पी ले बेटा मेरी जवानी की दूध को !! ललित बेटा तू मस्त पेलता है रे

“ललित बेटा!! तू मस्त पेलता है रे!! और जोर से धक्के लगाओ बेटा जी!!” मै कहकर चुदा रही थी।

पूरा कमरा इस आवाज से भर गया। मेरी तो कमर ही टूटी जा रही थी। इतनी जोर की कमर तोड़ चुदाई पहली बार करवा रही थी। मै चिल्ला रही थी।
“धीरे करो मेरी जान! मेरी चूत को फाड़ ही डालोगे क्या! आराम से कर!!” मै कह रही थी, हिंदीपोर्न स्टोरीज डॉटकॉम वो बहुत ही गर्म हो चुका था। बहुत ही जोशीला लग रहा था। इसीलिए वो रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था। कुछ देर में वो शांत हो गया। उसने अपना लंड मेरी चूत में घुसाये ही आराम करने लगा। मैंने उसे अलग करके उसके लंड को खड़ा करके उस पर बैठ कर चुदाई करने लगी। उसका लंड खंभे की तरह टाइट था। मै उछल उछल कर चुदवा रही थी। मेरे को इस तरह से चुदने में और भी ज्यादा मजा आ रहा था। मेरी चूत में उसका लंड जड़ तक घुस रहा था। मै झड़ने वाली थी इसलिए जोर जोर से “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की आवाज निकल कर उछलने लगी। मेरी चूत ने अपना माल निकाल दिया

उसका पूरा लंड मेरी चूत के रस से भीग गया। मेरी चूत को चिकनाई मिलते ही चुदने की स्पीड दुगुनी हो गयी। मै और भी ज्यादा उछल के चुदवाने लगी। मेरी चूत से ज्यादा देर रगड़ नागेंद्र का लंड भी बर्दाश्त न कर सका। वो भी झड़ने वाला हो गया। उसने भी अपना कमर उठा उठा कर मेरी चुदाई करने लगा। 2 मिनट बाद उसने भी अपना माल मेरी चूत में ही गिरा दिया। उसके बाद उसने अपना लंड निकाल लिया। मेरी चूत से सारा माल उसके लंड पर गिरने लगा। कुछ देर बाद उसने मेरी चूत के साथ गांड चुदाई की। फिर मौक़ा पाते ही वो सुबह शाम मेरी चुदाई करके बहुत ही सुख देता है।

Pages: 1 2 3