खेल खेल में शादी, बाद में चुदाई

दोस्तो, मेरा नाम बादशाह है. मेरी हाइट छह फुट तीन इंच है.

यह मेरी पहली सेक्स कहानी है. यह कहानी तब शुरू हुई, जब मैं छोटा था. मैं छुट्टियों में अपने मामा जी के घर गया हुआ था. वहाँ मामा, मामी और उनकी बेटी इशिका रहते हैं. मैं जब भी वहां जाता, हम दोनों साथ में खेलते, खाते, सोते, दिन भर साथ में रहते थे.

एक दिन हम सोच रहे थे कि क्या खेला जाए. तब उसने कहा- चलो पति पत्नी वाला खेल खेलते हैं.
फिर हमने झूठ मूट की शादी की, एक दूसरे को किस किया और खेलने लगे. इस खेल में हम दोनों को बड़ा मजा आया.

इसके बाद से हमें जब भी मौका मिलता.. हम किस करने लगते और रात को एक दूसरे के जिस्म को चूसते चाटते थे. फिर मेरी छुट्टियां खत्म होने को थीं, इसलिए मुझे वापस अपने घर आना पड़ा. मगर आने से एक दिन पहले देर रात तक हम दोनों किसिंग का खेल खेलते रहे.
इसके बाद हम कभी नहीं मिले.

काफी समय बाद मैं फिर अपने मामा जी के घर गया. मामा मामी से मिला मगर इशिका वहां नहीं थी, वो पढ़ने गयी हुई थी. जब वो आई, तब मैं छत पर किनारे की तरफ कुरसी में बैठा गाना सुन रहा था. पीछे से आ कर उसने मेरी आंखों को बन्द कर दिया तो मैंने कहा- टयूशन से कब आई इशिका?
तो वो कहने लगी- क्या यार इतनी जल्दी पहचान लिया, मूड ऑफ़ कर दिया. मैं जा रही हूँ.

इतना कह कर उसने रोने जैसी शक्ल बना ली और जाने लगी.
तभी मैंने उसका हाथ पकड़ा और खींचकर अपनी गोद में बैठा कर उससे कहा- तुमको नहीं पहचानूंगा तो किसको पहचानूंगा?
उसने तनिक मुस्कुराते हुए कहा- बात तो सही है.
फिर मैंने कहा- चलो अब हंसो.
वो हंस दी और मेरे गले लग गई.

फिर हम दोनों इधर उधर की बातें करने लगे.

छत पर अंधेरा होने के कारण मैं उसको सही से देख नहीं सका. थोड़ी देर बाद जब हम नीचे उतरे, तब मैंने उसको देखा. उसको देख कर मेरे तो होश ही उड़ गए. मैं बस उसे घूरता ही रह गया.
वो मुझसे कहने लगी- क्या देख रहे हो? पहले कभी लड़की नहीं देखी क्या?
मैंने गाना गुनगुनाते हुए जवाब दिया- यूं तो हमने लाख हसीन देखे हैं, तुम सा नहीं देखा.
यह सुनकर वो हंसने लगी.

फिर हम दोनों कमरे में बैठ कर टीवी देखने लगे.. और पुरानी यादें ताजा करने लगे. इस दौरान मैंने कई बार उसी सुन्दरता की तारीफ़ करने के बहाने उसके उठे हुए मम्मों को जी भरके निहारा.

रात को खाना होने के बाद हम दोनों उसके कमरे में सोने चले गए और गप्पें लगाने लगे. काफी देर तक हमने इधर उधर की बातें की और हंसी मजाक किया.
अचानक उसने पूछा- याद है हमारा वो पति पत्नी वाला खेल?
मैंने जवाब दिया- बेशक याद है.. उसे कैसे भूल सकता हूँ.

मेरे इतना कहते ही उसने मुझे बेड पर गिरा दिया और खुद मेरे ऊपर आ गयी.

वो कहने लगी- फिर ये भी याद होगा कि किस तरह हम दोनों किस किया करते थे!
मैंने कहा- हाँ याद है.

यह सुनते ही उसने मुझे किस करना शुरू कर दिया. मैं उस समय बनियान और निक्कर पहने हुए था और वो टी-शर्ट और पजामा पहने थी. उसे किस करते हुए मैं उसकी दोनों चूचियां दबाने लगा. वो गर्म होने लगी, उसने अपनी टी-शर्ट उतार दी.. फिर अपनी ब्रा भी उतार दी और बोली- अब अच्छे से करो और इसका सारा दूध पी लो.

मैं उसकी एक चुच्ची को अपने मुँह में ले कर चूसने लगा और दूसरी को दबाने लगा. क्या मक्खन चूचियां थीं यार.. बड़े बड़े रसीले आम.. आह.. चूसने में बहुत मजा आया.

फिर मैंने उसको बेड पर लिटा दिया और उसका पजामा भी उतार दिया. उसको सर से लेकर पांव तक उसके पूरे जिस्म को चूमने लगा. उसके पूरे जिस्म को चूमने के बाद उसकी चुत के पास आया और उसकी चुत को पैंटी के ऊपर से ही चूमा. चुत को चूमते ही उसके मुँह से ‘आह…’ की आवाज निकली. फिर मैंने दांतों से उसकी पैंटी को खींचकर उसके जिस्म से अलग किया और उसके पैरों के बीच में आ गया.

क्या चुत थी, एकदम चिकनी.. एक भी बाल नहीं था. चूत गुलाबी रंग की थी, देखने से ही पता चल रहा था कि सील पैक है और आज इसकी पहली चुदाई होने वाली है.

फिर मैंने जैसे ही उसकी चुत पर अपनी जीभ रखी, वो सिहर गयी और उसके मुँह से ‘इस्स…’ की आवाज निकली. फिर मैं उसके चुत को चूसने और चाटने लगा. वो मादक सिसकारियां लेने लगी.
उसकी चुत चाटते चाटते मैंने उसकी चुत के अन्दर अपनी उंगली घुसा दी.
उंगली अन्दर घुसाते ही वो कराह उठी और बोली- आराम से करो.. दर्द होता है.

मैं धीरे धीरे उंगली को उसकी चूत में अन्दर बाहर करने लगा. थोड़ी देर बाद मैंने अपनी दो उंगलियों को उसकी चुत में घुसा दिया और अन्दर बाहर करने लगा. पहले पहल तो वो कराही, फिर उसे भी मजा आने लगा और कामुक सिसकारियां लेने लगी.

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