मेरी कुंवारी बीवी मेरे दोस्त से चुद कर संतुष्ट हुई

हेलो दोस्तों आप लोगो का ज्यादा वक्त ना लेते हुए में आज की अपनी कहानी शुरू करने जा रहा हु. मेरी बीवी सुगंधा उन दिनों २४ साल की एक बहुत ही सुंदर और सुशील औरत थी, उस के नयन नक्श काफी तीखे और लुभावने थे, उसकी बॉडी काफी परफेक्ट थी जो किसी को अपनी और आकर्षित करते थे, उस की साइज ३२-२८-३२ थी. हमारी नई नई शादी हुई थी, सुगंधा ने कन्वेंट से पढ़ाई की थी.

यही कारण था उस की आवाज काफी दिलकश थी जो थोड़ा अंग्रेजी बोलने की वजह से और अच्छी लगती थी, हमारी नई नई पोस्टिंग हुई थी. हम जिस सोसाइटी में रहते थे उस के सारे बच्चे, बूढ़े और सारी की सारी औरतें सुगंधा को काफी पसंद करते थे. क्योंकि वह सब लोगो के साथ बहुत प्यार से बाते करती थी.

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मेरे कुछ कलीग भी उस सोसाइटी में रहते थे, सभी कहते थे भाभी जी कितनी सुंदर है यार, तुम लकी हो कि तुम्हें उन के जैसी बीवी मिली, सारी लेडीज बच्चे कोई भी सजेशन लेना होता तो सुगंधा से लेते थे, कीसी को पढ़ाई की बात करनी हो, ड्रेस खरीदनी हो, पारिवारिक बात हो, सुगंधा काफी अच्छा डिसीजन देती थी.

मेरे दोस्त भी किसी ना किसी बहाने सुगंधा से मिलने का कोई बहाना नहीं छोड़ते थे, वह इतनी सुंदर और आकर्षक थी कि क्या बताऊं? संगमरमर से तराशा बदन, गोल गोल अमरुद जैसी चूचियां, गहरी नाभि, पतली कमर, उभरी हुई गांड, मस्त हिरनी वाली चाल जवानों के बीच आकर्षण का केंद्र थे, वह काफी मॉडर्न विचारों की थी.

लेकिन कोई गलत और छिछोरी बात कभी नहीं करती थी, जब तैयार होकर निकलती तो लोगों की भूखी निगाहें दूर तक उसका पीछा करती थी, लोग मन में ही बोल देते थे कि क्या मदमस्त हसीना है यह, उस का पति कितना भाग्यशाली है जो इसे भोगता होगा, हमारी अभी अभी नयी शादी हुई थी और वह नयी शादी के कारण एकदम सेक्सी और सुंदर कपड़े पहनती थी.

लेकिन उसका दुख कोई नहीं समझ सकता था, मैं उसे सेक्स में पूरा संतुष्ट नहीं कर पाता था, उसे चूमते ही उस के अंगो पर हाथ लगाते ही मेरा वीर्य स्खलित हो जाता था, वह प्यासी रह जाती थी, लेकिन उस ने कभी भी शिकायत नहीं करी थी, सोचती थी कि शायद सब ठीक हो जाएगा.

जब मेरे दोस्तों को अपनी बीवी के साथ खुश देखती तो उस के मुंह से आह निकल जाती थी, दोस्तों की बीवीया आपस में सुगंधा से बातें करती थी की आज मेरे हस्बैंड ने ऐसे रोमांटिक अंदाज मै सेक्स किया तो मन मैं मायूस हो जाती थी. वह पूछती की सुगंधा और कहो तुम्हारा कैसा चल रहा है? तो वह तो टाल देती, औरते कहती की सुगंधा का क्या यह तो जन्नत की हूर है, इस की तो रात भर चुदाई होती होगी, हसबंड उसे छोड़ता नहीं होगा, वह हंस के चुप हो जाती, रविश मेरा खास दोस्त था.

मैं प्रमोद, सुगंधा, मेरा दोस्त रवीश और उसकी पत्नी आरुषि एक दूसरे से काफी क्लोज थे, आपस में हंसी मजाक, घूमना पार्टी वार्टी सब साथ किया करते थे. रविश तो अपनी भाभी सुगंधा की तारीफ करते नहीं थकता था, सुगंधा भी उस का काफी रिस्पेक्ट करती थी. मैं और रविश जिस बिल्डिंग में रहते थे उसमें कुल ६ फेमिली रहते थे, सभी एक दूसरे से बातें करते थे. मैं और रविश शाम मैं छत पर बैठ कर चाय वाय पीते थे और बहुत सारी बातें करते थे.

एक बार हम छत पर बैठे थे तो देखा सब के कपड़े ऊपर में सुख रहे है, रविश ने देखा कि एक लाल रंग की डिजाइनर ब्रा और चड्डी कपड़ों के साथ पड़ी हुई है, उसे मालूम नहीं था कि वह किस की है, उस ने उसे उठा लिया और सूंघने लगा, उसने मुझे कहा यार देखो यह ब्रा और चड्डी जिस किसी का भी हो वह तो काफी मोडर्न होगी.

उसका हस्बेंड तो रात में बिल्कुल सांड बन जाता होगा, और उस की जबरदस्ती चुदाई कर डालता होगा, देखो ना कितनी मादक खुशबू आ रही है इस ब्रा और चड्डी से, ऐसा लगता है कि काश यह हसीना का दीदार हो जाए, पता लगाना है कि यह जो रोज डिजाइनर ब्रा और चड्डी अलग अलग रंगों में रोज पहनी जाती है इस हुस्न की मल्लिका है कौन? वह उस की चड्डी को अपने लंड पर रख कर रगड़ने लगा.

उस ने मुझे कहा यार किसी को बताना नहीं मैं इस ब्रा और पैंटी को ले जा रहा हूं, आज मैं इन पर बहुत मुठ मारूंगा और इन्हें पहनने वाली हसीना को मन में सोच कर अपनी बीवी आरुषी की चुदाई करूंगा, खूब मजा आएगा, मुठ मार कर बिना वोश किये ही इन्हें वापस पसेर दूंगा, उस ने कहा कि तुम भी इन्हें ले जा सकते हो.

मैं कुछ नहीं बोला, लेकिन सुन रहा गया क्योंकि यह तो मेरी बीवी सुगंधा के थे. लेकिन मैं रोमांचित हो गया कि सुगंधा उन पैंटी और ब्रा को पहनेगी और मैं उसे पहनते हुए देखूंगा, अगले दिन जब मैंने सुगंधा को उन कपड़ों में देखा तो मैं उत्तेजित हो गया. मैं पागलों की तरह उसे चूमने लगा और उसे लिपट गया.

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