मुजफ्फरपुर में मेरी रानी रंडियों की तरह चुदी

मुजफफरपुर में मेरी नीतू रानी रंडियों की तरह चुदी, साली ने चूत खोल कर मज़े लिए … मस्त जवानी चढ़ी है कुतिया को. वैसे भी औरत जब लंडखोर हो जाए, तो बिना चुदे नहीं मानती. उसका गोरा बदन, भारी चूतड़ और बड़े पपीतों के साइज की चूचियां लेकर जब वो अपने कमर को हिलाते हुए बल खा कर चलती है, तो मेरा दिल करता है कि साली को पटक कर पेल दूँ.

उस रात भी मेरी लौंडिया की बिल्ली में खुजली हो रही थी, चुत चुदवाने का पूरा इंतज़ाम करके साली सज संवर कर बैठ गई थी मेरी बिल्लो.

उफ्फ्फ क्या रूप था उसका, तंग लो कट ब्लाउज में ऊपर के दो बटन खुले हुए, जिसमें से उसकी अड़तीस इंच की साइज की गदराई चूचियां, काले बालों के बीच से दूधिया दर्शन दे रही थी. सफेद साटिन के चिपके हुए पेटीकोट में मेरी रंडी का बदन और उभरे हुए चूतड़, मेरे लौड़े को खड़ा कर रहे थे.

किसी ने सही फ़रमाया है:

ना चोदो किसी को इतना …
कि उसकी चूत तुम्हारी कमजोरी बन जाए;
उसे चोदो कुछ इस तरह …
कि तुम्हारा लंड उसके लिए जरूरी बन जाए.

मैंने नीतू रानी की चूत इतनी बजाई है कि साली जब देखो लौड़ा मांगती रहती है. आज उसके रंग को देख कर समझ में आ रहा था कि मैडम की टांगों के बीच में खुजली मची है. मैंने भी सोच लिया कि साली की चूत की आज सही से क्लास लूंगा.

वो कहते हैं ना …

कि चूत न चोदिए नई नवेली की,
करे नखरे प्रचंड,
चूत चोदिये चुदी रांड की,
हंस कर लेवे लंड!

नीतू रानी को तो बस चुदना था, तो वो आकर मेरे गोद में बैठ गई. अपने पेटीकोट को जांघों तक उठा कर बोली- राजा जी, देखो तो मेरी बिल्ली पर कोई कीड़ा काट रहा है.
मैंने अपनी रानी को बोला- हां तेरी चूत की चैकिंग करनी पड़ेगी.
वो बोल पड़ी- ये चैकिंग का काम तो तुम्हारा है … तुम्हीं कर दो.
मैं बोला- पहले अन्दर वाले कमरे में चल … उधर ही तेरी बिल्ली की चैकिंग करता हूं.
यह कह कर मैंने जोर से उसके चूचे मसल दिए. उसके मुँह से आह निकल गई.

मैं उसे अन्दर वाले कमरे में ले आया और उससे कहा कि अपनी एक टांग उठा कर स्टूल पर रख दे … ताकि अच्छी तरह चैक करूँ. मेरी रंडी ने अपने अंदाज में पेटीकोट को इस तरह से घुमाते हुए ऊपर उठाया, जिससे कि मुझे उसकी गोरी गांड की झलक मिल जाए. उसने अपने एक पैर स्टूल पर रख दिया और कहा- लो कर लो चैक.
मैंने देखा कि हरामिन ने अपनी आदत के अनुसार पैंटी नहीं पहनी थी … यानि कि लोहा गर्म था.

मैंने अपना हाथ उसकी चूत़ पर रख दिया … तो मुझे झटका लगा क्यूंकि साली ने अपनी चूत चिकनी करी हुई थी.
मैंने पूछा- जानेमन तुम्हारी छम्मक छल्लो तो बिल्कुल शीशे की तरह चिकनी है, ये कब करवा ली?
उसने कहा- मैं सोचा कि आज तुम्हें खुश कर दूँ … क्यूंकि तुम जानते हो कि मेरा शौक है कि हर नए शहर में तुम मुझे नए तरीके से चोदो, जिससे कि मैं वो जगह कभी न भूलूँ.
मैंने कहा- पर मैंने तो तुम्हें कोई बालसफा क्रीम तो ला कर नहीं दी?
वो बोली- जब तुमसे रंडियों की तरह चुदना ही है तो शर्म गई तेल लेने … और जनता को भी पता चलना चाहिए कि आज मेमसाहब का चुदने का मूड है. इसलिए आज मैंने तुम्हारे नाई को बुलाया था और उससे अपनी चूत की झांटें साफ करवा दीं.

मैंने कहा- रांड साली … तूने उसके भी मजे ले लिए?
वो बोली- मजे कहां लिए … उसके तो हाथ कांप रहे थे मेरी बगल के और चूत के बाल साफ करने में. साले का हथियार तो खड़ा हो गया था, पर मेरे हाथ लगते ही उसका सारा माल मेरे मुँह पर आ गया … मैं तो प्यासी ही रह गई.
मैं हंस दिया और बोला- उसको क्या पता कि तेरे जैसी माल की मालगाड़ी कैसे चलानी है. खैर मुझे तो तेरी चूत देखनी पड़ेगी.

