मेरी बिगड़ैल मॉम और उनकी चुदासी सहेली

मेरे पापा की बदली हुई और वो दूसरे शहर चले गए. इसके बाद मेरी मॉम के रंग ही बदल गए. वो बाहर जाने लगी, साड़ी से जीन्स टॉप पहनने लगी. एक सहेली बना ली और उसके बाद …

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम अरुण कुमार है. मैं उत्तरप्रदेश से हूँ. मेरी उम्र 23 साल है।

यह कहानी मेरी मॉम और उनकी सहेली की है कि कैसे मॉम और उनकी सहेली अपने हुस्न और जवानी का मजा लूटती हैं.

मेरी मॉम का नाम रेनू है उनकी उम्र 47 वर्ष है. कद मध्यम, रंग सांवला व थोड़ी मोटी है. उनके जिस्म का साइज 34-32-36 है.

बात उस समय की है जब हम लोग अपने गांव से 58 किलोमीटर दूर एक शहर में शिफ्ट हो गए.

मेरे पापा एक प्राइवेट कम्पनी में काम करते हैं, सुपरवाइजर हैं. लगभग 3 साल बाद पापा को उनकी कम्पनी ने प्रमोशन देकर एरिया बदल दिया. तब मैं 19 साल का था और 12वीं में पढ़ता था तो मेरी पढ़ाई के कारण मॉम ने पापा से उनके साथ जाने को मना कर दिया.
पापा नई जगह चले गए 1 हफ्ते बाद … मैं और मॉम वहीं रहने लगे।

पापा के जाते ही मॉम ने अपना रंग दिखाना शुरु कर दिया, वो बाहर घूमने जाने लगी, बाहर रेस्टोरेंट में खाने पीने जाने लगी. साड़ी से सूट, सूट से जीन्स टॉप पहनने लगीं. उस समय वो 43 वर्ष की थी।
थोड़ी मोटी होने की वजह से मॉम जीन्स टॉप में बहुत हॉट लगती थी. सब मुहल्ले वाले उनकी तरफ वासना वाली नजरों से देखते और उनको पता नहीं क्या क्या बोलने लगे।

फिर वो रोज बाहर जाने लगी. उन्होंने एक नई सहेली बना ली अपनी तरह की. उनका नाम पुष्पा था. कभी कभी वो मॉम के साथ घर आती थी और रात को रुकती भी थी.

एक दिन मॉम और पुष्पा आंटी रात को 8 बजे घर आई. हम सबने खाना खाया. लगभग 10 बजे मैं सोने चला गया.

फिर करीब रात को 1 बजे मुझे पेशाब लगी तो मैं अपने कमरे से बाथरूम जाने लगा तो मैंने देखा मॉम के कमरे की लाइट जल रही है.
मैं पेशाब करके लौट रहा था, तब मॉम के कमरे से आवाज सुनी तो मैं वहाँ गया. मैंने खिड़की से देखा कि मॉम और पुष्पा आंटी दोनों शराब पी रही थी.

पुष्पा आंटी कह रही थी- रेनू, तू आज बहुत सेक्सी लग रही है मेरी जान!
तो मॉम भी कहने लगी- पुष्पा, तू भी बहुत रंडी लग रही है.
फिर पुष्पा आंटी बोली मॉम से- रेनू यार, मेरी चूत में खुजली हो रही है, चाट कर शांत कर दे!

दोस्तो, मैं यह सुनकर दंग रह गया कि मेरी मॉम ये भी करती है.

फिर मॉम और पुष्पा आंटी ने लेस्बो सेक्स किया. ढाई बजे तक उनका यह लेस्बियन प्रोग्राम चला. तब तक मैं अपने हथियार को दो बार हिला चुका था. फिर मैं सो गया.

अगले दिन संडे होने के कारण सब लेट उठे, करीब 1 बजे पुष्पा ऑन्टी अपने घर चली गयी।

फिर 2 दिन बाद पुष्पा आंटी का मेरे पास फोन आया. वो बोली- अरुण बेटा, जरा रेनू से बात करवा दे, कुछ जरूरी काम है. और रेनू का फोन नहीं लग रहा!
तो मैंने दोनों की बात करवा दी.

मेरे फोन में ऑटो कॉल रेकॉर्ड ऑन रहता है. उसी रात मैं अपने रूम में गाने सुन रहा था तो गाना बदलते ही मॉम और पुष्पा आंटी की रिकॉर्डिंग चालू हो गयी. मैं सुनने लगा. तो रेकॉर्डिंग सुनकर मेरे होश उड़ गए।

पुष्पा आंटी कह रही थी- रेनू, अगले संडे को मूवी चलेंगे हम दोनों. मैंने एक लौंडा फंसाया है. वो और उसका दोस्त हमें मूवी हॉल के बाहर मिलेंगे. सारा खर्च वो ही करेंगे. रूम भी है उनके पास और ऐसे कपड़े पहनना जिसमें दिक्कत न हो.
मेरे होश उड़ गए ये सब सुनकर!

उस रेकॉर्डिंग में मूवी हॉल का पता, कौन से शो में मिलेंगे और सीट नंबर भी बताया उन्होंने मॉम को.
ये सब सुनकर मेरा लन्ड खड़ा हो गया. मैंने सोचा कि मेरी मॉम रंडी बन चुकी है अब! और मॉम को सोचते हुए मैंने मुठ मार दी.

मैंने भी पुष्पा आंटी के बताए प्रोग्राम के अनुसार अपनी भी सीट बुक करवा ली मॉम और पुष्पा आंटी की सीट के पीछे लाइन में!

सन्डे आ गया. पुष्पा आंटी तैयार होकर हमारे घर आ गयी थी. उन्होंने हरे रंग की टॉप और लेगिंग पहनी थी. मॉम भी तैयार होने चली गयी.

थोड़ी देर बाद मॉम भी आ गयी. मॉम ने काले रंग की टीशर्ट और जीन्स पहना था. दोनों बहुत हॉट लग रही थी.

मैंने पूछा- मॉम, कहाँ जा रही हो? कब तक आओगी?
तो मॉम बोली- पुष्पा आंटी के घर जा रही हूं. 4 से 5 घण्टे लगेंगे आने में!
मैं बोला- मैं अपने फ्रेंड के घर जाऊंगा, लेट आऊंगा मैं भी!
तो उन्होंने कहा- ठीक है, ताला लगा देना. एक चाबी मेरे पास है. अगर मैं जल्दी आ गयी तो मैं घर खोल लूंगी. तू आ जाये तो तू खोल लेना.
इतना कहकर वो चली गयी।

Pages: 1 2 3