मसाज़ बॉय से घर पर चुदाई का मजा

मेरे प्यारे पाठको, अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज का मजा ले रहे हैं आप… मुझे भी खूब मजा आता है हिंदी सेक्स कहानी पढ़ कर… दोस्तो, मेरा नाम कविता है. मैं हरियाणा (गुड़गाँव) की रहने वाली हूँ. मेरी आयु 38 साल है और मैं शादीशुदा औरत हूं. मैं अपने जीवन से जुड़ी एक सच्चाई लिख रही हूँ और अन्तर्वासना पर ये मेरी पहली सम्भोग कथा है.

मेरा विवाहित जीवन अच्छा चल रहा है. मैंने अपने पति के अलावा किसी को नहीं चाहा और ना ही सोचा कि किसी और को चाहूँगी. लेकिन एक मोड़ ने मेरी ज़िंदगी बदल दी.

मैं एक बड़ी कम्पनी में काम करती हूँ और मेरी कम्पनी अपने वर्कर को ख़ुद का ख्याल रखने के लिए सैलरी से अलग पैसे देती है, तो मैं बॉडी मसाज़ करवा लेती हूँ ताकि अच्छा फ़ील हो. मैं दिखने में अच्छी हूँ. गोरा रंग, पूरी 5 फ़ुट 11 इंच की हाइट है और सुबह वॉक पर जाती हूँ तो बॉडी फ़िट है.

मैं जिस स्पा में मसाज़ करवाने जाती हूँ वहाँ 2 लड़के और 8 लड़कियाँ हैं. मैं अपनी मसाज़ लड़की से ही करवाती हूँ लेकिन होनी को जैसा मंज़ूर होता है, वैसा ही होता है.

एक दिन जब मैं मसाज़ करवाने गयी तो जिस लड़की से मैं मसाज़ करवाती थी, वो नहीं आयी थी. मैं चली तो गयी लेकिन इस बार बिना इन्फ़ॉर्म किए चली गयी थी, ग़लती मेरी ही थी. जब मैंने स्पा वालों से पूछा तो उन्होंने कहा कि वो लड़की एक महीने के बाद आएगी क्योंकि उसकी शादी पक्की हो गयी थी.

मेरा पूरा मूड ख़राब हो गया था तो मैं वहाँ से चली आयी. बाद में मुझे स्पा से फ़ोन आया कि अगर मैं हाँ करूँ तो वो उस लड़की के बदले किसी और को भेज देंगे जो उनके स्पा में सबसे अच्छा है और काफ़ी दिन से काम भी कर रहा है.

मैंने सोचा ‘चलो अच्छा है, मसाज़ ही तो है… करवा लेती हूँ.; तो मैंने कहा- ठीक है, आप उसको मेरे घर भेज दो.

एक घंटे के इंतज़ार के बाद मेरी घर की बेल बजी. मैंने दरवाज़ा खोला तो शॉक रह गयी क्योंकि सामने एक बैग लिए एक लड़का खड़ा था, उसने मुझे विश किया और अपना नाम विक्की बताया. मैं अभी अपनी हैरत से निकल ही नहीं पा रही थी, मुझे लगा था कि कोई लड़की आएगी.
तभी विक्की की आवाज़ से मेरा ध्यान टूटा, उसने कहा कि मैं स्पा से आया हूँ.. आपकी मसाज़ के लिए.

मैंने उसको अन्दर आने को बोला.. क्योंकि किसी को भी बाहर से ही भेज देना अच्छा नहीं लगता. वो देखने में मुझे बड़ा अच्छा लगा. उसकी 6 फ़ीट से लम्बी हाइट, गोरा रंग, बॉडी भी ठीक थी. मैं उसको बिठा के अपने पति को कॉल करने चली गयी. उस दिन सच में क़िस्मत में कुछ और ही लिखा था, मेरे पति ऑफ़िस के काम से बाहर जा रहे थे. उन्होंने बोला कि कोई बात नहीं, मसाज़ ही तो करवानी है, करवा ले.. क्या फ़र्क़ पड़ता है.

फ़ोन रखने से पहले उन्होंने बोला- मज़ा थोड़ा कम लेना.
यह बात मुझे समझ नहीं आयी, मुझे तो मैंने उन्हें डाँट के फ़ोन रख दिया और वापस विक्की के पास ड्रॉइंग रूम में आ गयी.

विक्की ने पूछा- आपको मसाज़ कहां करवानी है?
तो मैंने बोला- बॉडी पे.
वो हंस दिया और बोला- मेरा मतलब ड्रॉइंग रूम में या बेडरूम में.

मैं शर्मा गयी कि आज मुझे हुआ क्या है. मैंने उसको अन्दर चलने को कहा, तो उसने कहा कि मैं कपड़े चेंज करके आता हूँ, तब तक आप भी कपड़े चेंज कर लो.

मैं बेडरूम के अन्दर चली गयी और पैंटी ब्रा में औंधी लेट गयी और ख़ुद को टावल से ढक लिया. जब विक्की अन्दर आया तो उसने लोअर और टी-शर्ट पहनी थी और लोअर में उसके लंड का साइज़ साफ़ दिख रहा था. उसका ‘वो..’ देख के मेरे मन में उलझन शुरू हो गयी और मेरे पति की कही हुई बातें याद आने लगीं कि ज़्यादा मज़े मत लेना. इस सब सोच से मेरी चूत गीली होने लगी.

विक्की ने पास आकर टावल को थोड़ा नीचे किया और मुझसे बोला कि ब्रा का स्ट्रिप खोल दूँ ताकि बैक पे मसाज़ हो सके.. नहीं तो ब्रा ख़राब हो जाएगी.
मैंने ‘हाँ..’ में गर्दन हिलाई तो उसने ब्रा खोल दी और टावल को नीचे मेरे पिछवाड़े तक कर दिया. जैसे ही उसने मेरी बॉडी पे तेल डाला मेरे शरीर में अजीब सी लहर उठी और उसके बाद जैसे ही उसने मसाज़ शुरू की, मैं तो जैसे जन्नत में पहुँच गयी. उसका टच बड़ा कमाल का था, ऐसा लग रहा था कि शरीर हल्का हो गया है.

कुछ ही पलों बाद मैंने टावल को हटा के दूर फेंक दिया और उसको अपनी गांड के एक से दर्शन करवा दिए.

वो मेरी मसाज़ किए जा रहा था और मैं मस्त होती जा रही थी. जैसे जैसे उसके हाथ मेरी गांड के पास आते गए, मेरी चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया.
मैंने उसको बोला- मेरे हिप्स की मसाज़ कर दे.

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