यह कहते हुए मैंने अपनी दो उंगलियों को उसकी मुनिया में पेल दिया. नीतू सीत्कार उठी और बोली- राजा और मत तड़पाओ, जरा ठीक से चैक करो ना.
मैंने उसकी चूत में अपनी उंगलियां तेजी से पेलनी शुरू कर दीं, उसकी मुनिया से झर झर पानी की धार बह कर उसकी जांघों पर होते हुए फर्श को गीला करने लगी.
वो बड़बड़ा रही थी- सही करते हो राजा जी … तुम्हीं ने मेरी खुजली का इलाज किया … जल्दी से काम पूरा करो, नहीं तो मैं गली के कुत्ते से चुदवा लूंगी.
मैं बोला- रानी, यह तो शुरूआत है, आज तो तुझे सारी रात नंगी रखूंगा और अपने लौड़े पर नचाऊंगा.

इतना कह कर मैंने उसकी चूत पर अपना मुँह लगा दिया और चूत चाटने लगा. उसकी रसीली चूत का स्वाद मेरी जुबान पर भर गया और उसकी जवानी की गंध मेरे नथुनों में घुस गई.
आह … क्या मीठा रस था साली का … मैंने मस्ती में भर कर उसकी चूचियों को दबा दिया.

वो कराह कर बोली- साले तेरी ही माल हूं, कहीं नहीं भागूंगी, पर जरा प्यार से मसल मुझे.
मैंने कहा- इस वक़्त तू इस शहर की सबसे बड़ी रंडी है … इसलिए तेरी चुदाई भी वैसे ही होगी.
वो हंस कर बोली- तो आ … देखती हूं तेरे लौड़े में कितना जोर है.
मैंने उसे अपने गोद में उठाया और खड़े होकर अपने तने हुए लौड़े को उसकी चूत में पेल दिया.

अब नीतू रानी मेरे गोद में खड़े खड़े चुद रही थी. थोड़ी देर बाद मैंने उसे नीचे उतार दिया और बोला- रानी पता चला मेरे लौड़े का दम? ये तेरे जैसी दस छिनालों को एक ही रात में जन्नत दिखा सकता है.
वो बोली- तो फिर देर किस बात की है, मेरी बिल्लो रानी तेरी है, आ कर मेरी बिल्ली मार ले.

मैंने एक झटके में उसे बिस्तर पर पटक दिया और खींच कर उसका ब्लाउज उतार दिया, उसके मस्त चूचे मेरे सामने अपनी नुकीली घुंडियों का नजारा पेश कर रहे थे. साली पूरी मस्ती में थी. मैंने उसके भोंपू दबाते हुए उसकी जांघों पर हाथ फिराया और धीरे से उसके पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया.

नीतू रानी अब बिल्कुल नंगी मेरे सामने थी, उसने आगे बढ़ कर मेरा शॉर्ट्स उतार दिया और मेरा लौड़ा अपने मुँह में लेकर चूसने लगी. लौड़ा चूसने में तो वो एक्सपर्ट है, कभी पूरा लंड अपने मुँह में लेती तो कभी मेरी अंडे चूसने लगती.

मैंने कहा- रानी, अभी तो मैं तेरी चूत बजाऊंगा … तू कुतिया बन जा मैं पीछे से तेरी लूंगा.

नीतू रानी तुरंत ही पलट गई और अपनी गांड उठाते हुए बोली- पेलो राजा जी, तुम्हीं मेरी चूत का कल्याण करो.

मैंने एक झटके में ही अपना लौड़ा उसकी चूत में पेल दिया और दनादन शॉट लगाने लगा. थोड़ी देर बाद मैंने उसकी चूचियों को मसलते हुए बिस्तर पर सीधा लिटा दिया और पीछे से पकड़ कर उसकी मुनिया में लंड ठूंस दिया. साली मजे से लौड़ा खा रही थी और उसकी मुनिया पानी छोड़ रही थी.

मैंने कहा- रानी अब मैं कुर्सी पर बैठे बैठे तुझे शीशे के सामने चोदूंगा.
मैं एक बिना हाथ वाली कुर्सी पर बैठ गया और नीतू को आगे की तरफ मुँह करके अपने लौड़े पर सवार कर दिया. सामने बड़े से शीशे में नीतू रानी की चूत में घुसा मेरा लौड़ा साफ साफ दिख रहा था. मैं अब उसे अपने लौड़े पर कूदने की बोला. वो एक माहिर खिलाड़ी की तरह मेरे लौड़े की सवारी करने लगी.

मैंने उसके दूध मसलते हुए बोला- आज तूने दिल खुश कर दिया जान, देख सामने कैसे तेरी टांगों के बीच में मेरा मूसल घुसा है.
वो शरमा गई और बोली- हाय क्या मस्त नजारा है, तू लूट ले अपनी रंडी की जवानी के मजे.

मैं पीछे से जोरदार धक्के लगाने लगा. वो मारे मस्ती के हांफने लगी और थोड़ी ही देर में उसने अपना ढेर सारा पानी मेरे लौड़े पर छोड़ दिया. मैंने उसे अपने गोद से उतारा और प्यार से बिस्तर पर ले आया. उसे सीधा लिटा कर अब मैं उसके ऊपर ऐसे चढ़ गया, जैसे कि कोई सांड बछिया पर चढ़ता है. मैंने अपना लौड़ा उसकी चूत में पेल कर मैंने उसकी चूत के परखच्चे उड़ाने शुरू कर दिए. थोड़ी देर बाद मेरा माल भी जब आने को हुआ तो मैंने नीतू रानी के मुँह में अपने लौड़ा पेल दिया. उसने भी मुँह खोल कर सारा वीर्य पी लिया और मेरा लौड़ा साफ कर दिया.

इस तरह से संपन्न हुई नीतू रानी की मुजफ्फरपुर में चूत की पिलाई.