चुदक्कड़ मैनेजर ने मुझको जिगोलो बना दिया

अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरी यानि ऋषभ की तरफ से नमस्कार, मेरी उम्र 23 साल है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूं. मेरी हाइट 6 फुट है. ऊपर वाले की दुआ से अच्छा खासा लंबा-चौड़ा दिखता हूँ और मेरा लंड भी 6.5 इंच का खासा मोटा है. जिसे देख अच्छी से अच्छी चुदक्कड़ लौंडियों की चुत, गांड में पानी आ जाए.

मैं अन्तर्वासना की हिंदी सेक्स कहानियों का रेगुलर रीडर हूँ. मैं अन्तर्वासना पर प्रकाशित लगभग सभी सेक्स स्टोरी पढ़ चुका हूँ. यह मेरी पहली चुदाई स्टोरी है.

जब से मैंने अन्तर्वासना पर कहानी पढ़ना शुरू की, तब से ही मेरा मन था कि मैं अपनी सेक्स स्टोरी आप सभी के साथ शेयर करूँ.

आज से से दो साल पहले मेरे साथ एक चुदासी कहें या मजबूरी वाली घटना घटी, जिसे मैं आज आप सबके साथ शेयर कर रहा हूँ, मैंने बहुत सोचने के बाद तय किया कि क्यों न मैं भी अपनी इस सच्ची सेक्स कहानी को आप सबके सामने पेश करूं.

दो साल पहले मैं गुड़गांव में एक कंपनी में जॉब करता था. मेरी सैलरी बहुत ही कम थी, मात्र 10000 रूपए मिलते थे, जिसमें से 3000 मेरा पीजी का किराया खाना आदि का लगता था और बचते थे 7000, जिनको मैं अपने घर पर दे दिया करता था. पूरा महीना जॉब करने के बाद भी मेरे पास कुछ नहीं बचता था, जिस वजह से मैं बहुत परेशान हो जाता था. कई बार तो सोचता था कि जॉब छोड़ दूं, लेकिन फिर जल्दी जॉब ढूंढना आज के टाइम में बहुत मुश्किल भी तो है़, इसीलिए कंटिन्यू जॉब करता रहा. अपना वही उदास सा चेहरा लेकर रोज ऑफिस में जाता, वहां पर काम करता, फिर घर आ जाता.

एक दिन मैं अपने सिस्टम पर बैठा अपना वर्क कर रहा था कि तभी हमारी मैनेजर, जिनका नाम मीरा है, उम्र 38 साल है, उन्होंने मुझे अपने ऑफिस में बुलाया.

मुझसे पूछा कि ऋषभ सब ठीक तो है … मैं एक सप्ताह से देख रही हूं, तुम कुछ परेशान से नजर आ रहे हो. अगर कोई प्रॉब्लम है तो तुम मुझे बता सकते हो.
मैंने ना में सर हिला दिया.
उन्होंने दोबारा बोला- अगर कोई प्रॉब्लम है तो तुम मुझे बताओ … जब तक तुम किसी से अपनी प्रॉब्लम शेयर नहीं करोगे, तो तुम्हारी समस्या कैसे खत्म होगी.

फिर मैंने एकदम से थोड़ी हिम्मत करके बोल दिया- कोई समस्या नहीं है, बस थोड़ा सैलरी का प्रॉब्लम है. मेरी सैलरी जितनी मिलती है, उसमें मेरा खर्चा नहीं चल पाता, जो भी मिलता है, वह सारा घर पर चला जाता है. मेरे पास कुछ नहीं बचता. मैडम जी, मुझे यहां पर काम करते करते एक साल हो गया. अभी तक मेरी सैलरी भी नहीं बढ़ी. इंटरव्यू के टाइम पर बोला था कि सैलरी 3 महीने बाद बढ़ेगी, लेकिन एक साल हो गया, अभी तक नहीं बढ़ी. बस इसीलिए थोड़ा परेशान हूं.

