मोटी आंटी की चुदाई

हेलो मेरा नाम हर्षित है और मैं देल्ही से हूँ, मेरी उमर 19 साल है और मेरा लंड 8′ लंबा और 3′ मोटा है, अब मैं सीधा कहानी पर आता हूँ, मेरे घर के सामने वाले घर मे एक मोटी काली आंटी रहती है क्या माल है, यार मोटी गॅंड बड़े साइज़ के बूब्स जो भी देख ले वही चोदने को रेडी हो जाए, मेरा आंटी के घर कोई आना जाना नही था बस बाल्कनी से हेलो-हाय होती थी, एक दिन की बात है वो सारी मे बाल्कनी मे खड़ी थी और उसने डीप नेक ब्लाउस पहन रखा था, वो थोड़ा झुकी हुई थी उसके ब्लाउस मे से उसके बूब्स का क्लीवेज सॉफ दिख रहा था मेरी नज़र उस पर पड़ गयी, मैं तो उसे देखता ही रह गया क्या लग रही थी, उसने मुझे उसके क्लीवेज को घूरते हुए देख लिया था और मुझे देखते ही वो थोड़ी और झुक गयी, ताकि मुझे उसके बूब्स सॉफ दिख सके, अब मुझे उसके बूब्स थोड़े दिखने लगे अब मुझसे रहा नही जा रहा था मैं वाहा से निकल कर बाथरूम मे गया और उसके नाम की मूठ मारी क्या मज़ा आया था उसके नाम की मूठ मार कर, फिर अगले दिन भी ऐसा ही हुआ वो अपने बूब्स दिखा रही थी, मैने उसे घूम कर गॅंड दिखाने का इशारा किया उसने मेरे इशारे को समझ कर पीछे की तरफ घूम कर झुक गयी और अपनी गॅंड का साइज़ दिखाने लगी.

उसकी सारी भी कस्स गयी थी उसकी पैंटी का इंप्रेशन भी दिख रहा था मैं तो पागल हो रहा था, अब मुझे उसकी गॅंड मारनी थी मैने उससे उसका मोबाइल नंबर माँगा इशारे से उसने अपना नंबर एक छोटे से पत्थर पर लपेट कर मेरी बाल्कनी मे फेंक दिया, मैने उसे रात को कॉल की तो उसने कॉल काट कर के टेक्स्ट किया की वो अभी अपने हज़्बेंड के साथ है बाद मे बात करेगी, फिर रात को करीब 12.30 बजे उसकी कॉल आई मैने उससे सेक्स चॅट की, मैने उससे कहा की मैं उसकी गॅंड मारना चाहता हूँ उसने पहले तो मना कर दिया, फिर बाद मे कहा की कल उसके हज़्बेंड ऑफीस के काम से 3 दीनो के लिए बाहर जा रहे है और कहा की मैं पीछे का गेट खोल के रखूँगी, फिर क्या था जैसे तैसे रात को मूठ मार कर सो गया और अगले दिन का वेट करने लग गया, अगले दिन सुबह उसकी कॉल आई की उसका पति चला गया है उसने पीछे का दरवाज़ा खुला छोड़ दिया है, उसकी कॉल सुनते ही मैं अपने घर से निकल गया और चुपके से उसके घर मे घुस गया, मैं जैसे ही घुसा वो मेरे सामने सिर्फ़ ब्लॅक कलर की ब्रा और पैंटी मे आके खड़ी हो गयी, क्या लग रही थी यार मेरा तो बुरा हाल था देख कर मोटे-मोटे बूब्स और बड़े चूतड़.

अब हम उसके बेडरूम मे थे उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए थे और मुझे बेड पर लिटा कर मेरा लॅंड मूह मे लेके चाटने लगी पूरा अंदर तक चूसने लगी, उसे लॅंड चुसते हुए 10 मिनट हो गये थे और मैं झड़ने वाला था, मैने उसे बताया नही की मैं झड़ने वाला हूँ और उसके मूह मे ही अपना माल झाड़ दिया, उसका पूरा मूह भर दिया, इससे वो भी खुश हो गयी और अब वो खड़ी हो गयी और अपनी ब्रा और पैंटी उतार दी और अलमारी से कॉंडम निकाल कर मेरे लॅंड पर लगा दिया और बेड पर लेट गयी और लॅंड चुत मे घुसाने को कहने लगी, मैने अपना लॅंड उसकी चुत के छेद पर रखा और एक झटके मे घुसा दिया और धक्के देने लगा और उसके बूब्स दबा दबा कर चूसने लगा मज़ा आ रहा था, थोड़ी देर बाद उसकी चुत झड़ गयी, फिर मैने उसे उलटा कर के उसकी गांद मारनी स्टार्ट कर दी उसे गॅंड मरवाने मे थोड़ा दर्द हो रहा था, क्योकि उसने कभी इतने बड़े लॅंड से गॅंड नही मरवाई थी (उसने बताया की उसके पति का लॅंड बहोत छोटा है गॅंड मे जाने के बाद पता नही चलता) उसकी गॅंड मारने मे मुझे ज़्यादा मज़े आ रहे थे, मैं पहली बार इतनी बड़ी और मोटी गॅंड मार रहा था, मुझे उसकी गॅंड मारते-मारते 15 मिनट हो गये और मैं झड़ने वाला था.

मैने 5-6 झटके ज़ोर-ज़ोर से दिए और मैं झड़ गया, मेरे लॅंड पर लगा कॉंडम पूरा माल से भर गया था, फिर मैने अपना लॅंड उसकी गॅंड से निकाला और उसे अपने लॅंड पर लगा कॉंडम उतारने को कहा उसने उतारा और कॉंडम के अंदर का माल निकाल कर अपने मूह मे भर लिया, उसने मेरे लॅंड को बैठा देख कर उसने चूसना शुरू कर दिया, 10 मिनट चूसने के बाद मेरा लॅंड फिर से उसकी गॅंड मारने के लिए रेडी था, अबकी बार मैने कॉंडम नही लगाया अब मैने आंटी को अपने लॅंड पर बैठा कर गॅंड मरवाने को कहा, आंटी चढ़ गयी पहले तो मुझे दर्द हुआ क्योकि आंटी बहोत मोटी है, थोड़ी देर बाद मज़ा आने लगा आंटी ने पूरा लॅंड अपनी गॅंड मे डाल रखा था, लेकिन लॅंड बार-बार बाहर आ रहा था, मैने आंटी को अपने उपर से उठाया और ओइल लेकर उनकी गॅंड और चुतडो पे लगाया मालिश करी ओइल की बॉटल उनकी गॅंड मे घुसा दी ताकि ओइल अंदर चला जाए, फिर बोतल निकाल कर उंगली डाल कर गॅंड मलने लगा और थोड़ा ओइल लेकर अपने लंड पर लगाया, अब मैने उन्हे पेट के बल लेटने को कहा वो लेट गयी उनके बड़े और काले चूतड़ अब और भी बड़े और काले लग रहे थे ओइल लगने के बाद.

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