लेस्बियन बुआ ने मेरी गुलाबी कच्ची चूत का ढक्कन खोला

हेलो दोस्तों, मेरा नाम आशा है मैं आपको अपनी जिंदगी की सच्ची सेक्स कहानी बताने जा रही हूं. तब मैं २० साल की थी. बचपन में ही मेरी मम्मी की डेथ हो गई थी मम्मी के जाने के बाद मेरी देखभाल एक आंटी ने कि जो हमारे साथ हमारे घर में ही रहती थी. मेरे बड़े होने पर पापा ने मुझे बताया कि यह आंटी तुम्हारी बूआ है, उनका नाम शीला था, और वह ४५ साल की थी. वह दिखने में गोरी थी और अक्सर मेरे पापा के रूम में घुसी रहती थी. अब मैं भी जवान हो रही थी मेरे मन में उन्हें बार बार पापा के रूम में जाते देख कई सवाल उठते थे. एक दिन सुबह मैं नहा कर अपने रूम में आई और अब कपड़े पहनने लग गई, मैं अपनी ब्रा की को बंद कर रही थी तभी बुआ बिना दरवाजा नॉक किए अंदर आ गई और मैंने अपने बूब्स पर हाथ रख कर कहा, बुआ आप को ऐसे अंदर नहीं आना चाहिए था.

वह मेरे पास आई और मेरे बूब्स से हाथ हटाते हुए अपना हाथ मेरे बूब्स पर रख दिया और दबाने लगी. तब मैंने बूआ से कहा आप यह क्या कर रही है? बुआ ने बिना कुछ कहे अपनी साड़ी का पल्लू उतारते हुए ब्लाउज को खोला और अपने बूब्स को आजाद कर के कहने लगी यह देख मेरे पास भी है. अब वह मेरे बूब्स को दबाते दबाते ही बोल पड़ी कि तुम अपने बूब्स को दबाती रहती हो इसीलिए यह बड़े हो गए हैं. मैंने उनकी बात को अनसुना करते हुए कहा आप यह सब बातें छोड़ो, मुझे जाना है मैं लेट हो रही हूं,

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उसने कहा आज छुट्टी मार ले.

मैंने कहा आप बाहर जाओ मुझे तैयार होने दो. मैं बाहर मिलती हूं.

बुआ ने कहा आशा कपड़े पहनने की क्या जरूरत है, मेरी बात मानो तो सलवार भी उतार दो.

मैंने गुस्से में कहा आप बहुत गंदी है.

उन्होंने कहा देख तेरे पापा ने वैसे भी मूड बहुत खराब कर रखा है, अब तुम मत करो. वह तो है सेक्स के मामले में बहुत ढीले हे. मुझे उन की यह बात सुनकर बहुत गुस्सा आया और मैंने गुस्से में ही बोला अगर मेरे पापा के बारे में कुछ बोला तो फिर देखना. बुआ ने कहा अरे तुम तो नाराज हो गई. पर मेरी बात ध्यान से सुनो. मैं तेरे पापा की रखेल हूं, उन्होंने मुझे एक आदमी से ३०००० रुपयों में खरीदा था. अगर पूरी कहानी सुननी है तो तुम्हे बिस्तर पर लेटना होगा.

मैंने उनकी यह बात सुनकर जाना कैंसल कर दिया, और उनके साथ बेड पर बैठ गई. अब उन्होंने मेरे और अपने दोनों के कपड़े उतार दिए. और अब हम एक दूसरे के सामने बिल्कुल नंगे थे. हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम बुआ ने अपने बूब्स पर मेरा हाथ रखा और अपना मेरे बूब्स पर रखकर कहा जैसे जैसे मैं करती हूं वैसे ही तुम भी करना.

मैं उनके बड़े बड़े बूब्स देखती रही, उनके निप्पल बहुत बड़े बड़े थे और मेरे छोटे छोटे थे. मुझे यह कुछ समझ नहीं आया और मैंने बुआ से पूछ लिया.

वह बोली मेरी बच्ची से चूसने या चुसवाने पड़ते हैं, तभी इतने बड़े बड़े होते हैं.

अब बुआ ने मेरे बूब्स को अपने हाथों में लिया और दबाने लगी, दबाने तरीका एकदम अलग था और वह मुझसे पूछने लगी कि कैसा लग रहा है मेरी बच्ची?

मैं लंबी लंबी सांस में भरते हुए कहने लगी बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है.

मेरे मन तो उसकी इस हरकत से बहुत खुश हुआ और मन ही मन कहने लग गया कि ऐसे ही करते रहे बस करते ही रहे.

मेरे मुंह से धीमी धीमी आऊ औउ अय्य्य आवाज निकली है. यह करीब २० मिनट तक चलता रहा.

अब बुआ ने मुझे अपने गोद में बैठाया और बूब्स को छेड़ते हुए मुझसे पूछने लगी क्या तुमने कभी लटकू भैया को देखा है?

मैंने कहा कौन से लटकू भैया?

उसने मेरे सामने लेट कर उन की चूत को दिखाते हुए कहा यह है बहन, और लड़के जिससे पेशाब करते हैं वह होते हैं इनके लटकु भैया.

मैं भी उनकी भोसड़ी जैसी चूत को देखकर मचल उठी और उन्हें अपनी पूरी कहानी बताने को कहा. पर उन्होंने मुझसे कहा मैं अपनी कहानी एक शर्त पर ही बताऊंगी.

मैंने कहा कौन सी शर्त बुआ?

बुआ ने कहा तुम्हे अपने सारे कपड़े उतार कर मेरी गोदी में आकर बैठना पड़ेगा.

मैं उनकी कहानी को सुनने के लिए बेकरार थी इसलिए फटाफट अपने कपड़े उतार कर अपनी बुआ की गोद में आकर बैठ गई.

उन्होंने मुझे अपनी बाहों में जकड़ कर अपने हाथों से मेरे दूध मसल मसल के कहने लगी आज तुझे में ऐसी कहानी बताउंगी जिस से तेरी तबीयत दिल से नहीं बल्कि तेरी जांघों से फडफडायेगी.

अब बुआ मेरी चूत पर हाथ मसलते हुए अपनी कहानी की शुरुआत करने लगी और बोली यह बात तब की है जब मैं तेरी उमर की थी. मुझे देख लड़कों के लटकू खड़े हो जाते थे और मुझे सलामी देते थे.

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