मेरी सहेली की मम्मी की कामवासना

दोस्तो, मैं अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज की लेखिका निशा … आप सब पाठक मेरी कामवासना से भरपूर कहानियों को पढ़ कर काफी मजा लेते हैं और सराहते हैं. और काफी कमेन्ट भी करते हैं. मैं 40 साल की हूँ मेरा फिगर 38 सी 36 40 है और मैं दिखने मे बहुत ही हॉट और सेक्सी हूँ.
मेरी पिछली कहानी
ट्रेन में बनी सहेली संग लेस्बीयन सेक्स
में आपने पढ़ा कि मैं अनुप्रिया के घर पहुँच गई थी और वहाँ उसके मम्मी, पापा और वो थी. मेरे पति ने बोला था वे छुट्टी लेकर पोस्ट से वहीं आ जायेंगे दो एक दिन के लिये!
मैंने कहा- ठीक है।

मुझे अनुप्रिया के घर आये तीन दिन बीत चुके थे पर मेरे पति नहीं आये. लेकिन मैं बहुत खुश थी क्योंकि मुझे अनुप्रिया के साथ सेक्स भरपूर मिल ही रहा था. इसलिये 3 दिन पता भी नहीं चले. अगले दिन रात को 08.00 बजे के आस-पास मेरे पति का फोन आया- मैं अभी 3 दिन और नहीं आ सकता हूँ.

फिर तो मेरी और मौज हो गई. अनुप्रिया तो बहुत ही ज्यादा खुश थी. हम लोगों ने बहुत सारे तरीकों से, बहुत सेक्स पोजीशन में लेस्बियन सेक्स किया.

मैं भी अनुप्रिया की मम्मी पापा को मम्मी पापा कहने लगी थी.

तभी हम दोनों को मस्ती सूझी कि आज मम्मी और पापा को सेक्स करते हुये देखेंगे. फिर हम लोगों ने सुबह खिड़की के ऊपर का वेन्टीलेटर खोल दिया जिससे कि रात को मम्मी पापा को हम सेक्स करते हुये देख सकें.
लेकिन हमें यह करते हुए अनुप्रिया की मम्मी ने देख लिया और बोली- तुम यह क्या कर रही हो अनुप्रिया?
हम दोनों डर गयी कि अब क्या बतायें!

तभी मम्मी बोली- तुम दोनों पूरे दिन अपने कमरे में रहती हो, मुझे पता है कि तुम दोनों मिल कर क्या क्या करती हो!
फिर हम दोनों और ज्यादा डर गयी, हम शर्म के मारे सर नीचे झुकाये खड़ी थी कि तभी वे बोली- अब मुझे सेक्स करते हुये देखना चाहती हो कि मैं कैसे सेक्स करती हूँ? ठीक है, आज देख लेना लेकिन ये वेन्टीलेटर बन्द कर दो. और मैं तुम्हें कमरे के अन्दर से सेक्स दिखाऊँगी.
हम दोनों उनकी तरफ हैरानी से देखने लगी.

तब वो बोली- हाँ, मेरी तरफ क्या देख रही हो? आज देख लेना! ठीक है। और तुम लोग जो करती हो … वो क्या मैं नहीं देखती हूँ? मैं भी देखती हूँ और वो सब मैं भी करना चाहती हूँ यार तुम लोगों के साथ!
तभी मैंने कहा- मम्मी, कमरे में चलो … वहीं बैठ के बातें करेंगें।

और हम तीनों कमरे में आ गयी. पापा घर पर थे नहीं!
फिर उस समय दिन में तो हम लोगों ने कुछ नहीं किया.

रात को करीब 09.00 बजे मम्मी कमरे में आई और बोली- मैंने दूसरे वाले बाथरूम का बाहर वाला दरवाजा खोल दिया है, तुम लोग उस दरवाजे से बाथरूम में आ जाना … और मैं कमरे की तरफ से उसका दरवाजा खोल दूँगी, जिसमें पर्दा डाल दूँगी जिससे तुम्हारे पापा को शक न हो. और वहाँ से तुम अन्दर का ठीक से देख सकती हो.
मैंने कहा- ठीक है मम्मी जी!
तभी मम्मी बोली- मैं तुम्हें मिस काल कर दूँगी!
और चली गईं.

हम लोगों ने खाना खाया और अपने-अपने कमरे में चले गये. मैं अनुप्रिया के कमरे में उसके साथ ही सोती थी.

रात को करीब 11.30 बजे फोन बजा और कट गया. अनुप्रिया बोली- मम्मी का है, पापा मम्मी की चुदाई शुरू हो रही होगी, मम्मी हमें बुला रही हैं.
और हम दोनों कामवासना की मारी पीछे वाले दरवाजे से बाथरूम में घुस गयी और फिर पर्दे को हटा कर देखा तो मम्मी उस पर्दे पर ही नजर रखे थी कि हम दोनों आयी या नहीं! और जब हमारी नजर आपस में टकराई और मम्मी ने मुस्कुरा कर हम दोनों का स्वागत किया और पापा के साथ सेक्स करने में जुट गईं.

पापा मम्मी को किस करने लगे और मम्मी पापा को! काफी देर तक उनकी चुम्मा चाटी चलती रही. मॉम की उम्र लगभग 45 साल की तो होगी लेकिन मस्त मोटी और गोरे खूबसूरत हुस्न की मलिका थी. उनका फिगर 42 डी 40 44 था. बूब्स और चूतड़ बहुत ही मोटे थे.

मॉम ने साड़ी पहनी हुई थी. पापा ने उनकी साड़ी खोल दी और फिर ब्लाऊज पेटीकोट भी खोल दिया. अब मॉम सिर्फ ब्रा में थी क्योंकि जीचे उन्होंने पैन्टी नहीं पहनी हुई थी. यह सब देखकर अनुप्रिया मदहोश हुई जा रही थी. हम दोनों लड़कियाँ रात में सिर्फ मैक्सी में ही रहती थी, न ब्रा पहनती थी और न ही पैन्टी!

फिर पापा मॉम की जाँघों के बीच में आ गये और मम्मी की चूत को चाटने लगे. मॉम मस्त होकर अपनी चूत को उठा उठाकर चटवा रहीं थी.

तभी अनुप्रिया ने कामवासना से प्रेरित होकर मेरी मैक्सी उठा दी और मेरी चूत को चाटने लगी. कमरे की लाईट आफ थी नाईट लैंप की थोड़ी रोशनी में हम मम्मी पापा की चुदाई का खेल देख रही थी.

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