कविता की चुदाई गाने के खेत मे

हेलो दोस्तो, मेरा नाम करण है, मैं एक गाओं का रहने वाला हूँ, ये हिन्दी सेक्सी स्टोरी मेरी ज़िंदगी के एक बहतरीन पलो के दास्तान है, उम्मीद करता हूँ आपको पसंद आएगी, ये बात सर्दियों की है, उस वक्त चारो और खेतों मे गन्ने की फसले काफ़ी बड़ी हो चुकी थी.

एक दिन मैं खेत मे काम कर रहा था की मैने देखा की पास मे पड़ते गवर्नमेंट स्कूल की 2 लड़कियाँ गन्ने के खेत के अंदर गयी.

स्कूल की लड़कियाँ अक्सर खेत मे जाती थी क्योंकि स्कूल मे कोई बाथरूम नही था, उसके 2 मिनिट बाद ही एक लड़का भी खेत मे घुस गया, मुझे दाल मे कुछ काला लगा तो मैं भी दबे पाओं उनके पीछे चल दिया, अंदर जाकर मैं उन्हे ढुड़ाने लगा पर वो किसी तरफ दिखाई नही दिए, गन्ने का वो खेत 6 एकड़ मे फैला हुआ था.

5-7 मिनट ढूड़ने के बाद मुझे धीमी-धीमी सी आवाज़े सुनाई देने लगी, मैं आवाज़ो की तरफ जाने लगा, पास जाकर देखा तो वो लड़का उस लड़की के साथ चुदाई के मज़े ले रहा था और दूसरी लड़की पास ही खड़ी आस पास नज़र रख रही थी.

चुदने वाली लड़की की चुत पूरी तरह से सॉफ थी, उसकी एज 18 साल की होगी, उसका फिगर 32,28,32, और वो देखने मे काफ़ी सेक्सी थी पर दूसरी लड़की ज़्यादा सुंदर थी, मैं वहीं गन्ने के गुच्छे के पीछे छिप के सब कुछ देखने लगा, मैने देखा की लड़का उस लड़की की चुत मे लंड पेल रहा था, उसका लॅंड 5.5 इंच का होगा.

क्योकि उसकी एज भी कोई 18 साल की होगी, कुछ समय मे ही मेरा लॅंड तन के खड़ा हो गया, तभी कोई 15-20 मिनट के बाद जब लड़का झड़ गया तो वो कपड़े पहन कर जल्दी से चला गया, उसके बाद दूसरी लड़की ने उसे ब्रा और पैंटी पहनने को दी, पहले उसने पैंटी पहनी और फिर ब्रा पहनने लगी.

तब तक मेरे दिमाग़ मे सेक्स का भूत सवार हो चुका था, मैं वाहा से उठ कर उनकी तरफ चल दिया, अभी तक उस लड़की ने अपनी ब्रा, पैंटी और सूट पहन लिया था और वो सलवार का नाडा बाँध रही थी.

जब मैं उनके सामने गया तो उनके पैरो के नीचे से ज़मीन जैसे ज़मीन ही निकल गयी, उस लड़की की सलवार डर के मारे बांधने से पहले ही ज़मीन पे गिर गयी, दूसरी लड़की जल्दी से वाहा से भाग निकली.

इससे पहले की ये भी वाहा से भागती मैने उसकी बाजू पकड़ ली, वो डर के मारे रोने लगी और गिडगीडाने लगी की मैं उसे जाने दू, पर मैं ये मौका नही छोड़ना चाहता था, मैने उसे कहा की वो मुझे संतुष्ट कर दे तो मैं उसे जाने दूँगा और किसी से कुछ नही कहूँगा.

वो गिडगीडाने लगी तो मैने कहा की मैं शोर मचा दूँगा और स्कूल के प्रिन्सिपल को सारी बात बताउन्गा, वो मेरे से चुदने को तैयार हो गयी पर कहने लगी की ये बात मैं किसी को ना बताउ, मैने हान करदी, फिर मैने उसका सूट भी उतार दिया, और वो केवल ब्रा पैंटी मे थी, फिर मैने उसकी ब्रा और पैंटी भी उतार दी और उसके बूब्स चूसने लगा.

तब मैने उसका नाम पूछा तो उसने बताया की उसका नाम कविता है, फिर मैने उसके बूब्स चूस्ते हुए एक उंगली उसकी गॅंड मे डाली तो वो उछाल पड़ी, क्योकि शायद कभी उसने गॅंड मे लॅंड नही लिया होगा, फिर मैने उसे नीचे लिटा कर उसकी टांगे खोल दी, वैसे मैं इतनी जल्दी चोदना शुरू नही करता पर कविता की चुत को एक लड़का चोद चुका था तो मैं इसे चाटना नही चाहता था.

जब मैने अपने कपड़े उतारे तो वो मेरा 7 इंच का लॅंड देख के डर गयी, क्योकि वो जिस लड़के से चुदि थी उसका कोई 5.5 इंच का था, अब मैने अपना लॅंड उसकी चुत पर रगड़ना शुरू किया तो वो सिसकियाँ लेने लगी, ज़्यादा देर ना लगाते हुए मैने अपना सारा लॅंड उसकी चुत मे डाल दिया और अंदर बाहर करने लगा, तब वो ज़ोर से चिल्लाने लगी तो मैने उसका मूह दबा कर स्पीड बढ़ा दी, वो कुछ देर चिल्लाने के बाद मज़े से मेरा साथ देने लगी.

करीब 15 मिनट के बाद जब मैं जड़ने वाला था तो वो 2 बार झड़ चुकी थी, फिर मैने अपने लॅंड का माल उसके पेट के उपर गिरा दिया, मेरे लॅंड की पिचकारी छूटने के साथ ही वो उठ कर कपड़ो की तरफ जाने लगी तो मैने कहा की अभी मैं संतुष्ट नही हुआ, देसी सेक्स स्टोरीस पढ़ने के बाद फीडबॅक ज़रूर दीजिए.

तब वो फिर से मेरे पास आ के लॅंड को मूह से चूसने लगी और उसे फिर से खड़ा कर दिया, अब मैं नीचे लेट गया और उसे अपने अपनी चुत मेरे लॅंड पर रखने को कहा और उसे उपर नीचे होने को कहा, ऐसा 10 मिनट तक चला और फिर मैने अपना माल उसके मूह मे छोड़ दिया.

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