मे कैसे मुंबई मे जिगलो से चुदाई की

दिस ईज़ नोट ए स्टोरी बट एन रियल इन्सिडेंट . ऐसे मेरी इंग्लीश तो ओके है लेकिन सेक्स स्टोरी का मज़्ज़ा हिन्दी मे ज़्यादा आता है. स्टोरी यह है की मैं किस तरह से राहुल से चुद गयी और अपने सहेलियो को भी उससे चुदवाया कमिशन के लिए . मेरी उससे टाइअप थी की मैं उससे कितने भी सहेली के पास भेजती मे उससे कमिशन मे 500 रुपीज़ लेती हू और उपर का मनी राहुल लेता है.क्यूकी सारे कस्टमर मेरे ही थे यानी मेरी सहेली थे इस लिए वो मुझे 500 रुपीज़ आराम से दे देता है. जिसमे हम दोनो का फ़ायदा है हम दोनो को सेक्स और मनी दोनो मिल जाता है.

हाय एवेरिवन दिस ईज़ शालिनी, अबौट मी 5.1 फ्ट टॉल, स्किन कलर फेर,एज 32,मेरे बूब का साइज़ 36 सी है, मेरा फिगर देख के अछे अछो के हेड टर्न हो जाते है. राहुल इस स्टोरी का हीरो एंड अबौट हिम ही ईज़ 5.9 फिट टॉल, ब्राउन स्किन कलर , बट नोटीसबल थिंग इन हिम ईज़ हिज़ डिक विच इस 16 सीयेम इन लेंग्थ. दट साइज़ ईज़ मोर दान एनफ टू सॅटिस्फाइ एनी हॉर्नी विमन लाइक मी . यह स्टोरी कोई स्टोरी नही है बल्कि इट्स ए रियल इन्सिडेंट यह एक सच्ची घटना है जो मेरे साथ 3 महीने पहली घटी थी.मेरा परिवार दो साल पहले कानपुर मे रहता था लेकिन मेरे हज़्बेंड के जॉब के वजह से हम मुंबई मे आ गये और सेट्ल हो गये है. हम मुंबई मे पहले रेंट पे रहते थे. लेकिन 1 साल पहले हम ने अपना फ्लॅट खरीद लिया . मेरे हज़्बेंड का एज 35 और वो हमेशा जॉब के सिलसिले मे बाहर ही होते है.

हफ्ते मे एक या दो दिन ही घर मे रहते है. तो स्टोरी यहा से है की जब हमने नया फ्लॅट खरीदा उसके कुछ ही दिन मे अपने पड़ोस के लोगो से घुलमिल गयी थी मेरी बिल्डिंग मे काफ़ी लोग मुझे पहचानने लगे थे.मेरे नंबर मे एक जोशी फॅमिली रहता था. उनके फॅमिली मे अंकल, आंटी और उनका लड़का राहुल रहता था .वैसे तो मेरी बिल्डिंग मे और भी कई लड़के रहते थे ,

लेकिन वो मुझे हमेशा घूरता रहता था.कई बार उसने मुझे लिफ्ट मे बट पे टच भी किया था .तभी से मैं भी उसको थोड़ा थोड़ा लाइक करने लगी थी मेरी शादी को तीन साल हो गये है लेकिन कभी मैं अपने हब्बी से सॅटिस्फाइ नही हो पाई. क्यूकी मेरे हज़्बेंड हमेशा बाहर रहते है.और जब घर आते है तभी भी उन्हे काम का टेन्षन रहता है.और उनका सेक्स ड्राइव भी बहुत कम है जिस वजह से मैने उन्हे कई बार चीट भी कर चुकी हू.लेकिन जबसे राहुल को देखी हू तबसे एक बार और मेरे हज़्बेंड को चीट करने का मन करने लगा.वैसे तो राहुल ज़्यादा स्मार्ट नही है लेकिन उसकी हाइट और पर्सनॅलिटी काफ़ी अछी हैं, शायद उसीके कारण मैं उससे अट्रॅक्ट होने लगी थी.और मैं डिसाइड कर चुकी थी की मैं उसस्के साथ सेक्स करूगी, उसकी मोम यानी मिसस जोशी रोज मेरे घर चिट चॅट करने आती थी. एस ए लॅडीस नेबर मैने उनसे नंबर एक्सचेंज कर लिया क्यूकी कभी एमर्जेन्सी मे काम आ सकता है .

आलसी स्टोरी अब से है एक दिन मैं मार्केट से वेजिटेबल्स लेके आ रही थी तभी मुझे लिफ्ट मे राहुल मिला तो उसने आज फिर मुझे टच किया. उसके टच से मैं अराइज़ हो गयी थी घर पहुचते ही . मैने फिंगरिंग चालू करदी दस मिनिट्स के बाद जब मेरा पानी आया तब मुझे शांति मिली.कभी कभी मैं जान बूच के बाल्कनी मे विदाउट ब्रा नाइटी पहन के आ जाती थी ताकि उसको टीज़ कर सकु.वो भी मुझे काफ़ी टाइम तक स्टेर करता था .

फिर मैं पक्का कर चुकी थी मुझे राहुल का लंड अपने चुत मे चाहिए तभी ही मेरी प्यास भुजेगी. सम्मर वेकेशन का टाइम था मेरे नेबर यानी राहुल के मम्मी और पापा अपने बेटी के पास गये थे सिर्फ़ तीन दीनो के लिए . तो मैं मन ही मन प्लॅन बनाने लगी .उसी शाम मैं जान भुज के राहुल के घर गयी और पूछा ,राहुल तुम्हारी मम्मी किधर है .तो उसने जवाब दिया वो सिस्टर के यहा गये है . लेकिन मुझे यह बात पहले से पता थी तो आगे का चॅट राहुल: कुछ काम था क्या आंटी मैं:नही मुझे थोड़े से पिकल चाहिए थे.

और वो मेरे बूब को स्टेर रहा था फिर राहुल का मैने पकड़ ली और उसको बोली यह क्या देख रहे हो तो वो शर्मा गया और फिर चला गया पिकल लेनी के लिए. पिकल देते समय मैने खुद से पिकल अपने नाइटी के अप्पर पार्ट पे गिरा दी फिर तो क्या राहुल मेरे बूब को पागलो की तरह घूर रहा था, तो उसने बोला आंटी आप वॉश रूम मे जाके वॉश कार्लो. हहा तो दाग बाद मे नही जायगा . मैं वॉश रूम जाते जाते यही सोच रही थी की कैसे मैं चुद जाउ , तो मैं खुद से गिरने की आक्टिंग कर फ्लोर पे सो गयी.

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