मीरा- देखो ऋषभ इंटरव्यू के टाइम पर सब ऐसे ही बोलते हैं क्योंकि उनको हायरिंग करनी होती है. और अगर तुम्हारी सैलरी बढ़ती भी है, तो बस 10% बढ़ेगी क्योंकि यह कंपनी का रूल है.
मैं- बस 10 परसेंट? इससे अच्छा तो होगा कि मैं यह जॉब छोड़ दूं और कोई दूसरी जॉब तलाश करूं.
मीरा- ऋषभ हमारी कंपनी के रूल तो पता ही होगा जॉब छोड़ने से एक महीने पहले रिजाइन लेटर देना होता है और उसके 75 दिन बाद तुम्हारी सैलरी मिलेगी.
मैं- जी मैडम मुझे कंपनी के सारे रूल पता हैं. आप ही बताइए मैं क्या करूं. मैं बहुत परेशान हो चुका हूं, मुझे पैसों की बहुत जरूरत है.

मीरा- देखो ऋषभ अगर तुम यहां पर मुझसे सैलरी बढ़ाने की बात करना चाहते हो, तो मैं तुम्हारी सैलरी तो नहीं बढ़ा पाऊंगी. लेकिन हां मैं एक मदद कर सकती हूं … अगर तुम पार्ट टाइम जॉब करना चाहते हैं, तो मैं तुम्हारी जॉब लगवा सकती हूं, जिससे तुम अच्छे खासे पैसे कमा सकते हो. जैसा और जितना काम करोगे, वैसे पैसे मिलेंगे.
मैं- मैडम यहां ऑफिस से घर जाने के बाद पार्ट टाइम काम करने की हिम्मत बिल्कुल भी नहीं हो पाएगी.
मीरा- वह तुम्हारे ऊपर है कि तुम काम कर पाते हो या नहीं कर पाते. तुम्हारी मर्जी है. मैं तो तुम्हें पैसे कमाने का तरीका बता सकती हूं बस. और बाकी सब तुम्हारे ऊपर है.

मैं- ठीक है मैडम … लेकिन क्या मैं जान सकता हूं. क्या प्रोफाइल है, किस तरीके का काम होगा वहां?
मीरा- मैं तुम्हें सब बता दूंगी कि वहां पर किस तरीके का काम होगा और क्या तुम्हारी प्रोफाइल होगी. जितना मेरे से हो सकेगा, मैं सिखा भी दूंगी लेकिन अभी मुझे कहीं जाना है. बॉस बुला रहे हैं. तुम देर शाम दस बजे तक मेरे घर आ जाना. मैं तुम्हें सब समझा दूंगी. ठीक है! फिर कल तुम्हारा इंटरव्यू भी करवा दूंगी.

मैं- मैडम 10:00 बजे तो मैं नहीं आ सकता, रात के समय पीजी वाले आने नहीं देंगे.
मीरा- तुम्हारे पीजी वालों को कॉल करके मैं बोल दूंगी कि आज ऋषभ की नाइट शिफ्ट है … ऑफिस में काम थोड़ा ज्यादा है.
मुझे ये बात जंच गई.
मैं- धन्यवाद मैडम, अब मैं जाऊं.
मीरा- हां जाओ, लेकिन एक बात ध्यान से सुनो, जहां मैं तुम्हारे काम की बात करूँगी, वहां पर मेरी नाक नहीं कटनी चाहिए. जो भी मैं तुम्हें सिखाऊंगी, तुम्हें अच्छे से सीखना होगा ताकि आगे चल के तुम्हें काम करने में आसानी हो.
मैं- ठीक है मैडम जो आप सिखाओगी, मैं अच्छी तरह से सीखूंगा. वादा करता हूं और आपकी नाक नहीं कटने दूंगा.
मीरा- हा हा हा हा … वह तो आज रात को देखते हैं. चलो बाय रात को टाइम से आ जाना.
मैं- ठीक है मैडम.

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