मा बेटे से पति पत्नी बन गये – 1

ही मेरा नाम विवेक है, और मैं अल्लहाबाद उप से बिलॉंग करता हूँ. अगर मेरी स्टोरी पसंद आए तो प्लीज़ मेरी कहानी को लीके और शेर ज़रूर करें. मैं आपके फीडबॅक का वेट अपनी मेल पर भी करूँगा.

अगर कोई लड़की, भाभी या औरत कोई भी मुझसे सेक्स करना चाहता है. तो वो प्लीज़ मुझे मेल करे, मुझे आपकी हेल्प करने मे बहोत खुशी मिलेगी.

तो चलिए अब टाइम खराब ना करते हुए, मैं अब सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ. ये स्टोरी मेरे फ्रेंड ने मुझे बताई थी, की उसने केसे अपनी ही मॉं को चुदाई का सुख दिया था. ये स्टोरी कुछ ही दिन पहले की है, जब मेरा दोस्त बहोत दिन बाद मुझे सुबह पार्क मे मॉर्निंग वॉक पर मिला. तो वो मुझे काफ़ी दुखी लग रहा था, तो मैने उस से उसकी परेशानी पूछने की कोशिश करी.

पर उसने मुझे कुछ नही बताया, और ऐसे ही कुछ दिन और निकल गये. एक दिन मैने उसको बहोत फोर्स किया, तो वो मुझे कुछ ब्ताने को रेडी हुआ. पर उसने मुझे कसम दी की मैं ये बात किसी और नही बतौँगा.

और फिर उसने मुझे बताया की उसकी मॉं सेक्स की प्यासी है. उसके पापा को मरे हुए अब 3 साल हो चुके है. और मम्मी तब से कभी खुश नही रहती है, और वो ना तो अब किसी से ज़्यादा बात नही करती है.

वो अब बस मेरा ही बहोत ख़याल रखती है, और हर वो मेरी इच्छा पूरी भी करती है. पापा के मरने के बाद अब मम्मी ही पापा की शॉप देखती है, और जब मैं फ्री होता हूँ. तो मैं भी शॉप पर चला जाता हूँ, पर वाहा भी मम्मी दुखी ही रहती है.

और मैं उन्हे ऐसे देख कर और दुखी हो जाता हूँ, यार मैने महसूस किया है. की अब अपनी खुशी के लिए एक मर्द की ज़रूरत है. यार अब तू ही बता, आख़िर केसे मैं अपनी मम्मी की हेल्प करूँ.

तो मैने अपने दोस्त को एक आइडिया दिया और मैं बोला – देख भाई तू अपनी मॉं को बाहर घूमने ले जा, उन्हे डिन्नर पर ले जा, और उन्हे शॉपिंग पर ले जा. तू अपनी मॉं ख़याल रख, इससे वो बहोत खुश हो जाएगी.

अब उन्हे एक मर्द की ज़रूरत है, तो तू उनको बहोत प्यार कर. क्योकि अब तेरे पापा भी नही है, इसलिए अब तुझे ही सब कुछ करना होगा.
उसे मेरा ये आइडिया अछा लगा, और आछे से समझ आ गया. अब वो अपनी मॉं का बहोत ख़याल रखने लग गया, और धीरे धीरे उसकी मॉं अब अपने बेटे के साथ खुश रहने लग गई.

फिर एक दिन मेरा दोस्त मुझसे मिला और उसने मुझे बताया, की अब उसकी मॉं उसके साथ बहोत खुश है. पर अभी भी उसकी मम्मी उसके पापा को बहोत याद करती है. भाई जो पापा मम्मी को सुख दे सके है, वो सुख मैं केसे अपनी मॉं को दे सकता हूँ.

मैं – देख भाई तेरी मा लंड की प्यासी है, अब 2 साल हो गये है. तेरी मॉं ने अभी तक किसी के साथ सेक्स नही किया होगा. उसको एक मर्द की ज़रूरत है, जो उसकी प्यासी चूत को शांत कर सके. और वो उसे रोज कम से कम एक बार जम कर चोदे.

दोस्त – भाई मैं केसे पता करूँ, की मेरी मॉं लंड की प्यासी है.

मैं – यार तू अपनी मॉं पर नज़र रखा कर, जब भी वो सोती है या नहाने जाती है. तो तू देखा कर वो कुछ कर तो नही रही है.

दोस्त – ठीक है भाई मैं आज से ही देखता हूँ.

फिर क्या मेरा दोस्त अपनी मॉं को रोज चुप चुप कर देखने लग गया. जब उसकी मॉं सुबह नहाने जाती थी, तो वो के होल मे से अपनी मॉं को देखने लग गया. उसने जब अपनी मॉं को पहली बार नंगी देखा, तो उसने देखा की उसकी मॉं ने पहले सारी उतरी.

फिर उन्होने अपना ब्लाउस खोला और उसकी मॉं ने ब्लॅक कलर की ब्रा पनटी पहनी हुई थी. उसने अपनी मॉं बहोट मस्त लग रही थी, फिर उसने देखा की मॉं ने सब कुछ उतार दिया है.

अब वो अपनी मॉं की चूत देखने लग गया, वा की मस्त नज़ारा था. उसकी मा की चूत एक दम क्लीन शेव थी, और वी अपनी चूत मे उंगली दल कर अपने आप को शांत कर रही थी.

वो अजीब सी आवाज़ निकल रही थी, ये सब देख कर पहली बार मेरे दोस्त का लंड खड़ा हो गया. फिर वो वही पर खड़ा खड़ा मूठ मरने लग गया, ओर मूठ मार कर वो अपने रूम मे आ गया.

फिर पूरा दिन उसके दिमाग़ मे अपनी मॉं की चूत की फोटो घूम रही थी. और उसे समझ आ गया था, की उसकी मॉं की चूत सच मे लंड की बहोत पयासी है. 2 साल होने के बाद, भी वो किसी बाहर के मर्द से चुदि नही थी.

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