मौसी की दिलकश बेटी नेहा को चोद लिया

मै भी भला ऐसा मौका कैसे गवांता। मैंने भी उसे कस के अपनी बाहों में जकड़ लिया।
नेहा: भैया..शुरुवात भी करो ना
मै: ठीक हैं मैं ही शुरुवात करता हूँ

मेरे सामने उसका चाँद सा मुखड़ा था। मै उसे बहोत ही गौर से देख रहा था। पूरे चेहरे पर एक भी दाग नहीं था। होंठ तो उसके बिना लिपस्टिक के ही काफी लाल लाल दिख रहे थे। उसके होंठो के रस को देखकर मै अपने को रोक नहीं पाया। अपने होंठ को उसके लाल होंठ से सटा दिया। वो मेरे से लिपटकर किस का आनंद प्राप्त कर रही थी। ऊपर नीचे दोनों होंठो को बारी बारी से मै पी रहा था। वो भी मेरा साथ दे रही थीं। नेहा अपनी आँख बन्द करके फ्रेंच किस का मजा ले रही थी। उसकी होंठो का रस पीने में बहोत ही मजा आया। मैने लगभग 10 मिनट तक उसके होंठ को चूस कर उसे गर्म किया। उसका होंठ चूसते चूसते बहोत ही काला हो गया। मैंने उसके गले पर किस करना शुरू किया। हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम..उसके गले पर किस करते ही वो सिसक उठी। जितना मै नेहा के गले पर किस करता उतना ही वो “……अई…अई….अई……अई….इसस्स् स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की सिसकारियां निकाल रही थी। उसकी धड़कने मेरे को बढ़ती हुई महसूस हो रही थी। क्योंकि वो मेरे से चिपकी हुई थी। मै धीरे धीरे उसकी चूत की तरफ अपना मुह बढ़ रहा था। मेरे को दो 36″ के उभरे हुए सामान मिले। जो की नेहा के बड़े बड़े मम्मे थे। उस दिन नेहा ने काले रंग की टी शर्ट और लैगी पहने हुई थी। मैंने उसकी टांगो को अपने टांगों में फसाकर उसके मम्मे को पकड़ लिया। उसे देखने के वास्ते मैने उसकी टी शर्ट को निकाल दिया।

टी शर्ट को निकालते हुए उसके गोल मटोल बड़े बड़े चुच्चे मेरे को दिखने लगे। ब्रा की वजह से मेरे को उसके निप्पल का दर्शन हो गया। उसके निप्पल को उंगलियों से दबा दिया। वो जोर जोर से “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअ अअ….आहा …हा हा हा” की आवाज निकालने लगी। मैंने उसके दूध को अपने मुह जितना भर सका भर कर पीने लगा। वो मेरे को अपने बूब्स में बार बार दबा रही थी। मजे ले ले कर मैंने कुछ देर तक उसके मम्मो को चूसा। मेरे को उसके दूध को पीने में बड़ा ही मजा आया। उसके बाद मैंने भी सोचा कुछ नेहा को खिला दूं। मैंने अपना पैंट खोल के नेहा को लंड का दर्शन कराया। वो मेरे लंड को देखते ही खुश हो गयी। वो मेरे लंड को हिला हिला कर खड़ा करने लगी। मेरा लंड कुछ ही पलों में खड़ा होकर नेहा को चोदने को तैयार हो गया। उसने मेरे लंड का टोपा अपने मुह में रख कर चूसने लगी। मेरे लंड का टोपा बहोत ही फूल चुका था। मेरे को लगने लगा कुछ देर उसने और चूसा तो मेरी पिचकारी निकल जाएगी। मैंने अपना लंड उसके मुह से निकाल कर अलग किया। उसकी चूत के करीब जाकर उसकी पैंटी को लैगी सहित निकाल दिया। उसकी टांगो को खोलकर मैंने उसकी चूत का दर्शन किया।

उसकी चिकनी चूत को देखते ही मैं पागल हो गया। मैंने उसकी लाल लाल गोरी चूत लार अपना मुह लगा कर चाटने लगा। वो मेरे बालो को पकड़कर अपनी चूत में दबाने लगी। मै उसकी चूत के दाने को काट रहा था। चूत के दाने को काटते ही वो “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…”, की आवाज निकालने लगती थी। उसकी चूत चाटने का मजा लेने के बाद अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा। वो सुसुक रही थी।

नेहा: और कितना तड़पाओगे अब! डाल दो अपना लंड मेरी चूत के छेद में!
मै: थोड़ा रुको मेरी जान! अभी डाल देता हूँ!

मैंने कुछ देर और रगड़ने के बाद अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया। वो तड़प उठी जोर जोर से “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊ ऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की चीखें निकालने लगी। मैंने उसके आवाज को इग्नोर करते हुए अपना पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया। वो दर्द से तङप रही थी। मैने अपना लंड उसकी चूत घुसाये ही उसे किस करने लगा। कुछ देर में उसे दर्द से आराम मिल गया। वो खुद ही चुदने को अपनी गांड उठाने लगी। मेरे को सिग्नल मिलते ही मैंने अपने लंड को उसकी चूत फाड़नी शुरू कर दी। धीरे धीरे मैने उसकी चुदाई शुरू कर दी। नेहा अब धीरे धीरे सिसकारियों को भरते हुए चुदवा रही थी। उसकी चूत बहोत ही टाइट थी। मै अपना लंड जोर जोर से उसकी चूत में अंदर बाहर करने लगा। मेरी कमर जल्दी जल्दी ऊपर नीचे होकर उसको चोद रही था। पूरे लंड से उसकी चुदाई करके मेरे को भी बहोत मजा आ रहा था। नेहा की आवाज बदल रही थीं। वो मेरा लंड खाकर “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की आवाज निकाल रही थी। उसकी आवाजो को सुनकर मेरे अंदर और भी जोश भर रहा था। नेहा के साथ सम्भोग शक्ति मेरी बढ़ती ही जा रही थी। मेरा लंड काफी सख्त हो चुका था। मैं तेजी से उसकी चूत फाड़कर उसका भरता बना रहा था।

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