मेरी प्यासी चूत में जीजू का लंड

हेल्लो अन्तर्वासना के पाठको, मैं नेहा यादव आप सबको नमस्कार करती हूँ.
मेरी पिछली कहानी थी
भाई ने चूत की खुजली मिटाई
इस कहानी की प्रशंसा में मुझे काफी इमेल मिले. धन्यवाद.

मैं आज अपनी नयी कहानी लेकर हाजिर हूँ. यह मेरी जीवन की सबसे पसंदीदा वाकया है. यह कहानी मेरी सच्ची कहानी है और मुझे उम्मीद है कि आप लोगों को बहुत पसंद आएगी.

मैं एक अच्छे परिवार से हूँ और मेरे परिवार में सब लोग बहुत अच्छे हैं. लेकिन मैं थोड़ा अपनी जवानी में अपने परिवार से आगे निकल गई हूँ और अपनी प्यासी चूत को शांत करने के लिए मैंने अपने जीजू से ही दैहिक सम्बन्ध बना लिए. मेरे जीजू मुझे देखकर बहुत पहले से मुझे चोदना चाहते थे और उन्होंने यह बात मुझे चोदते समय बताई थी कि उन्होंने जब मुझे पहली बार देखा था तो मुझे पसंद करने लगे थे.

मेरी दीदी थोड़ा साधारण है और वो थोड़ा घरेलू किस्म की लड़की है. मैं भी पहले अच्छी थी और परिवार में साधारण तरीके से ही रहती थी लेकिन जब से मेरी चूत ने लंड लेना शुरू कर दिया था मैं अपने परिवार से थोड़ा अलग हो गयी थी. मैं अकेले कमरे में रहना पसंद करती थी और किसी से ज्यादा बात भी नहीं करती थी.

मुझे अब चुदाई की जरूरत थी और मुझे जब भी मौका मिलता था मैं अपनी चूत को किसी के भी लंड से चुदवाकर शांत करती थी. मेरे दो बॉयफ्रेंड भी थे लेकिन मेरे परिवार की वजह से मैं उनसे ज्यादा मिल नहीं पाती थी. हम लोग कभी कभी सेक्स करते थे, वो भी अच्छे से सेक्स नहीं कर पाते थे. मैं कैसे भी करके अपनी जिंदगी और अपन प्यासी चूत दोनों को संभाल रही थी.

इसी बीच मेरी दीदी की शादी हो गयी और उनको चूत के लिए लंड मिल गया. मेरे जीजू मुझे बहुत पसंद थे लेकिन मैं अपने जीजू के बारे में ये सब नहीं सोचती थी कि मैं उनसे कभी चुदूँगी. मेरे जीजू मुझसे शुरू से ही मजाक करते थे. मेरी दीदी अपने ससुराल चली गयी तो मुझे एक फायदा हुआ था कि मैं अपने कमरे में अकेली सोती थी. मेरी दीदी जब मेरे साथ थी तो हम दोनों को एक कमरा शेयर करना पड़ता था और मैं अपनी दीदी के डर से अपने बॉयफ्रेंड से बात भी नहीं कर पाती थी. अब दीदी अपने ससुराल चली गयी थी तो मैं रात में अपने बॉयफ्रेंड से बात करती थी.

मैंने मौका देखकर अपने बॉयफ्रेंड से एक दो बार होटल में जाकर चुदाई भी करवा ली थी. मेर परिवार वालों को शक होने लगा और मेरा घर से आना जाना थोड़ा बंद हो गया. मैं अब अपने बॉयफ्रेंड से चुदवा नहीं पाती थी और हम दोनों लोग ऐसे ही ब्रेकअप हो गया और वो किसी दूसरी लड़की के साथ सम्बन्ध में आ गया. मैं अब अकेली हो गई थी.

मेरी दीदी कुछ दिन के बाद जीजू के साथ घर आई. हम सब लोग बहुत खुश थे. दीदी शादी के बाद बहुत दिन के बाद घर आई थी और मेरी इसी बीच जीजू से बातें शुरू हो गयी. मुझे जीजू को देख कर ही लगता था कि ये थोड़ा आशिक मिजाज हैं और वो मुझे बहुत छेड़ते थे. मैं और जीजू हम दोनों लोग एक दूसरे से बात करते करते थोड़ा घुल मिल गए और उधर मैं अपने ब्रेकअप को भी भूल गयी थी.

मेरे जीजू कुछ दिन के लिए रहने आये थे दीदी के साथ हमारे घर तो हम दोनों लोग एक दूसरे को अच्छे से एक दूसरे समझ गए थे. हम दोनों लोग एक दूसरे के पसंद और नापसंद के बारे में भी थोड़ा बहुत जान गए थे. मेरे जीजू से मुझे बात करके अच्छा लगता था और मैं भी अब उनको पसंद करती थी लेकिन उनसे सेक्स करने के बारे में नहीं सोचती थी. मैंने यह कभी नहीं सोचा था कि मैं कभी अपने जीजू से चुदूँगी. मैं भी जवान थी और मेरे जिस्म के आकार को देखकर अच्छे अच्छे लोग मुझे पसंद करने लगते थे. मेरी गांड भी गोल मटोल है, मैं जब चलती हूँ तो वो भी हिलती है.

मेरे जीजू को मेरी गांड बहुत पसंद है और अब तो वो मेरी गांड को भी कभी कभी जोर से दबा देते हैं. हम दोनों लोग थोड़ा खुले हुए विचार के थे लेकिन दीदी के सामने मैं जीजू से कोई मजाक नहीं करती थी क्योंकि दीदी थोड़ा पुराने ख्यालों वाली थी. दीदी से जीजू भी थोड़ा डरते थे और वो भी दीदी के सामने मुझे छूते नहीं थे. हम दोनों लोग एक दूसरे से औपचारिक तरीके से दीदी के सामने रहते थे. जीजू और मैं हम दोनों लोग कभी कभी साथ में खाना भी खाते थे. हम लोग बहुत कुछ साथ में करने लगे थे.

जीजू और मैं हम दोनों लोग साथ में टहलने भी जाते थे. दीदी ज्यादा घर से बाहर नहीं निकलती है इसलिए हम लोग बाजार से कोई सामान लाना होता था तो मैं और जीजू हम दोनों लोग साथ में मेरी स्कूटी से जाते थे. जीजू ने मुझे एक बार बताया था कि दीदी उतना खुलकर उनके साथ सेक्स नहीं करती है. दीदी को ज्यादा सेक्स में रूचि नहीं थी और वो तो हमेशा अपने घर के काम में ही व्यस्त रहती थी. जब से वो हमारे घर भी आई जीजू के साथ तो भी हमेशा घर के काम में व्यस्त रहती थी.

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