मम्मी की सब्जी मॅंडी मे चुदाई

हाय.. एक बार फिर मैं प्रकाश आप लोगो के लिए एक नयी कहानी मम्मी की सब्जी मंडी मे चुदाई लेकर आया हू आशा है आपको पसंद आएगा. आपलोगो को मेरी मॉम के बारे मे पता ही होगा की वो कितनी चुदक्कड स्वभाव की है और उसे अपना एक्सपोज़ करने मे कितना मज़ा आता है. मेरे सामने ही वो कितने को क्या क्या नही दिखाती. एक बार की बात है डॅड हमारे किसी काम से देल्ही गये हुए थे.घर पे बस मैं एंड मॉम थे.

शाम के टाइम मॉम मेरे से बोली की प्रकाश सब्ज़ी लेने चलना है. वैसे आपको बता दू की हम वाराणसी के रहने वाले है. वाहा स्टेशन के पास बहुत बड़ा सबाज़ी मंडी है. मैं मॉम को बोला ओके मॉम चलो चलते है मॉम बोली ओके मैं तैयार होकर आती हू. वो सारी पहनी जो नेट की थी एंड ब्लाउस वलवेट का था. ब्लाउस वलवेट के होने के कारण थोड़ा डीप गले का था. शाम का टाइम था मैं मॉम को लेकर बाइक पे चल पड़ा. फिर जब हम सब्जी मॅंडी पहुचे तो मॉम एक स्पेसिफिक दुकान पे ले गयी फिर मॉम बोली तू बाइक कही साइड मे लगा कर आओ. फिर मैं चला गया बाइक पार्क करने. जब मैं आया तो देखा मॉम एक दुकान से सब्जी ले रही थी फिर मैं थोड़ा पास गया तो देखा मॉम झुक कर नीचे से सब्जी पोलिथीन मे डाल रही थी जब मेरा ध्यान सब्जी वाले पे गया तो वो मॉम को अजीब तरह से घूर रहा था. तब मैं देखा तो मॉम की चुचि उनके ब्लाउस से बाहर लटक रहे थे. मुझे अजीब लगा की मॉम ब्रा क्यू नही पहनी है.

फिर मैं सोचा की देखते है ये क्या करते है. सब्जी वाला करीब 50 का होगा. काफ़ी तगड़ा था. बड़ी बड़ी मूचे थी. और बार बार अपना लंड अपने लूँगी मे अड्जस्ट कर रहा था. फिर मैं मॉम को कॉल करके बोला की मॉम मुझे अपने एक फ्रेंड को रिसीव करने स्टेशन जाना है तुम ऑटो से घर जाना मुझे लेट हो जाएगा. तो मॉम मुझसे बोली कोई बात नही मैं आ जाउन्गि. उस टाइम रात हो चुकी थी करीब 07:30 पीयेम हो रहे होंगे.

बाजार मे भीड़ भी थी कई लोग मॉम को नोटीस भी कर रहे थे फिर मैं धीरे से उस दुकान के नौकर जो 20 साल का होगा उसे बुला कर पूछा की वो औरत को वो जानता है तो वो बोला की हा वो मेरे मालिक की सेट्टिंग है. उसका मालिक उसे ठोकता है. मुझे बहुत अजीब लगा मैं सोचा की आज मैं भी देखता हू वो क्या करते है.फिर मैं अंधेरे का फ़ायदा उठा कर मॉम पे ध्यान रखा. उसके बाद मॉम काफ़ी देर बगल मे खड़ी रही फिर उसका मालिक सब्जी वाला आता है और मॉम के कमर मे हाथ डाल के स्टेशन के तरफ जाने लगता है. थोड़ी दूर जाने पर वो एक गली मे मूड जाता है फिर वाहा एक पार्क था. शाम ज़्यादा होने से वाहा ज़्यादा लोग नही थे फिर वो मॉम को लेकर उस पार्क के टाय्लेट मे जाता है. मॉम उसके साथ बिना शर्म के चली जा रही थी. फिर मैं टाय्लेट के रौशानदान से देखा तो.

वो मम्मी से बोल रहा था आप बहुत देर करदी इस बार. तो मॉम बोली की उसे टाइम ही नही मिल पा रहा था फिर वो मॉम को बोला की आज उसके पास कॉंडम नही है तो मॉम बोली की तो आज चुदाई नही करेंगे तुम पिछली बार भी बहाना बना कर ऐसे ही किए थे और अब आदत बना लिए हो तो वो फिर मॉम को मनाने लगा और अपना लूँगी खोल कर साइड मे कर दिया और मॉम को बोला लेट जाओ लूँगी पर मॉम कुछ भूंभूनाते हुए लूँगी पर लेट गयी वो मॉम की साड़ी को कमर तक उठा दिया. मॉम ने पैंटी भी नही पहन रखी थी. मम्मी बोली जल्दी करो रात हो रहा है. वो भी बिना देर किए मॉम के चुत पर अपना लंड रख कर एक ज़ोर का धक्का मारा मॉम के मूह से एक हल्की आ निकली. उसका लंड 8 इंच का होगा.लेकिन पूरा का पूरा लंड एक बार मे अंदर चला गया फिर वो मॉम को लगातार चोदने लगा

फिर वो मॉम को बोलने लगा की आज जब उसके चुचि दिख रहा था तो काई लोग उसके दुकान मे आए थे. फिर वो मॉम से बोला की तू एक काम करेगी तो मॉम सिसकारी भरते हुए बोली क्या काम है तो वो बोला की जानेमन एक पोलीस वाला बहुत परेशान कर रखा है मुझे वाहा दुकान लगाने से मना कर रखा है. आज उसने तुझे मेरे दुकान पर देखा है वो बस एक बार तेरे को चोदना चाहता है फिर वो मुझे परेशान नही किया करेगा.इतने मे मम्मी भड़क उठी बोली मैं तेरे को रंडी लगती हू क्या. इतने मे वो सब्ज़ीवल्ला अपना लंड अचानक से बाहर निकाल लिया तब तक मॉम पूरे जोश मे थी अचानक सब्जी वाला उठा और लूँगी मॉम के नीचे से घिच लिया और मॉम को ऐसे ही छोड़ कर जाने लगा फिर मों गिडगिडाने लगी तो वो बोला मानती है या नही तो वो बोली हा.

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