलोमीटर के रास्ते में वो किस याद करते हुए, मानो खुद को विश्व विजेता की तरह समझ रहा था।
मुझे क्या पता था कि आगे और भी रोमांचक पल आने वाले हैं। और मैं उसे ‘द जंगल क्वीन’ के नाम से याद रखने वाला था।

उन पलों में उसने मेरी अन्तर्वासना भड़काई और 3 साल का रंगीन सफर शुरू हुआ।

वो पहला किस जब हुआ उसके बाद सीमा हफ्ते भर बाद आई।
मैंने उसे कहा- अब?
उसने कहा- आपको किस करना नहीं आता!
मैंने कहा- और कैसे करते हैं किस?

उसने कहा- अंग्रेज़ी फिल्मों में जैसा होता है वैसा।
मैंने कहा- उसे फ्रेंच किस कहते हैं। और जो शर्मीले होते हैं वो होंठों के ऊपर की किस करते हैं।

उसने कहा- मुझे तो फ्रेंच किस चाहिये!
मैंने कहा- अच्छा। फिर वो मेरी गोद में आकर बैठ गयी।
मेरा लन्ड नीचे धीरे-धीरे हिलौरें मार रहा था।

फिर मैंने फ्रेंच किस किया सीमा को और वो काफी जोश से किस करने लगी।
मैंने कहा- आहिस्ते करो।
उसके ऊपर के होंठ के रसपान के बाद नीचे के होंठ को चखा। उसने तो अभी शुरुआत की थी।

फिर वो खुश हो गयी। उसने कहा- आपको मेरे बूब्स में बड़ी दिलचस्पी है।
मैंने कहा- अगर परमिशन है तो?
उसने कहा- हां।

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