मेरे मामा की लड़की मेरी दिलबर

बस डरते हुए मैंने उसे नाम बताया और कहा- उसका नाम कोमल है.
उसके चेहरे के भाव बदल गए थे फिर उसने कहा- उसका नाम भी कोमल है.
मैंने कहा- हाँ!
उसने कहा-मिलवाओ जल्दी. अब बात करवाओ मेरी उससे.

मैंने उसे आईने के सामने खड़ा कर दिया और कहा- मिल लो … ये ही है.
वो इस बात पर नाराज़ हुई और रोने भी लगी. मैं डर सा गया लेकिन उसे यकीन नहीं हो रहा था तो मैंने उससे माफ़ी भी मांगी.
लेकिन अब उसने मुझे साफ़ मना कर दिया और बात करने से मना कर दिया और मैं चुपचाप आ गया.

4-5 दिन मैंने कुछ नहीं खाया और उदास ही रहा लेकिन एक हफ्ते बाद ही उसका मेसेज आया जिसमें उसने लिखा था- आपने मुझे जो भी कहा वो बुरा लगा बहुत, लेकिन कुछ दिन आपसे बात नहीं करके मुझे भी लग रहा है कि मुझे भी आपसे प्यार हो गया है. लेकिन हम रिश्ते में भाई-बहन लगते हैं इसलिए हम सिर्फ दोस्त रहेंगे. उससे आगे कुछ नहीं.

मैं बहुत खुश हुआ और अगले ही दिन सुबह उसके घर गया. मामा ऑफिस जा चुके थे और मामी भी किसी काम से बाहर जा रही थी जो 2-3 घंटे बाद ही आने वाली थी. मुझे कोमल के साथ रहने के लिए बोलकर चली गयी मामी.

अब मैं और कोमल घर में अकेले थे. हम दोनों को समझ नहीं आ रहा था कि अब इस नए रिश्ते में क्या बात करें! फिर वो चाय बनाने लगी मैं भी उसके पास गया और थैंक्स बोला बात करने के लिए.

उसने उस दिन टाइट सूट पहना था और बाल खुले थे. उस ब्लैक सूट में वो अप्सरा लग रही थी. उसका फिगर 34-30-34 था. मुझसे रहा नहीं जा रहा था. और वो भी शायद मेरे लिए ही तैयार हुयी थी. हम दोनों अकेले थे बस ये सोच कर मैंने हिम्मत की और उसके पीछे जाकर खड़ा हो गया.
उसकी कमर पर हाथ रखते हुए उसके बालों को हटा कर उसके गले पर किस करने लगा. वो मुझे हटाने लगी लेकिन बस मुँह से ही बोल रही थी, रोक नहीं रही थी.

मेरा लिंग उसकी गांड से रगड़ने लगा और वो मदहोश होने लगी. मैं उसकी कमर से उसके बोबों पर हाथ ले गया और दबाने लगा. उसकी सिसकारियां पूरे कमरे में गूँजने लगीं. पहली बार उसकी जवानी को किसी ने छुआ था!
मैं उसकी गांड के बीच में अपना लिंग रगड़ने लगा और उसे गले और पीठ पर चाटने लगा, बोबे दबाते हुए! उससे रहा नहीं गया और पलट कर उसने मेरे होंठों पर अपने होंठ रखकर पागलों की तरह चूसने लगी.

मैं भी उसकी कमर को सलाते हुए उसकी बड़ी सी गांड पर अपने हाथ ले जा कर सहलाने लगा. उसकी सिसकारियां और साँसें तेज़ होने लगी. उसकी गांड दबाते हुए मैंने उसे बिस्तर पर ले जाकर लेटा दिया और उसके ऊपर लेट गया.

उसकी आँखें बंद थी और जैसे मदहोशी में बेहोश सी होने लगी थी. इतनी सेक्सी और हॉट अप्सरा को देख कर मेरा लिंग सातवें आसमान पर था. मैंने उसके कुर्ते को ऊपर किया और ब्रा सहित उसे खोल दिया. उसके बोबे बहुत ही प्यारे थे और उसके गुलाबी निप्पल पर जैसे मैं टूट पड़ा और चूस-चूस कर उसे चरम सीमा पर ले आया. उसका जिस्म अकड़ने लगा.

उसी वक़्त उसकी सलवार का नाड़ा खोल कर उसकी पैंटी के ऊपर ही उसकी योनि को रगड़ने लगा. उसे जैसे करंट सा लगा और वो उछल सी गयी. उसने मुझे किस करते हुए मेरे होठों को काट ही लिया और मेरी पीठ पर नाख़ून से नोचने लगी.

अब मैंने भी अपने कपड़े खोलते हुए उसकी सलवार और पैंटी भी अलग कर दी. अब हम दोनों के जिस्म पर एक कपड़ा भी नहीं था. उसकी योनि गुलाबी थी और एक बाल भी नहीं था. फिर मैंने उसके पैरों के बीच में जाकर उसकी गीली-गीली योनि पर अपनी जीभ रख दी और होंठों से उसको प्यार करने लगा. उसकी सिसकारियां पूरे कमरे में गूँजने लगी. और अपनी कमर उछाल-उछाल कर मेरा मुँह अपनी योनि में घुसाए जा रही थी कोमल.

मैं पलट कर उसके ऊपर ही 69 की पोजीशन में आ गया और उसके हाथ में अपना 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लंड पकड़ा दिया. वो बंद आँखों से ही उसे सहलाने लगी. उसकी योनि को फैला कर मैंने जीभ से उसकी चुदाई करना शुरू कर दिया था.

वो भी मेरे लिंग को मुँह में लेकर चूसने लगी. मेरे लिंग को ऐसे चूस रही थी जैसे जन्मों से चुदाई की प्यासी हो. और गांड उछाल कर मेरे मुँह में अपनी योनि घुसाए जा रही थी. उसकी हरकतों से लग रहा था कि उसकी चूत का पानी बस छूटने ही वाला है.
उसने मेरा सिर दबा दिया और मैं उसकी चूत में जीभ रगड़ कर उसके गर्म-गर्म पानी का स्वाद लेता रहा.

उसकी छूट होने के बाद वो थोड़ी शांत हुई. वो थोड़ी होश में आयी और मेरे लिंग को मुँह से निकाल दिया. मैंने पलट कर उसके मुँह में फिर से अपना लिंग घुसा कर उसके मुँह की ही चुदाई करने लगा और और उसके निप्पल को रगड़ता रहा.

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